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मेंटली स्ट्रॉन्ग रहने की कोशिश : रोहित शेट्टी

ByRameshwar Lal

Jul 14, 2021

सूर्यवंशी के रिलीज पर रोहित कहते हैं, “बतौर प्रोड्यूसर, फाइनेंसर मैं अब इस फिल्म को मेंटली होल्ड कर रहा हूं। सच कहूं तो एक इंसानियत के तौर पर भी मैं इस फिल्म को होल्ड कर रहा हूं क्योंकि मुझे भी नहीं समझ आ रहा है कि इस वक्त क्या डिसिजन लेना चाहिए। फिल्म को बनकर पूरे 16 महीने हो चुके हैं और आगे भी क्या होने वाला है ये किसी को नहीं पता। थिएटर कब खुलेंगे, इसका किसी के पास कोई जवाब नहीं है। इसी तरह ‘सूर्यवंशी’ कब रिलीज होगी, इसका मेरे पास फिलहाल कोई जवाब नहीं है। यकीन मानिए, अब मैं इस बारे में सोच भी नहीं रहा हूं, मेंटली स्ट्रॉन्ग रहने की पूरी कोशिश कर रहा हूं।”

जो बाकी नहीं कर पाए वो हमने कर लिया
बतौर फिल्ममेकर, लॉकडाउन के दौरान आई चुनौतियों के बारे में रोहित कहते हैं, “बाकी सब की तरह मेरे लिए भी यह थोड़ा मुश्किल ही रहा है, कुछ चीज़ें प्लान की थीं वो पोस्टपोन हो गया। इसी बीच, खुद को लकी भी मानता हूं कि इस महामारी के दौरान मैंने एक नहीं बल्कि खतरों के खिलाड़ी के दो सीजन शूट किए। महामारी के बीच हमने एक फिल्म- सर्कस भी बना ली। खुश हूं कि सही सलामत रहकर हमने इतना सब कुछ कर लिया। जो बाकी नहीं कर पाए वो इस पिछले डेढ़ साल में हमने कर लिया।”

जब सही वक्त आएगा तब रिलीज के बारे में सोचेंगे
पिछले कुछ महीनों में, कई बड़ी फिल्मों ने थिएटर की बजाए सीधे ओटीटी प्लेटफार्म पर दस्तक दी है। तो यदि आने वाले महीनों में थिएटर नहीं खुलते हैं तो क्या सूर्यवंशी को भी ओटीटी प्लेटफार्म पर रिलीज हो सकती है? इस बारे में रोहित कहते हैं, “अभी फ़िलहाल हमने इस बारे में नहीं सोचा है, मैं इस बारे में बिलकुल नहीं सोच रहा हूं क्योंकि किसी के पास वो दायरा या कैलकुलेशन है ही नहीं कि आगे आने वाले 2-3 महीनों में क्या होने वाला है। जब सही वक्त आएगा तब सूर्यवंशी के रिलीज के बारे में सोचेंगे, फ़िलहाल हर फैसला होल्ड पर रख दिया।”

डिसिप्लिन की वजह से ही वक्त पर शूट ख़त्म कर पाए
रोहित पिछले कई सालों से ‘खतरों के खिलाड़ी’ का हिस्सा हैं। शो का 11वां सीजन केपटाउन में शूट हुआ था। कोरोना महामारी के बीच शूटिंग करने के अनुभव के बारे में फिल्ममेकर बताते हैं, “इस बार हमने बहुत डिसिप्लिन में रहकर शूट किया। तक़रीबन 45 दिनों का ये सफर आसान नहीं था। हर पांच दिन में हमारा कोविड टेस्ट होता था, दूसरी बात आप एक एयर बबल में रहते थे या तो आप शूट कर रहे हैं या तो अपने होटल में वक्त बिता रहे हैं। आप कहीं भी बाहर नहीं जा सकते। तीसरा हर दूसरे सेकंड हमारे हाथों का सेनिटाइज़ेशन होता था। इन सब डिसिप्लिन को फॉलो करने की वजह से ही हम वक्त पर शूट ख़त्म कर पाए बिना किसी एक भी कोविड केस के। ये हम सभी के लिए बहुत बड़ी बात है।”

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