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चीन को चेतावनी:साउथ चाइना सी में पहली बार पहुंचेगा UK का HMS क्वीन एलिजाबेथ वॉरशिप; इंडियन नेवी के साथ युद्धाभ्यास भी करेगा

ByRameshwar Lal

Jun 29, 2021

इन्डो पैसेफिक इलाके में चीन पर नकेल कसने को लेकर UK का HMS क्वीन एलिजाबेथ कैरियर स्ट्राइक ग्रुप इंडियन नेवी के साथ फुल स्पैक्ट्रम एक्सरसाइज में हिस्सा लेगा। ये युद्ध अभ्यास पश्चिम बंगाल की खाड़ी में कोंकण वॉर गेम्स के तहत अगले महीने जुलाई में किया जाएगा। इस दौरान UK अपने पहले 65 हजार टन वजनी वॉरशिप की तैनाती साउथ चाइना सी में करेगा।

भारत और UK ने साउथ चाइना सी में ‘फ्रीडम ऑफ नेविगेशन’ को सुनिश्चित करने के लिए इन्डो पैसेफिक में सैन्य सहयोग करने का फैसला लिया है। इससे पहले इंडियन नेवी ने 23-24 जून को गोवा तट पर USS रोनाल्ड रीगन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के साथ अभ्यास किया। इसकी वजह निमित्ज क्लास वॉरशिप का साउथ चाइना सी में ऑपरेशनल तैनाती के पहले लौट आना था।

HMS एलिजाबेथ इराक-सीरिया बॉर्डर पर तैनात है
HMS एलिजाबेथ अभी एंटी ISIS ऑपरेशन के तहत इराक- सीरिया बॉर्डर पर UK और US के F-35B के स्टील्थ फाइटर के साथ तैनात है। इसमें दोनों देशों के अलावा नीदरलैंड के फ्रिगेट और पनडुब्बी भी शामिल है। वॉरशिप दक्षिण चीन सागर में नेविगेशन ऑपरेशन के लिए 22 मई को UK से रवाना हुआ है। वह 28 हफ्ते के लिए तैनात किया जाएगा

।एक दिन में कर सकता है 100 हमले
HMS एलिजाबेथ वॉरशिप को बनाने में 30 हजार करोड़ रुपए की लागत आई थी। इसकी लंबाई ‘हाउस ऑफ पार्लियामेंट’ से भी ज्यादा है। इसका वजन 65,000 टन (376 ब्लू व्हेल्स के बराबर) है। यह एक दिन में 108 हवाई हमले कर सकता है। HMS इलस्ट्रिअस का इस्तेमाल 2014 में बंद होने के बाद इसका उपयोग किया जाने लगा था। HMS क्वीन एलिजाबेथ को ब्रिटेन के हैम्पशर काउंटी के पोर्ट्समाउथ में तैयार किया गया था।

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