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जयपुर के निजी अस्पताल में वैक्सीनेशन, 50 अस्पतालों में हर दिन 1000 टीके लगाए जा रहे, 50 से ज्यादा जगहों पर लगाए जाएंगे कैंप

ByRameshwar Lal

Jun 25, 2021

जयपुर टाइम्स
जयपुर। कोरोना की दूसरी लहर ने पिछले दो महीनों में प्रदेश को हिलाकर रख दिया। अब तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए जयपुर में वैक्सीनेशन प्रक्रिया तेज की जाएगी। यहां 50 से ज्यादा निजी अस्पतालों को वैक्सीनेशन कैंप लगाने की अनुमति दी गई है। ऐसे में लोगों को वैक्सीनेशन में किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसलिए भास्कर अस्पतालों के नाम और कीमत पूरी जानकारी दे रहा है।
इन निजी अस्पतालों को वैक्सीनेशन की अनुमति
मरूधर हॉस्पिटल, चिरायु हॉस्पिटल, दीप हॉस्पिटल,आरएन मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल, मेक्सवेल हॉस्पिटल, सीतादेवी हॉस्पिटल, अभिषेक हॉस्पिटल, एक्सल केयर हॉस्पिटल, केकेएस यूरोलॉजी, बालाजी मल्टी स्पेशिलिटी, होली फैमिली हॉस्पिटल, सोमानी हॉस्पिटल, ईवा सुपर स्पेशिलिटी, यूनिक हॉस्पिटल, जयपुर फर्टिलिटी सेन्टर, बागड़ी हॉस्पिटल, सियाराम हॉस्पिटल, अपोलो स्पेक्ट्रा, ग्लोबल हार्ट हॉस्पिटल, मोनिलेक हॉस्पिटल, शेखावाटी हॉस्पिटल, एशियन सुपर स्पेशिलिटी, सुबेदार नानकसिंह मेमोरियल, निम्स मेडिकल कॉलेज, आदिनाथ ईएनटी, सूर्या मदर एण्ड चाइल्ड केयर, बंसल हॉस्पिटल, महाराजा अग्रसेन, इम्पीरियल, ज्योति नर्सिंग होम, खेतान हॉस्पिटल, सेवायतन हॉस्पिटल, क्रेडल चिल्डन को वैक्सीनेशन सेन्टर चलाने की अनुमति दी गई है।
फोर्टिस हॉस्पिटल, साकेत हॉस्पिटल, धनवंतरी अस्पताल, अमरजैन मेडिकल, प्रकाश अस्पताल, टैगौर हॉस्पिटल, जेएनयू, सीके बिड़ला, एचसीजी, महात्मा गांधी हॉस्पिटल, अपेक्स स्पर्श, रमैया सर्जिकल, एडवांस न्यूरो हॉस्पिटल, रूंगटा हॉस्पिटल, रिजन, नारायणा अस्पताल, धनवंतरी अस्पताल, अमर जैन मेडिकल, प्रकाश, एशियन कैंसर अस्पताल को वैक्सीनेशन सेंटर चलाने की अनुमति दी गई है।
ये है वैक्सीनेशन की टाइमिंग
सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे के बीच निजी अस्पतालों में टीके लगाए जा रहे हैं। ज्यादातर सभी अस्पतालों में कोवैक्सीन के साथ कोवीशील्ड वैक्सीन लगाई जा रही है। इनमें कोवैक्सीन की कीमत 1380 रुपए प्रति डोज और कोवीशील्ड की कीमत 780 रुपए है।
हॉस्पिटल परिसर और किसी अन्य जगह कैंप लगाकर वैक्सीन को भी मंजूरी
निजी अस्पतालों में वैक्सीनेशन को लेकर दो तरह की अनुमति दी गई है। इनमें पहली यह है कि वे अपने अस्पताल (2शह्म्द्म श्चद्यड्डष्द्ग) पर ही मरीजों को कोरोना का टीका लगाएंगे। दूसरा कुछ बड़े अस्पतालों को किसी सामाजिक संस्था, संगठन या किसी बड़े कार्यालयों में (2शह्म्द्म स्रद्गद्वड्डठ्ठस्र ड्डह्ल ह्यद्बद्दद्धह्ल) टीम भेजकर टीका लगाने की परमिशन भी दी गई है।
बड़े अस्पतालों को सीधे डिलीवरी शुरू कर दी
पहले केंद्र से वैक्सीन प्राप्त हो रही थी। ऐसे में निजी अस्पतालों ने केंद्र को पैसे जमा करवाकर सीएमएचओ कार्यालय से जरूरत के हिसाब से वैक्सीन खरीदनी शुरू कर दी थी। इसमें कम डिमांड वाले अस्पताल भी शामिल थे। बाद में, वैक्सीन की डिमांड पूरी नहीं होने, केंद्र व राज्य के बीच वैक्सीन आवंटन को लेकर खींचतान व अन्य कारणों से कई अस्पतालों में वैक्सीन नहीं पहुंच सकी। ऐसे में वहां वैक्सीन लगनी बंद हो गई। वहीं, वैक्सीन निर्माता कंपनियों ने भी कुछ बड़े अस्पतालों को डिमांड ज्यादा होने पर वैक्सीन बेचने लगे, लेकिन छोटे अस्पताल इससे वंचित रह गए।

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