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विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर सीपी जोशी से मुलाकात कर सकते हैं हेमाराम चौधरी

ByRameshwar Lal

Jun 10, 2021

जयपुर टाइम्स
जयपुर। प्रदेश के पूर्व मंत्री और ई-मेल के जरिए विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा भेज चुके गुडामालानी विधानसभा सीट से कांग्रेस पार्टी के विधायक हेमाराम चौधरी आज विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर सीपी जोशी से मुलाकात कर सकते हैं जानकारी के अनुसार हेमाराम चौधरी अब भी अपने इस्तीफे को लेकर अडिग हैं हालांकि हेमाराम चौधरी गुरुवार को अहमदाबाद में थे लेकिन उनके गुरुवार देर रात तक जयपुर पहुंचने की संभावना है चौधरी ने विधानसभा के सचिव को फोन करके विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात करने का समय भी मांगा है इसलिए प्रबल संभावना है कि आज डॉक्टर सीपी जोशी और हेमाराम चौधरी के बीच मुलाकात हो सकती है हालांकि हेमाराम चौधरी के इस्तीफे पर विधान सभा सचिवालय की ओर से गुरुवार शाम तक कोई कार्यवाही नहीं की गई थी इसलिए चौधरी अभी विधायक पद पर बने हुए हैं लेकिन चौधरी के निकट के लोगों का कहना है कि चौधरी अभी अपने इस्तीफे पर अडिग हैं इसलिए वे अब अपने इस्तीफे को लेकर आज डॉक्टर सीपी जोशी से मुलाकात कर सकते हैं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विधानसभा के अध्यक्ष सीपी जोशी ने हेमाराम चौधरी को व्यक्तिगत रुप से मिलने के निर्देश दिए थे जिसके बाद अब हेमाराम चौधरी विधानसभा अध्यक्ष से व्यक्तिगत रूप से मिलकर अपने इस्तीफे को मंजूर करने के संबंध में अपना पक्ष रख सकते हैं हालांकि चौधरी के इस्तीफा देने के बाद प्रदेश सरकार की ओर से उनके निर्वाचन क्षेत्र में कई विकास कामों की सौगातें दी है और चौधरी की मांग के अनुसार सरकार की ओर से उनके निर्वाचन क्षेत्र में हाल ही में काम भी किए गए हैं लेकिन चौधरी की नाराजगी अभी बरकरार है चौधरी ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर अपने निर्वाचन क्षेत्र में 699 की आबादी वाले 15 गांव में सड़कों का निर्माण करने की पुरजोर मांग की थी जिस पर अभी सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है उल्लेखनीय है कि गत साल जब सचिन पायलट ने प्रदेश की गहलोत सरकार के खिलाफ संघर्ष का बिगुल मजा आया था उस समय हेमाराम चौधरी भी सचिन पायलट के साथ कई दिनों तक दिल्ली और गुडग़ांव के होटल में ठहरे थे हेमाराम चौधरी 6 बार कांग्रेस पार्टी के विधायक रह चुके हैं और पूर्व में मंत्री भी रह चुके हैं, चौधरी की कांग्रेस पार्टी में बहुत अच्छी छवि है इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी और अन्य राजनीतिक दलों के नेता भी हेमाराम चौधरी के व्यक्तित्व को लेकर काफी प्रभावित हैं लेकिन विगत विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद जब प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार का गठन हुआ और राज्य मंत्रिमंडल में हेमाराम चौधरी को शामिल नहीं किया गया तब से ही हेमाराम चौधरी प्रदेश सरकार से नाराज चल रहे हैं।

हेमाराम चौधरी ने विधानसभा में भी कई बार प्रदेश की गहलोत सरकार की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाया और अपने निर्वाचन क्षेत्र मैं बदले की भावना से प्रदेश सरकार पर काम नहीं करने का आरोप भी लगाया इसके बाद चौधरी ने अपने निर्वाचन क्षेत्र गुडामालानी में सरकार की ओर से विकास काम नहीं करवाए जाने की बात कह कर विधायक पद से इस्तीफा दे दिया यह इस्तीफा उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को ईमेल के माध्यम से भेजा हालांकि इस्तीफे पर अभी विधान सभा सचिवालय की ओर से कोई निर्णय नहीं लिया गया है

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