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G7 मीटिंग:बाइडेन बोले- चीन से टकराव नहीं चाहते, लेकिन मामले सीधे डील करेंगे; जहां सहयोग की गुंजाइश होगी- वहां सहयोग भी करेंगे

ByRameshwar Lal

Jun 14, 2021

G7 मीटिंग रविवार को खत्म हो गई। आखिरी दिन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने चीन को लेकर तल्ख तेवर अख्तियार किए। बाइडेन ने कहा- अब आप देखेंगे कि हम चीन के साथ सीधे डील करेंगे। यह बात खुद मैं शी जिनपिंग को भी बता चुका हूं। हम टकराव नहीं चाहते। जहां सहयोग कर सकते हैं, वहां जरूर करेंगे। और जहां असहमति होगी, वहां इसका एक्शन्स के जरिए जवाब दिया जाएगा।

तीन दिन चली इस मीटिंग में कई मुद्दों पर सात बड़ी इकोनॉमीज ने विचार साझा किए। इसमें खास तौर पर महमारी और इसके बाद दुनिया में आने वाले बदलाव शामिल हैं। क्लाइमेंट, ट्रेड और ग्लोबल वैक्सीनेशन पर भी विचार हुआ। भारत, ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका भी इस मीटिंग का हिस्सा बने। हालांकि, तीनों ही देश G7 के स्थायी सदस्य नहीं हैं। दूसरी तरफ चीन ने भी G7 देशों को चेतावनी जारी की है।

चीन ही रहा केंद्र में
समिट के बाद मीडिया से बातचीत में बाइडेन ने कहा- दुनिया को मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर की जरूरत है और हम इसे तैयार करने जा रहे हैं। हम चाहते हैं कि लोकतांत्रिक देश एक साथ आएं और एक बेहतर दुनिया बनाने में मदद करें। हम तानाशाही के बजाए लोकतांत्रिक मूल्यों को जगह देना चाहते हैं। डेमोक्रेसी एक खूबसूरत तरीका है, इस दुनिया को बेहतर बनाने के लिए। हमने ग्लोबल वैक्सीनेशन प्रोग्राम के लिए एक करोड़ डोज देने का वादा किया है। इससे जुड़ी जानकारियां जल्द ही सामने आएंगी।

बाइडेन के साथ मौजूद ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा- दुनिया को यह समझाने का वक्त है कि लोकतंत्र से कितने फायदे होते हैं और दुनिया के लिए कितने बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। क्लाइमेट चेंज के मुद्दे पर हम एक साथ हैं और इसको लेकर सही कदम उठाए जाएंगे।

चीन की चेतावनी
एक तरफ जहां G7 नेता चीन से निपटने की रणनीति तैयार कर रहे थे, वहीं उसने इन देशों को सीधी चेतावनी दे दी। लंदन स्थित चीनी एम्बेसी के प्रवक्ता ने कहा- अब वो वक्त नहीं रहा जब चंद देश पूरी दुनिया की किस्मत का फैसला करते थे। आज सभी देश बराबर हैं। यह मायने नहीं रखता कि कोई देश अमीर, गरीब, छोटा या बड़ा है। हमारी नजर में सब बराबर हैं।

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