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सीएम को पीड़ा सुनाई, अफसर मानते नहीं, मंत्री सुनते, जनता हमें कोस रही है

जोधपुर। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पूरी तरह चुनाव की तैयारी में जुट गई है। उन्होंने रुठे कार्यकर्ताओं को मनाना शुरू कर दिया है। इस कड़ी में सीएम राजे ने शनिवार को अपने चार साल के कार्यकाल में पहली बार जोधपुर में भाजपा पदाधिकारियों की बैठक ली। बैठक में पदाधिकारियों ने अपनी पीड़ा सुनाई। कहा कि प्रशासनिक अफसर उनकी मानते नहीं है, मंत्री उनकी कोई सुनवाई नहीं करते। जनता हमें कोसती है। बजरी खनन पर लगी रोक को लेकर जनता हमें खरी-खोटी सुनाती है। 
इस पर मुख्यमंत्री ने सभी को आश्वस्त करते हुए उचित समाधान का भरोसा दिलाया। उन्होंने चुनावी वर्ष के मद्देनजर पार्टी पदाधिकारियों को बूथ पर जाकर काम में जुटने को कहा।मुख्यमंत्री ने यहां सर्किट हाउस में करीब सवा घंटे तक भाजपा के शहर, देहात व फलोदी जिलाध्यक्षों, जिला महामंत्री व मंडल अध्यक्षों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि कोई गिला-शिकवा हो तो बताएं। इस पर पदाधिकारियों ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी उन्हें तवज्जो नहीं देते हैं। इससे जनता में गलत संदेश जा रहा है।बैठक में मौजूद अधिकतर पदाधिकारियों ने अपनों के स्थानांतरण की बात रखी। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए वे किसी विधायक या मंत्री के पास नहीं जाएं। जिलाध्यक्ष के मार्फत प्रदेशाध्यक्ष तक पत्र पहुंचाएं। महामंत्री व मंडल अध्यक्षों ने कहा कि उनके क्षेत्र में कई बार बड़े मंत्री के आने तक की सूचना नहीं होती। इसके बाद पार्टी उलाहना देती है कि पदाधिकारियों ने तैयारियां नहीं की।पदाधिकारी बोले-बजरी के लिए जनता हमें कोस रही
पदाधिकारियों ने बजरी पर रोक के मुद्दे को लेकर कहा कि जनता उन्हें कोस रही है। सीएम ने कहा कि इस समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा। उन्होंने विशेषतौर से पार्टी पदाधिकारियों को बूथ पर प्रवास करने को कहा। जनता को पार्टी के कामकाज से रूबरू करवाने की बात कही। बैठक के बाद पार्टी पदाधिकारियों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी।जलदाय मंत्री गोयल मीटिंग से बाहर भेजा 
सीएम के पास जिले के शहर, देहात व फलोदी जिलाध्यक्षों की कुर्सियां लगी थीं। कुछ देर के लिए फलोदी जिलाध्यक्ष रेवतसिंह राजपुरोहित बाहर चले गए। इस दौरान जलदाय मंत्री सुरेन्द्र गोयल उनकी कुर्सी पर आकर बैठ गए। फलोदी जिलाध्यक्ष रेवतसिंह के लौटने पर सीएम ने मंत्री गोयल को बाहर जाने को कहा। उन्होंने कहा कि यह बैठक केवल संगठन की है। इसके पर गोयल बाहर चले गए।पांच घंटे तक जोधपुर रुकी सीएम
मुख्यमंत्री शनिवार को जोधपुर में करीब पांच घंटे रुकीं। वे विशेष विमान से 11 बजकर 20 मिनट पर जोधपुर एयरपोर्ट पहुंचीं। वहां से सीधे सर्किट हाउस आईं। यहां उन्हें महिला पुलिस की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद वे सीधे सर्किट हाउस के कक्ष में बैठक लेने पहुुंच गई। करीब सवा घंटे उन्होंने भाजपा पदाधिकारियों से संवाद किया। इसके बाद एक निजी समारोह में भाग लेने चली गईं। मुख्यमंत्री वहां से पुन: सर्किट हाउस पहुंची। यहां मौजूद जनप्रतिनिधियों व आमजन से मिलने के बाद उन्होंने लंच लिया और करीब शाम 4 बजकर 5 मिनट पर सर्किट हाउस से एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गईं।

