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पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं थार के गांधी दौलतराम सारण की 10 वीं पुण्य तिथि पर होंगे अनेक कार्यक्रम

ByKhushbu Jain

Jul 1, 2021

सरदारशहर। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं थार के गांधी दौलतराम सारण की 10 वीं पुण्य तिथि पर शुक्रवार 2 जुलाई को अनेक कार्यक्रमों का आयोजन चेतना घाट पर आयोजित किए जायेंगे। कार्यक्रम में उनके पुत्र कृष्णकुमार सारण प्रदेश अध्यक्ष राष्ट्रीय लोकदल तथा राजस्थान किसान यूनियन उपस्थित रहेंगे। कृष्णकुमार सारण ने बताया कि कार्यक्रम में देश की वर्तमान स्थिति में आदर्श जन नेताओं के कमी के कारण पर विस्तार से चर्चा होगी। साथ ही वर्तमान में देश में चल रहे किसान आंदोलन को मजबूत करने पर भी चर्चा होगी। स्वंत्रता सेनानी रहे दौलतराम सारण ने देश की आजादी के साथ देश के पिछड़े वंचित ग्रामीणों को मुख्य धारा में जोड़ने के लिए शिक्षा की अलख जगाने के लिए 287 स्कूलें बीकानेर संभाग में बहुत विपरीत परस्थिति में पैदल जाकर झोपड़ियों में खोली थी। भूमि का मालिकाना हक दिलाने के लिए कानून का आधार तैयार किया। जिसे किसानों के मसीहा चौधरी कुम्भाराम आर्य ने लागू किया। पंचायत राज कानून बनाकर 2 अक्टूबर 1959 को नागौर से पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के द्वारा राज्य में लागू किया गया। जिसे देश के सर्वश्रेष्ठ कानून कहा गया। राजस्थान नहर के निर्माण में बहुत बड़ा योगदान रहा। लेवी हटाने के लिए राजस्थान का सबसे बड़ा आंदोलन कर देश की प्रथम किसान यूनियन राजस्थान किसान यूनियन के नाम से 1974 में बनाई गई। बिजली की फ्लैट रेट तथा 37 अन्य मांगों के लिए 1978 में बहुत बड़ा आंदोलन कर बिजली की फ्लैट रेट, डेयरी में दूध की कीमत तय करने सहित मांगे मनवाई गई। कृषि मंडियों की स्थापना प्रदेश भर में करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महिलाओं को जाग्रत करने के लिए अंगूठा मिटाओ घूंघट हटाओ जैसे अभियान जीवनभर चलाए। पेड़ लगाने का कार्य जीवनभर कर अनगिनत पेड़ पुरे प्रदेश में लगवाए गये। गांवो में सफाई अभियान चलाकर स्वच्छ जीवन की प्रेरणा देने का कार्य किया। छुआछूत मिटाने के लिए अद्भुत कार्यक्रम चलाए जिसमे राजनीतिक तथा सामाजिक कार्य शामिल है। देश में सामान्य सीट पर रावतराम आर्य को पहला तहसील सरपंच फिर प्रथम प्रधान बनाया। बीकानेर संभाग की सभी तहसीलों पर किसान छात्रावास बनाने में अग्रणी सारण ने सर्व जातियों को उत्थान के लिए अदभुत कार्य किए। राजनीति में विधायक व राज्य में 10 वर्ष मंत्री रहे। अनेक बार सांसद सदस्य रहे तथा बीकानेर संभाग के एक मात्र केंद्रीय कैबिनेट मंत्री बने। सारा जीवन बहुत ईमानदारी से बिताने वाले बिरले नेताओं में शुमार दौलतराम सारण के नाम की ईमानदारी की कसमें पूरे राजस्थान में प्रचलित है।

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