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PAK में बजट पेश:3 साल में चौथे वित्त मंत्री शौकत तरीन का टैक्स कलेक्शन बढ़ाने पर फोकस; अपोजिशन ने- गो नियाजी गो के नारे लगाए

ByRameshwar Lal

Jun 12, 2021

पाकिस्तान की इमरान खान ने शुक्रवार को संसद में अपना तीसरा बजट पेश किया। इस बार बजट पेश करने की जिम्मेदारी शौकत तरीन ने संभाली। वे पूर्व बैंकर हैं और इमरान खान सरकार के तीन साल में चौथे फाइनेंस मिनिस्टर हैं। तरीन ने कुल 8478 अरब पाकिस्तानी रुपए का बजट पेश किया। तीन साल पहले जब इमरान सत्ता में आए थे, तब उन्होंने टैक्स कलेक्शन 8 हजार अरब रुपए करने का वादा किया था। मजे की बात यह है कि इमरान के दौर में टैक्स कलेक्शन बढ़ने की बजाए 120 अरब रुपए कम हो गया।

बजट भाषण के दौरान, वित्त मंत्री तरीन ने इमरान खान के इकोनॉमिक विजन के कसीदे पढ़ने शुरू किए तो विपक्ष ने इसकी खिल्ली उड़ाते हुए ‘गो नियाजी गो’ के नारे लगाए। इमरान का पूरा नाम इमरान खान नियाजी है। इस दौरान विपक्षी सांसद हाथ में प्लेकार्ड्स लिए हुए थे। इन पर सरकार विरोधी नारे लिखे थे।


तरीन ने बजट में सरकारी कर्मचारियों को राहत देने का ऐलान किया। कहा- हम नौकरीपेशा लोगों पर कोई नया टैक्स नहीं लगा रहे हैं। छोटे कारोबारियों को राहत देने का फैसला किया है। अहसास कार्यक्रम के तहत अब तक 12 लाख लोगों को मदद पहुंचाई गई है। सरकार 50 हजार पाकिस्तानी रुपए तक के लोन पर बैंक गारंटी की व्यवस्था खत्म करने जा रही है।

3 साल में 4 वित्त मंत्री
इमरान खान जब सत्ता में आए तो सबसे पहले अपने खास दोस्त असद उमर को फाइनेंस मिनिस्टर बनाया। 7 महीने में ही उनकी काबिलियत पर सवाल उठने लगे। उनके पास पाकिस्तान के अलावा अमेरिका की भी नागरिकता थी। इसके बाद डॉक्टर अब्दुल हफीज शेख को फाइनेंस मिनिस्टर बनाया गया। वे भी नाकाम रहे। फिर हमाद अजहर को यह मंत्रालय सौंपा गया। अब पूर्व बैंकर शौकत तरीन को यह जिम्मा दिया गया है। वे शुगर मिल घोटाले में आरोपी है।

फौज को मायूसी होगी
पाकिस्तानी मीडिया में पिछले कुछ महीनों से लगातार खबरें आ रहीं हैं कि फौज इमरान सरकार के कामकाज से खुश नहीं है। फौज चाहती है कि भारत से कारोबार शुरू किया जाए। पिछले वित्त मंत्री हमाद अजहर ने अप्रैल में इसका ऐलान भी कर दिया। लेकिन, तब कैबिनेट मीटिंग में विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने इसका विरोध किया और इमरान ने एक और यू-टर्न लेते हुए इसे रद्द कर दिया। इतना ही नहीं हमाद को इस्तीफा भी देना पड़ा। आर्मी चीफ जनरल बाजवा चाहते थे अगर सीजफायर हो सकता है तो कारोबार क्यों नहीं हो सकता। लेकिन, इमरान और कुरैशी को लगता था कि इससे अवाम में गलत मैसेज जाएगा और विपक्ष हमलावर हो जाएगा।

पर्यावरण की फिक्र
तरीन ने कहा- क्लाइमेट चेंज पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा चैलेंज है और पाकिस्तान भी इससे अछूता नहीं है। लिहाजा, पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान दिया जा रहा है और इसी सिलसिले में हम इलेक्ट्रिक कारों को बढ़ावा देने जा रहे हैं। इनके मैन्यूफेक्चरर्स को टैक्स में बड़ी राहत दी जा रही है। कोविड-19 की वजह से ई-कॉमर्स सेक्टर की अहमियत एक बार फिर सामने आई है। सरकार इन प्लेटफॉर्म्स को भी राहत देगी ताकि लोग इनका ज्यादा इस्तेमाल कर सकें।

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