रामनवमी आज, घर-घर हुआ बटुक पूजन

जयपुर। चैत्र शुक्ल के नवरात्रा समापन पर रविवार को हवन और कन्या भोजन के साथ नवरात्र का समापन हुआ। घर-घर में अष्टमी और नवमी पर माता की ज्योत लेकर पूजा की। कन्या बटुकों को भोजन करवाया गया। इसके बाद मंदिरों में रामनवमी का पूजन किया गया। 
अष्टमी और नवमी एक होने पर लोगों ने व्रत भी रखा। कन्याओं को भोजन करवाया गया।

पौराणिक तीर्थ स्थल श्री गलताजी में रामनवमी पर रविवार को पांच सदियों पुरानी वैदिक परंपरा के तहत रामलला रामलला विग्रह रूप में शोभायात्रा निकाली गई। गलता पीठाधीश्वर संपत कुमार अवधेशाचार्य ने बताया कि गलता तीर्थ में नवमी पर रविवार सुबह 10 बजे सीतारामजी, रघुनाथ जी, रामनिवास जी और रामलला जी के विग्रह रूप शोभायात्रा के रूप में श्री निवास बालाजी मंदिर पहुंचें। शोभायात्रा में प्रभु श्री निवास, श्री देवी और भूदेवी का धातु विग्रह रूप भी शामिल किया गया। शहर के चांदपोल बाजार स्थित राम मंदिर में दोपहर 12 बजे मध्याह आरती के साथ रामजन्मोत्सव मनाया गया। 

राहुल गांधी ने ख्वाजा गरीब नवाज के भेजी चादर, पायलट ने चढ़ाई

अजमेर। ख्वाजा गरीब नवाज के 806वें उर्स के मौके पर रविवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की ओर से दरगाह में चादर पेश कर देश में अमन, चैन व शांति की दुआ मांगी गई। राहुल गांधी की ओर से चादर लेकर पीसीसी चीफ सचिन पायलट, कांग्रेस राजस्थान प्रभारी विवेक बंसल, ऑल इण्डिया कांग्रेस के सचिव देवेंद्र यादव और सांसद रघु शर्मा सहित स्थानीय नेता दरगाह पहुंचे। गरीब नवाज की मजार पर चादर पेश करने के बाद राहुल गांधी की ओर से भेजा गया सन्देश भी पढ़ा गया। संदेश पीसीसी चीफ सचिन पायलट ने पढ़ा।

अपने सन्देश में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सभी देशवासियों को उर्स की मुबारकबाद देते हुए देश में अमन चैन और शांति बनी रहे इसको लेकर कामना की। वहीं राहुल गांधी ने संदेश में कहा कि महान सूफी संत गरीब नवाज ने जिस तरह अपने जीवन में प्यार मोहब्बत व भाईचारे का पैगाम दिया उसी तरह हमें भी उनके बताए मार्ग पर चलना चाहिए।

राहुल गांधी से पूर्व ख्वाजा के दर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राज्यपाल कल्याण सिंह, सीएम वसुंधरा राजे और केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी समेत कई राजनेताओं और अन्य हस्तियों की ओर से चादर पेश की जा चुकी है. प्रधानमंत्री की ओर भेजी गई चादर को लेकर केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी आए थे. इस दौरान नकवी ने प्रधानमंत्री का संदेश पढ़कर सुनाया था।

