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अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचे फसल बीमा योजना का लाभ: वर्मा जिला कलक्टर साँवर मल वर्मा ने बीमा प्रचार रथों को दिखाई हरी झंडी, गांवों में जाएंगे प्रचार रथ

ByRameshwar Lal

Jul 2, 2021


जयपुर टाइम्स
चूरू(निसं.)। जिला कलक्टर साँवर मल वर्मा ने कहा है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचे, इसके लिए जरूरी है कि बीमा योजना से जुड़ी जानकारी प्रत्येक किसान तक पहुंचे। जिला कलक्टर ने गुरुवार को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए इन्श्योरेंस कंपनी की ओर से बीमा रथों को गांवों के लिए रवानगी के अवसर पर यह बात कही। जिला कलक्टर ने हरी झंडी दिखाकर बीमा रथों को रवाना किया। इस दौरान कृषि उपनिदेशक दीपक कपिला, बीमा कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक संतोष गिरी, कृषि अधिकारी कुलदीप शर्मा, सहायक निदेशक (जनसम्पर्क) कुमार अजय आदि मौजूद थे। जिला कलक्टर ने कहा कि पात्र किसान बीमा के लाभ से वंचित नहीं रहने चाहिए। बीमा रथ वर्तमान में जारी अधिसूचना के अनुसार खरीफ 2021 के लिए योजना का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार करें ताकि ज्यादा से ज्यादा इच्छुक किसानों को बीमा योजना का लाभ मिल सके। जिला कलक्टर ने बताया कि रबी 2017-18, खरीफ 2018 तथा रबी 2018-19 के बकाया प्रकरणों के निस्तारण के लिए बीमा कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक को निर्देश दिए गए हैं कि वे बीमा प्रिमियम जमा कराने के बावजूद क्लेम से वंचित किसानों की सूची 2 जुलाई तक एलडीएम को उपलब्ध करवाएंगे। एलडीएम 20 जुलाई तक वंचित रहने के कारण एवं की गई कार्यवाही से अवगत करवाएंगे। रबी 2018-19 में जिन किसानों का प्रीमियम लौटाया गया, उनके संबंध में 10 जुलाई तक विस्तृत रिर्पोट मांगी गई है।
31 जुलाई तक करा सकेंगे बीमा
कृषि उपनिदेशक दीपक कपिला ने बताया कि खरीफ 2021 के लिए राज्य सरकार की ओर से हाल ही में अधिसूचना जारी की गई है। खरीफ फसलों के लिए 31 जुलाई तक ऋणी व गैर ऋणी किसानों द्वारा बीमा कराया जा सकता है। यदि ऋणी किसान बीमा नहीं लेना चाहें तो उन्हें 24 जुलाई तक अपने बैंक को इससे अवगत कराना होगा। अंतिम तिथि से दो दिन पहले तक फसल में बदलाव की सूचना देनी अनिवार्य होगी। गैर ऋणी किसान ई मित्र के जरिए 31 जुलाई तक अपना बीमा करवा सकते हैं। आवेदनों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है, जिसके अनुसार संबंधित गिरदावर या पटवारी, कृषि पर्यवेक्षक या सहायक कृषि अधिकारी तथा बीमा कंपनी के प्रतिनिधि समिति में रहेंगे। गैर ऋणी किसानों को स्वप्रमाणित जमाबंदी के स्थान पर पटवारी, गिरदावर या तहसीलदार से सत्यापित जमाबंदी उपलब्ध करानी होगी।

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