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करीब 20 घण्‍टे तक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र की मोर्चरी में पड़ा रहा शव कई दौर की समझाइश व लिखित आश्वासन के बाद बनी सहमति।

ByPrateek Sharma

Jun 27, 2021

करीब 20 घण्‍टे तक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र की मोर्चरी में पड़ा रहा शव कई दौर की समझाइश व लिखित आश्वासन के बाद बनी सहमति
बीदासर 27 जून। बरसाती पानी में करंट आने से रास्ते चल रहे एक अधेड़ की करंट लगने से हुई मौत पर अपनी राजनीति चमकाने वाले नेताओं ने रविवार को जमकर राजनीति की तथा नियम विरूद्ध अनीतिगत मांगे रखकर जिद्द पर अड़ गए। मौत को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर काफी संख्या में ग्रामीणों का जमावड़ा होने से प्रशासन भी सतर्क हो गया तथा तीन थानों की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई व स्थिति पर नजर बनाए रखी। प्रशासन द्वारा बराबर परिजनों, उपस्थित लोगों, युवा नेता विवेक माचरा, बेरासर सरपंच रामेश्वर दूसाद व बरजांगसर सरपंच प्रतिनिधि रामनारायण के साथ समझाइश की गई, परंतु वो अपनी मांगों पर अड़े रहे।
घटनाक्रम के अनुसार शनिवार की शाम को कस्बे के महिला मण्डल के सामने मुख्य सड़क मार्ग पर बरसाती पानी में करंट आने से रास्ते पर चल रहे कुणनाराम जाट उम्र 52 वर्ष निवासी बरजांगसर हाल निवासी बीदासर की करंट लगने से मौत हो गई थी। मृतक के शव को कस्बे के राजकीय टांटिया सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया। वहां पर भी चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मौके पर पहुंचे उपखण्ड अधिकारी व पुलिस थाना प्रभारी ने मृतक के परिजनों को समझाइश कर विभागीय नियमानुसार मुआवजा दिलवाने का विश्वास दिलाया तथा परिजनों से पोस्टमार्टम करवाने को कहा। परिजन उस बात को मान गए और मृतक के लड़के ओमप्रकाश ने पुलिस को पंचनामा पोस्टमार्टम करवाने के लिए लिखकर दिया। जब परिजनों से शव ले जाने के लिए कहा गया तो एकाएक उन्होंने शव ले जाने से मना कर दिया। क्योंकि अपनी राजनीति चमकाने वाले नेताओं के उनके पास फोन आ गए थे। रविवार को सुबह 7 बजे से ही ग्रामीणों का आना शुरू हो गया। कुछ ही देर में काफी संख्या में ग्रामीण स्वास्थ्य केन्द्र पर जमा हो गए तथा अपनी राजनीति चमकाने नेता भी आ गए। स्थिति की गम्भीरता को देखते हुए प्रशासन ने छापर व साण्डवा पुलिस को भी बुला लिया। बीदासर पुलिस पहले से ही मौजूद थी। मौके पर उपखण्ड अधिकारी श्योराम वर्मा, डिप्टी रामप्रताप विश्नोई, बीदासर पुलिस थाना प्रभारी सत्येन्द्र कुमार, विद्युत विभाग के अधिशाषी अभियंता डीसी श्योराण, सहायक अभियंता अनिल बरवड़ व कांग्रेस के विद्याधर बेनीवाल, प्रधान संतोष मेघवाल ने परिजनों व ग्रामवासियों तथा उनके नेताओं से बातचीत कर समझाइश शुरू की परंतु वो अपनी जिद्द पर अड़े रहे। उन्होंने मृतक के परिवार को 20-25 लाख रुपये मुआवजा देने, एक लड़के को सरकारी नौकरी देने व सहायक अभियंता व कनिष्ठ अभियंता के खिलाफ लापरवाही  बरतने का मुकदमा दर्ज करने की मांग करने लगे। कई दौर की बातचीत व रस्साकस्सी के पश्चात् प्रशासन व विभागीय अधिकारियों द्वारा स्पष्ट रूप से कहा गया कि विभागीय नियमों के अनुसार मृतक के परिवार को 5 लाख तक का मुआवजा दस्तावेज पेश करने के 15 दिनों के अंदर दिलवा दिया जाएगा तथा सहायक अभियंता व कनिष्ठ अभियंता के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है। इसके अलावा हम कुछ भी नहीं कर सकते क्योंकि हम भी नियमों में बंधे हुए हैं। इसके पश्चात् अधिशाषी अभियंता द्वारा लिखित में 5 लाख का मुआवजा देने का आश्वासन दिया जिस पर सभी सहमत हो गए और दोपहर करीब एक बजे परिजन मृतक के शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर चले गए।

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