जनता ने नकारा तो मुख्यमंत्री को कार्यकर्ता याद आए : पायलट

जयपुर। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट ने भाजपा नेताओं द्वारा मुख्यमंत्री को उनकी अनसुनी किए जाने की पीड़ा सुनाए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिस सरकार ने अपनी पार्टी के लोगों की ही अनदेखी की है, उसने प्रदेश की जनता को कितना निराश किया होगा इसका अंदाजा स्वत: ही लग जाता है।

पायलट ने कहा कि सूत्रों से पता चला है कि कल जोधपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री को भाजपा पदाधिकारियों ने अपनी पीड़ा सुनाई, जिसमें भाजपा पदाधिकारियों ने अधिकारियों व मंत्रियों द्वारा तवज्जो नहीं दिए जाने की शिकायत मुख्यमंत्री से की है, जिससे साफ पता चलता है कि भाजपा सरकार में भाजपा के लोगों तक की सुनवाई नहीं हो रही है, जबकि प्रदेश की भाजपा सरकार झूठे दावे कर रही है कि आमजन के हित में काम किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा के राज में स्वहित साधने के अलावा कोई काम नहीं किया गया, यहां तक कि मंत्रियों ने अपनी जिम्मेदारी वाले जिलों तक की सुध नहीं ली, जिसकी वजह से आमजनता के सभी काम ठप पड़े हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने गत चार वर्षों में भ्रष्टाचार को संरक्षण देने के अलावा कोई और काम नहीं किया है। 

उन्होंने कहा कि हर मोर्चे पर विफल रहने वाली भाजपा सरकार की मुखिया जनता द्वारा नकारे जाने के बाद कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोल रही है, परंतु सच्चाई यह है कि जिस कार्यशैली के तहत भाजपा सरकार ने काम किया है, उसके कारण भाजपा के कार्यकर्ता जनता के बीच में जाकर नाकाम भाजपा सरकार की बात रखने में पूरी तरह से असहाय हैं और पार्टी के बड़े नेताओं, मंत्रियों व मुख्यमंत्री से निराश हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की विदाई को जनता आगामी विधानसभा चुनावों में सुनिश्चित करके रहेगी।

प्रसिद्ध भगवान महावीर जी का लक्खी मेला सोमवार से होगा चालू, तैयारियां देखी

(करौली)। श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी में आयोजित होने वाले लक्खी मेले की तैयारियां जोरों से चलने लगी है। कस्बे के मुख्य बाजार के मार्गों की सफाई की जा रही है। यात्रियों के रुकने व ठहरने की व्यवस्थाओं को अंतिम रुप दिया जा रहा है। 
मंदिर परिसर स्थित पूर्वी व पश्चिमी पांडाल में यात्रियों की बैठक व्यवस्था को लेकर विशाल पंडाल का निर्माण किया जा रहा है। मुख्य मंदिर की लाइटिंग व्यवस्था को दुरस्त किया जा रहा है। मंदिर के मुख्य गेट पर सजावटी रोशनी लगाकर साज सज्जा की जा रही है। मंदिर कमेटी के प्रबंधक नेमी कुमार पाटनी ने कहा बताया कि भगवान महावीर का वार्षिक लक्खी मेला 26 मार्च से 2 अप्रैल तक आयोजित हो रहा है। जिसमे लाखों श्रद्धालुओं देश व प्रदेश से पधारते हैं। यात्रियों के रोकने व ठहरने के लिए कस्बे की सभी धर्मशाला गेस्ट हाउसों में यात्रियों के रुकने की व्यवस्था की गई है । मंदिर परिसर में धार्मिक पूजन विधान आयोजनों के लिए विशेष पांडाल का निर्माण किया है। 
मेले की सुरक्षा व्यवस्था का भार राजस्थान पुलिस के 800 जवानों पर होगा जो चप्पे-चप्पे पर रहकर मेले को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराएंगे। भगवान महावीर की पावन भूमि पर आयोजित होने वाले इस मेले में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम पर धार्मिक प्रतिष्ठान संपन्न होंगे। जिसमें देशभर के जैन जैनोत्तर धार्मिक पूजा विधान कार्यक्रमों को संपन्न करेंगे । राजस्थान का प्रमुख सांप्रदायिक मेला जिसमें क्षेत्र की सभी जाति, धर्म ,वर्ण के लोग हिस्सा लेते हैं। वही लक्खी मेले की तैयारियों को लेकर शनिवार को राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के कार्यकारी प्रबंध संचालक पंकज कपूर व हिंडोन आगार के मुख्य प्रबंधक महावीर जी पहुंचे। जहां लक्खी मेले की यातायात व्यवस्था की जानकारी ली। और यात्रियों की सुविधाओं के लिए स्पेशल बसें चलाने की भी बात कही।कार्यकारी प्रबंधक पंकज कपूर ने कहा कि मेले में विभाग की ओर से यात्रियों को कोई भी असुविधा नहीं हो इसके लिए 60 बसें चलाई जायेगी। अगर यात्रियों की संख्या अधिक होती है तो प्रबंधन द्वारा अतिरिक्त बसें भी उपलब्ध करवाई जाएंगी।

