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आचार्य सुनील सागर जी महाराज का भट्टारक जी की नसियां में हुआ भव्य मंगल प्रवेश

ByRameshwar Lal

Jul 10, 2022

जयपुर टाइम्स

जयपुर (निस.)आचार्य श्री सुनील सागर जी इस भौतिकवादी युग में बेजोड़ त्याग और वैराग्य का आदर्श है पूज्य गुरुदेव इंद्रिय विजय, मनोबल व धैर्य में अद्वितीय हैं।
अपनी तप साधना से नगर नगर में गांव गांव में भगवान स्वरूप माने जाते हैं इटावा की जैन समाज ने आचार्य श्री को आध्यात्मिक योगी समूह की उपाधि से विभूषित किया है पूज्य गुरुवर सुनील सागर महाराज पूर्ण निर्दोष वृत्ति के धारक हैं कठोर अनुशासन प्रिय हैं आप अपने विशाल संघ सहित भारत भू पर यत्र तत्र सर्वत्र मंगल विहार करते हुए अपूर्व धर्म प्रभावना कर रहे हैं जैन साधु संत वर्षा ऋतु के 4 माह एक ही स्थान पर रहकर धर्म साधना करते हैं कि हिंसा से बचने के लिए कहीं भी पद विहार नहीं करते यही चातुर्मास है।
इस वर्ष के चातुर्मास कलश की स्थापना दिनांक 13 जुलाई 2022 गुरु पूर्णिमा के दिन बुधवार को गुरुदेव मंत्र उच्चारण के साथ करेंगे ।
उक्त आशय की जानकारी देते हुए प्रचार मंत्री रमेश गंगवाल ने बताया ,आज प्रातः आचार्य भगवंत का मंगल विहार पारसनाथ भवन से आरंभ हुआ। भवन से भव्य शोभायात्रा के साथ विहार किया शोभायात्रा शहर के विभिन्न मार्गो से गुजरी।
कदम कदम पर गुरुदेव का पाद प्रक्षालन किया गया। कई श्रेष्ठी परिवार बग्घियों में विराजमान थे। स्थान स्थान पर श्रावकों ने रंगोली सजाकर रखी थी। भक्तो ने गुरुवर की भव्य रूप से अगवानी की।
मुख्य संयोजक रुपेन्द्र छाबड़ा व राजेश गंगवाल ने संयुक्त रूप से बताया कि गुरुदेव का संघ सहित भट्टरकजी की नसियां में मंगल प्रवेश हुआ। शोभायात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उपस्थित थी।

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