• Wed. Aug 10th, 2022

महेश जोशी ने कहा- गजेंद्र सिंह जनता की निगाह में भगौड़े; बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष पूनिया बोले- 2023 के बाद कांग्रेसियों को नारा लगाने का मौका नहीं मिलेगा

ByRameshwar Lal

Jun 25, 2021

जयपुर टाइम्स
जयपुर। फोन टेपिंग मामले में सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी को दिल्ली क्राइम ब्रांच का नोटिस मिलने और जोशी के नहीं जाने पर अब कांग्रेस-बीजेपी के बीच सियासी तल्खी बढ़ गई है। कांग्रेस अब रणनीति के तहत केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के खिलाफ हमलावर हो गई है। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में महेश जोशी की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं ने गजेंद्र सिंह को भगौड़ा बताते हुए उनके खिलाफ नारेबाजी की। महेश जोशी ने भी केंद्रीय मंत्री को भगौड़ा कहा तो बदले में बीजेपी ने करारा पलटवार किया।
कार्यकर्ताओं की नारेबाजी खत्म होते ही सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी ने भी गजेंद्र सिंह शेखावत पर निशाना साधते हुए उन्हें भगौड़ा कहा। जोशी ने कहा- पुलिस गजेंद्र सिंह को भगौड़ा घोषित करे न करे, जनता की निगाह में भगौड़े हैं। विधायक खरीद फरोख्त मामले में सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो के आधार पर मैंंने एसीबी में केस किया था। उस वायरल ऑडियो में आवाज गजेंद्र सिंह की है। गजेंद्र सिंह वॉयस सैंपल देने क्यों नहीं जा रहे हैं, वे भगौड़े हैं।
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने पलटवार करते हुए कहा- केंद्रीय मंत्री के खिलाफ नारेबाजी निंदनीय है। इस देश में कांग्रेस के नेता भगौड़े रहे हैं। कांग्रेस की भूमिका अंग्रेजों के वक्त से भगौड़े की रही। उन्होंने नारे शायद इसलिए लगाए होंगे कि उन्हें पुरखों की याद आ गई। नारे लगाने से कोई भगौड़ा हो जाएगा क्या? आदमी जब इतना विचलित होकर अपशब्दों का इस्तेमाल करता है तो कहीं न कहीं उसके मन में पाप है। उनकी गलती पकड़ी जा रही है। वे चोर हैं। राजस्थान में फोन टेपिंग और जासूसी साबित है।
जिंदाबाद का नारा लगाने का मौका नहीं मिलेगा
पूनिया ने कहा- दिल्ली पुलिस ने संज्ञान लिया तो डरे हुए हैं। इस देश में सर्वाधिक ईडी के छापे कांग्रेस के लोगों के यहां ही क्यों पड़ते हैं? सीबीआई जांच के शिकार उन्हीं के लोग क्यों होते हैं? उनकी पार्टी की संस्कृति ही ऐसी रही है। ये तंदूर कांड वाले, आपातकाल वाले, बोफोर्स और जीप घोटाले वाले लोग हैं। कांग्रेस पार्टी पूरे पापकर्म में डूबी है। नारे लगाकर फ्रस्ट्रेशन जाहिर कर रहे हैं। हो सकता है वे नारे लगाकर अभ्यास कर रहे हों, क्योंकि 2023 के बाद उन्हें जिंदाबाद का नारा लगाने का मौका ही नहीं मिलेगा।

error: Content is protected !!