CM ने राजकोट-अहमदाबाद जैसा श्री सत्य साई अस्पताल राजस्थान में खोलने का किया आग्रह

जयपुर। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा है कि सेवा करने के लिए व्यक्ति को किसी पदनाम की जरूरत नहीं होती है। मन में सेवा का भाव लेकर यह कार्य किया जा सकता है। मानव सेवा अपने आप में किसी साधना से कम नहीं है। व्यक्ति को अपने जीवन में कुछ समय सेवा कार्य में जरूर लगाना चाहिए।

राजे रविवार को श्री सत्य साई अस्पताल, राजकोट द्वारा श्री सत्य साई कॉलेज, जयपुर के परिसर में आयोजित निशुल्क हृदय रोग निदान शिविर को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि श्री सत्य साई बाबा द्वारा बताई गई पांच चीजों को जीवन में अपनाकर व्यक्ति स्वयं के साथ-साथ दूसरों के जीवन में भी बदलाव ला सकता है।

मुख्यमंत्री ने राजकोट एवं अहमदाबाद में स्थापित श्री सत्य साई अस्पताल जैसा ही एक अस्पताल राजस्थान में भी स्थापित करने का आग्रह श्री सत्य साई ट्रस्ट से जुड़े लोगों से किया, ताकि असहाय एवं जरूरतमंद लोगों को निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने आश्वस्त किया कि ट्रस्ट इस दिशा में कदम उठाए तो राज्य सरकार इसके लिए जमीन एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के लोगों में भी सेवाभाव की कोई कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ ऐसे नेक कार्य से उन्हें जोड़ने की है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्री सत्य साई के दर्शन एवं उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का मौका उन्हें भी मिला था। मानव मात्र की सेवा के लक्ष्य के साथ जो कार्य उन्होंने किए हैं, वे कार्य कोई साधारण व्यक्ति नहीं कर सकता। उनके आदर्शों को अपनाते हुए सत्य, अहिंसा और प्रेम के मार्ग पर चलते हुए सभी जाति और मजहब के लोगों को एक परिवार के रूप में जोड़कर हमारे भारतवर्ष का परचम पूरी दुनिया में फहराया जा सकता है।

राजे ने जयपुर में निशुल्क हृदय रोग शिविर आयोजित करने के लिए श्री सत्य साई अस्पताल राजकोट एवं इससे जुड़े राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीपति केएस झवेरी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से रोगियों के लिए किसी भी तरह की सुविधा प्रदान करने में कोई कमी नहीं रखी जाएगी।

