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महिलाओ को पढ़ने का मौका न मिलने पर, उठाये हथियार देश की रक्षा के लिए

ByRameshwar Lal

Jul 20, 2021

पिछले दो साल में कुर्दिश नागरिक सेना में सीरिया की 1,000 महिलाएं शामिल हुई हैं। इनमें से एक जिनाब सेरेकानिया (26) हैं। जिनाब ने कभी नहीं सोचा था कि वे नागरिक सेना में शामिल होंगी। जिनाब उत्तर-पूर्वी सीरिया के रास अल-अयन शहर में पली-बढ़ी थीं। वे पांच लोगों के परिवार में इकलौती लड़की थीं। उन्हें लड़ना और लड़कों के कपड़े पहनना अच्छा लगता था। लेकिन भाइयों की तरह स्कूल जाने का मौका नहीं मिला। फिर जिनाब मां के साथ सब्जियों के खेतों में काम करने लगी। तब एक बड़ी घटना ने जिनाब का जीवन बदल दिया।
अक्टूबर 2019 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की कि अमेरिकी सैनिक उत्तर-पूर्वी सीरिया छोड़ देंगे। यहां अमेरिकी सेना ने कुर्द सेना के साथ वर्षों तक गठबंधन किया था। ट्रम्प की घोषणा के बाद तुर्की को मौका मिल गया। उसने कुर्द सेनाओं के नियंत्रण वाले सीमाई शहरों में आक्रमण शुरू कर दिया। जिनाब कहती हैं- ‘हमारे आसपास बम गिरने लगे। हमारे परिवार ने रेगिस्तान में भागकर जान बचाई। वहीं से हमने अपने शहर को जलता देखा। हम गलियों में बिखरे पड़े शवों के बीच भाग रहे थे।
इस घटना ने भीतर तक हिला कर रख दिया। मैंने 2020 में मां से कहा कि मैं नागरिक सेना की महिला यूनिट में शामिल होना चाहती हूं। पहले मां नहीं मानी। मां ने कहा कि दो बेटे पहले से सेना में रहते हुए जोखिम में हैं। बेटी को कैसे भेजूं। इस पर मैंने कहा- ‘हमें हमारी धरती से निकाल दिया गया। हमें अपनी धरती की रक्षा करनी चाहिए। मां मान गई।’ जिनाब की तरह कई महिलाओं को तुर्की की घुसपैठ पर गुस्सा था। वे भी नागरिक सेना में शामिल हो गईं।

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