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फोन टेपिंग केस पर सियासी भूचाल तय

ByRameshwar Lal

Jun 24, 2021

फोन टेपिंग केस में राजस्थान में सियासत तेज हो गई है। एक बार फिर इस मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। सरकार के मुख्य सचेतक महेश जोशी आज दिल्ली क्राइम ब्रांच के सामने पेश नहीं होंगे। जोशी ने कल ही दिल्ली क्राइम ब्रांच के जांच अधिकारी को सूचना भेज दी थी। जोशी को दिल्ली क्राइम ब्रांच ने आज 11 बजे पूछताछ के लिए बुलाया था लेकिन वे दिल्ली नहीं गए। महेश जोशी ने दिल्ली पुलिस के पूछताछ के लिए पेश होने के नोटिस की वैधानिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि एफआईआर में नाम नहीं है, नोटिस में आरोप मेंशन नहीं है, दिल्ली पुलिस को जवाब भेज दिया है, अन्य कानूनी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 19 जून को नोटिस जारी कर महेश जोशी को आज पूछताछ के लिए बुलाया था।महेश जोशी ने कहा- मेरा अब भी कहना है जिस टेप के आधार पर एफआईआर दर्ज करवाई थी उसमें आवाज गजेंद्र सिंह शेखावत की है। जिस केस में मुझे नोटिस भेजा उसमें ही 3 जून को नोटिस सर्व कर कोर्ट ने ओएसडी लोकेश को संरक्षण दिया है। गजेंद्र सिंह शेखावत को चुनौती देता हूं कि अगर खुद को पाक साफ मानते हैं तो सीबीआई के सामने हाजिर होकर वॉइस सेंपल दें। कुल मिलाकर लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार को गिराने की साजिश में असफल होने पर इस तरह के नोटिस देकर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।जोशी ने कहा, गजेंद्र सिंह यहां आरोपी हैं, कुल मिलाकर उल्टा चोर कोतवाल को डांटने वाला मामला है। गजेंद्र सिंह यहां सैम्पल नहीं दे रहे हैं और वहां गुर्रा रहे हैं। पूरी पटकथा एक षडयंत्र है। सरकार को अस्थिर करने की कोशिश तो शुरू से ही हो रही है। चुनी हुई सरकार को गिराने की साजिश में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह मुख्य किरदार के रूप में सामने आए, पीएम को उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त करना चाहिए लेकिन नहीं किया। अब तो ऐसा लग रहा है कि पीएम और गृहमंत्री ने मंत्री गजेंद्र सिंह को बचाने का जिम्मा दिल्ली पुलिस को दे दिया है। टेपिंग को लेकर गजेंद्र सिंह ने एफआईआर दर्ज कराई आखिर उनकी आवाज को लेकर हलफनामा दिल्ली पुलिस को मांगना चहिए था।छले साल सचिन पायलट खेमे की बगावत के वक्त गहलोत खेमे ने 15—16 जुलाई को तीन ऑडियो टेप जारी किए थे। इन ऑडियो टेप में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और कांग्रेस विधायक भंवरलाल शर्मा, तत्कालीन पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह और एक अन्य व्यक्ति के बीच बातचीत का दावा किया गया। उस वक्त गहलोत खेमे ने विधायकों की खरीद फरोख्त का आरोप लगाया। महेश जोशी ने ऑडियो टेप के आधार पर एसीबी और एसओजी में केस दर्ज करवाया, गजेंद्र सिंह शेखावत और कई लोगों को आरोपी बनाया। एसओजी और एसीबी की टीम गजेंद्र सिंह शेखावत, भंवरलाल शतर्मा और विश्वेंद्र सिंह के वॉइस सैंपल लेने भी गई थी, उस वक्त टीम केा सफलता नहीं मिली। महीने भर चली खींचतान के बाद में 11 अगस्त 2020 को पायलट खेमे से सुलह हो गई तो एसीबी और एसओजी के केस भी ठंडे बस्ते में डाल दिए।

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