विश्वविद्यालयों के वित्तीय प्रबंधन पर राज्यपाल खफा, सभी VC से जवाब मांगा

जयपुर। राज्य विश्वविद्यालयों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, केन्द्र व राज्य सरकार सहित विभिन्न स्त्रोतों से प्राप्त ग्राण्ट्स का समुचित उपयोग ना किये जाने पर राजस्थान के राज्यपाल व कुलाधिपति कल्याण सिंह ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए विश्वविद्यालयों में वित्तीय अनुशासन व वित्तीय प्रबंधन बनाने के लिए सख्त रूख दिखाया है। उन्होंने कुलपितियों को भेजे पत्र में अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए राज्य विश्वविद्यालयों में वित्तीय प्रबंधन के लिए समुचित उपाय न किये जाने पर कुलपतियों से जबाव मांगा है। कुलाधिपति ने वित्तीय मामलों में नियमित कार्यवाही करने के निर्देश भी कुलपतियों को दिये हैं। 
कुलाधिपति कल्याण सिंह को यह जानकारी मिली है कि विभिन्न स्त्रोतों से विश्वविद्यालयों को प्राप्त अनुदान राशि का पूरा-पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है। कुलपतियों को लिखे पत्र में कुलाधिपति सिंह ने यह भी उल्लेख कर दिया है कि कुलपतियों की हर काॅन्फ्रेन्स के एजेण्डा में इस विषय को स्थायी बिन्दु रखा जाये। 
राज्यपाल सिंह ने विश्वविद्यालयों से जवाब मांगा है कि उनके यहाॅ ग्रांट्स की राशि का उपयोग क्यों नहीं किया जा रहा है। राज्यपाल कल्याण सिंह ने राज्य के प्रत्येक विश्वविद्यालय से विभिन्न स्त्रोतों से गत तीन वर्षाें में प्राप्त ग्रांट्स के बारे में विस्तृत जानकारी भी मांगी है। कुलाधिपति ने कुलपतियों सेे अपने-अपने विश्वविद्यालयों की ग्रांट्स के बारे में वस्तुस्थिति 15 अप्रेल तक आवश्यकरूप से राजभवन भेजे जाने के लिए कहा है।
विश्वविद्यालयों ने राज्य सरकार, केन्द्र सरकार व यूजीसी को विभिन्न मदों में व्यय की गई धनराशि का यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट कब-कब भेजा है। शेष राशि का यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट किन कारणों से अभी तक नहीं भेजा गया है। राज्यपाल ने सभी बिंदुओं पर स्पष्ट जानकारी मांगी है। राज्यपाल ने कुलपतियों को इस विषय को गम्भीरता से लेने और विभिन्न स्त्रोतों से प्राप्त धनराशि के एक-एक पैसे का यथोचित उपयोग समयबद्ध तरीके से करने के लिए कहा है। उन्होंने इस प्रक्रिया को सतत् चालू रखें जाने के निर्देष भी विश्वविद्यालयों को दिये हैं। 
राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में वित्तीय अनुशासन बनाये रखने के लिए प्रत्येक विश्वविद्यालय में नियमित समीक्षा करने के लिए अपने स्तर पर एक कमेटी का गठन करने को कहा है। विभिन्न स्त्र्रोतों से प्राप्त ग्रांट की उपलब्धता व उसके समय पर समुचित उपयोग की सुनिश्चितता करने के लिए राज्यपाल ने विश्विविद्यालयों को निर्देश दिये है। 

अक्षय तृतीया व पीपल पूर्णिमा पर बाल विवाह रोकने के निर्देश

जयपुर। प्रदेशभर में बाल विवाह पर प्रभावी कार्रवाई के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह दीपक उप्रेती ने सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने 18 अप्रैल को अक्षय तृतीया एवं 29 अप्रैल को पीपल पूर्णिमा पर्व पर संभावित बाल विवाह को रोकने व बाल विवाह करने वालों के विरुद्ध बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

