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केंद्र की बांट में खोट; 66 दिन में यूपी-एमपी के मुकाबले हमें 80 लाख तक कम डोज दीं

ByRameshwar Lal

Jul 6, 2021

कोरोना से छिड़ी इस महाजंग का सबसे बड़ा हथियार है-वैक्सीन। ये हथियार राज्यों को देने का जिम्मा केंद्र सरकार का है। मगर इसमें भी केंद्र का भेदभाव दिख रहा है। भाजपा शासित राज्यों को कांग्रेस शासित राज्यों के मुकाबले ज्यादा डोज बांटी जा रही हैं।

पिछले 66 दिन (1 मई से) में भाजपा शासित यूपी को 2.08 करोड़, एमपी को 1.39 करोड़, कर्नाटक को 1.45 करोड़ और गुजरात को 1.46 करोड़ डोज दी गई हैं, जबकि इसी दौरान कांग्रेस शासित राजस्थान को 1.27 करोड़ और पंजाब को सिर्फ 36.70 लाख डोज ही पहुंचाई गई हैं।

यानी पिछले दो महीने में ही राजस्थान की तुलना में यूपी को 81 लाख, गुजरात को 19 लाख, कर्नाटक को 18 लाख और मप्र को 12 लाख डोज ज्यादा दी गई हैं। केंद्र के इस वैक्सीन आवंटन का पैमाना क्या है? ये भी साफ नहीं है। इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि केरल सबसे ज्यादा मौतों और मरीजों के मामले में देश में दूसरे नंबर पर है, लेकिन पिछले 66 दिन में उसे सिर्फ 75.60 लाख टीके ही दिए गए।

हर कैटेगरी में ज्यादा प्रभावित राज्यों को कम टीके और कम संक्रमित वाले राज्यों को ज्यादा टीकों के सवाल पर अफसर एक ही जवाब देते हैं, केंद्र जितने भेजता है उसका क्रियान्वयन हमारा काम है। बाकी केंद्र ही जाने। लिहाजा राजस्थान में अब तक 12 बार वैक्सीनेशन रुक चुका है। राजधानी जयपुर में टीकों की कमी के कारण 5 जुलाई को भी वैक्सीनेशन बाधित रहा।

देश में 21 जून से 18 प्लस सभी के लिए वैक्सीन आपूर्ति केंद्र ने करने का ऐलान किया था। तब से राजस्थान में वैक्सीनेशन चौथी बार ठप हो चुका है। सवाल यह है कि भाजपा शासित प्रदेशों को राजस्थान से कम खतरे के बावजूद डेढ़ गुना तक टीके क्यों दिए जा रहे?

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