अतिरिक्त मुख्य सचिव उप्रेती ने बाल विवाह के प्रभावी रोकथाम के लिए ग्राम एवं तहसील स्तर पर पदस्थापित विभिन्न विभागों के कर्मचारियों, अधिकारियों, वृत्ताधिकारी, थानाधिकारी, पटवारियों, भू-अभिलेख निरीक्षकों, महिला अधिकार अभिकरणों एवं महिला बाल विकास के परियोजना अधिकारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षा विभाग के अध्यापकों, नगर परिषद एवं नगरपालिका के कर्मचारियों व जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों, सरपंचों तथा वार्ड पंचों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने एवं आमजन को जानकारी देकर उनमें जागृति लाने और दोनों पर्वों पर बाल विवाह रोके जाने की कार्रवाई में योगदान देने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि इसके लिए समाज की मानसिकता एवं सोच में परिवर्तन लाने के लिए मार्च माह से ही एक कार्ययोजना तैयार कर कार्रवाई अमल में लानी होगी।

उन्होंने बाल विवाह के प्रभावी रोकथाम के लिए जिला ब्लॉक व जिला स्तर पर गठित विभिन्न सहायता समूह, महिला समूह, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, साथिन, सहयोगिनी के कोर ग्रुप को सक्रिय करना, ऎसे व्यक्ति व समुदाय जो विवाह सम्पन्न कराने में सहयोगी हलवाई, बैण्डबाजा, पंडित, बाराती, पाण्डाल व टैंट लगाने वाले, ट्रांसपोर्ट इत्यादि पर बाल विवाह में सहयोग करने का आश्वासन लेना और उन्हें कानून की जानकारी देना, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ चेतना बैठकों का आयोजन करना, ग्रामसभाओं में सामूहिक रूप से बाल विवाह के दुष्प्रभावों की चर्चा करने व रोकथाम की कार्रवाई करना, किशोरियों, महिला समूहों, स्वयं सहायता समूहों व विभिन्न विभागों के कार्यकर्ताओं में स्वास्थ्य, वन, कृषि, समाज कल्याण, प्राथमिक शिक्षा विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर बैठक करने, विवाह के लिए छपने वाले निमंत्रण पत्र में वर-वधू की जन्म तारीख प्रिंट करने पर जोर देने सहित महत्वपूर्ण बिन्दुओं को कार्ययोजना में शामिल करने के आदेश दिए गए हैं।

राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत वृद्धि

जयपुर। मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे की पहल पर राज्य सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते तथा पेंशनरों की महंगाई राहत दर में 2 प्रतिशत की वृद्धि की है। महंगाई भत्ते एवं महंगाई राहत दर में यह वृद्धि 1 जनवरी, 2018 से लागू होगी। इस वृद्धि से लगभग 8 लाख कर्मचारी एवं 3.5 लाख पेंशनर्स लाभान्वित होंगे।

राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार के अनुरूप ही कर्मचारियों के महंगाई भत्ते तथा पेंशनरों की महंगाई राहत दर संशोधित कर वेतन और पेंशन का 7 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है। बढे़ हुए 2 प्रतिशत महंगाई भत्ते का लाभ राज्य कर्मचारियों के अतिरिक्त कार्य प्रभारित कर्मचारियों, पंचायत समिति, जिला परिषद कर्मचारियों तथा राज्य के पेंशनरों को भी देय होगा। 

जनवरी और फरवरी माह के बढ़े हुए महंगाई भत्ते की राशि संबंधित कर्मचारियों के सामान्य प्रावधायी निधि खाते में जमा की जायेगी तथा 1 मार्च, 2018 से महंगाई भत्ते का नकद भुगतान दिया जायेगा। पेंशनरों तथा 1 जनवरी, 2004 एवं उसके बाद नियुक्त राज्य कर्मचारियों को बढ़े हुए महंगाई भत्ते/महंगाई राहत का भुगतान नकद देय होगा। 

इस वृद्धि से राज्य सरकार पर चालू वित्तीय वर्ष में लगभग 957 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।
 

कोटा के हैंगिंग ब्रिज पर शुक्रवार से नहीं लगेगा टोल

कोटा । कोटा बूंदी सांसद ओम बिरला ने गुरूवार को केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर चम्बल नदी के ईस्टवेस्ट काॅरिडाॅर पर निर्मित हैंगिंग ब्रिज पर टोल टैक्स लेने के कारण आमजन के जनाक्रोश से अवगत करवाया। 
सांसद बिरला ने केन्द्रीय मंत्री से कहा कि हैंगिग ब्रिज बडी अपेक्षाओं के साथ बना है जो कोटा शहर को दुर्घटनामुक्त बनाने एवं सुगम यातायात के लिऐ महत्वपूर्ण परियोजना है लम्बे इंतजार के बाद हैंगिग ब्रिज पर यातायात शुरू होने के बाद अचानक उस पर गुजर रहे वाहनो से टोल टैक्स लागू कर दिया है। ब्रिज पर बडी संख्या में लोग घूमने भी जाते है।ऐसे में कोटा बूंदी की लाॅकल गेर वाणिज्यिक वाहनों से टोल टैक्स वसूल करना न्यायोचित नही हैै। केन्द्रीय मंत्री ने एन.एच.आई के चेयरमेन से लाॅकल गैर वाणिज्यिक वाहनों से टोल नही लेने के निर्देश दिए है । 
सांसद बिरला ने केंद्रीय मंत्री को कहा कि बिना किसी पूर्व तैयारी के इस प्रकार से टोल टेक्स लागू कर देने से हैंगिंग ब्रिज के दोनों ओर वाहनों की लम्बी-लम्बी कतारें लग गई हैं। टोल लगाने से पूर्व जो नाकोें पर जो तैयाॅरियाॅ होनी चाहिए वह भी नही है।इस पर केन्द्रीय मंत्री ने एनएचआई को टोल नाके पर पूरी तैयारियां करने के लिए कहा ताकि वाहन चालकों को कोई परेशानी नही हो। 

हैदराबाद-अजमेर एक्सप्रेस का ठहराव फुलेरा में : राठौड़

जयपुर टाइम्स
जयपुर (कासं.)। केन्द्रीय मंत्री और सांसद जयपुर ग्रामीण कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ के प्रयासों से हैदराबाद-अजमेर एक्सप्रेस को जयपुर तक किये जाने और उसका ठहराव फुलेरा में होने पर कर्नल राज्यवर्धन ने केन्द्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल को धन्यवाद देकर हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इससे आम जन, नौकरीपेशा, व्यवसायियों और तीर्थयात्रियों को आवागमन में काफी सुविधा होगी। गौरतलब है कि पूर्व में कर्नल राज्यवर्धन व क्षेत्रीय विधायक निर्मल कुमावत ने फुलेरा की जनता की परेशानी को देखते हुए इसपर विचार विमर्श किया और कर्नल राज्यवर्धन ने केन्द्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल से मिलकर समस्या समाधान के लिए मुलाकात की थी, जिस पर उन्होंने हैदराबाद- अजमेर एक्सप्रेस को जयपुर तक चलाने और फुलेरा में ठहराव का आश्वासन दिया था। परिणाम स्वरूप यह ट्रेन अब जयपुर तक चलेगी और इसका ठहराव फुलेरा में भी होगा। पूर्व में भी कर्नल राज्यवर्धन ने जनता को राहत पहुंचाते हुए फुलेरा एवं रेनवाल में ट्रेनों का ठहराव शुरू करवाया था साथ ही सांभर में भी ट्रेनों के ठहराव के लिए विचार-विमर्श किया जा रहा है। हैदराबाद-अजमेर एक्सप्रेस का ठहराव फुलेरा में करवाने पर क्षेत्रीय विधायक निर्मल कुमावत, जनप्रतिनिधि एवं भाजपा संगठन कार्यकता, दैनिक रेल यात्री महासंघ फुलेरा, दैनिक यात्री संघ, व्यापार महासंघ, पेंशनस समाज, मण्डल रेलवे उपयोगकर्ता सलाहकार समिति के सदस्यों आदि ने अपने सांसद का आभार व्यक्त कर धन्यवाद दिया।