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जयपुर में बढ़ रहा जनसंख्या का दायरा:शहर में आबादी के हिसाब से 2 लाख मकान कम

ByRameshwar Lal

Jul 13, 2021

शहर में जनसंख्या का दायरा जिस कदर बढ़ रहा है, इस हिसाब से अगले चार साल में शहर की आबादी 64.95 लाख पहुंच जाएगी। बढ़ती आबादी के साथ रहने के लिए घराें की जरूरत भी होगी। लेकिन जिस तरह सिटी की पॉपुलेशन ग्राेथ में इजाफा हाे रहा है, उस हिसाब से आने वाले साढ़े चार साल में करीब 14.17 लाख की आबादी के पास खुद का घर नहीं हाेगा। वर्तमान की बात करें ताे अनुमानित आबादी 54.19 लाख मानी जा रही है और घराें की संख्या 8.15 लाख है। हाउस हाेल्डिंग साइज प्रति मकान 5.3 यूनिट है, इस हिसाब से शहर की 13.78 लाख की आबादी के पास खुद का घर नहीं है। वे किराए के मकानाें पर निर्भर है।

2011 में 36 लाख की आबादी पर शहर में 5.43 लाख मकान थे। देश में आबादी के अनुसार 2021 तक प्रति हाउस हाेल्डिंग साइज 5.3 यूनिट है, यानि एक मकान में 5.3 सदस्य रह सकते है। इस हिसाब से शहर में 10.22 लाख मकान हाेने चाहिए, यानि 2 लाख मकान कम है। वहीं 2025 तक अनुमानित आबादी 64.95 लाख काे 12.73 मकानाें की जरूरत हाेगी, लेकिन तब केवल 9.95 लाख मकान ही हाेंगे यानि चार साल में शहर में 2.78 घराें की कमी हाेगी।

2025 तक 351 गांव अरबन एरिया में शामिल हाे जाएंगे

जेडीए के मास्टर प्लान-2025 के अनुसार आबादी के हिसाब से शहर का दायरा बढ़ता जा रहा है। रेजिडेंशियल, कॉमर्शियल एक्टिवटी के लिए लैंड यूज चेंज डिमांड भी बढ़ती जा रही है। इसके अनुसार 2025 तक जयपुर शहर से लगते आसपास के उपखंड क्षेत्राें के गांव अरबन एरिया में कन्वर्ट हाेे जाएंगे।

एक अनुमान के मुताबिक सांगानेर, आमेर, बस्सी, चाकसू, जमवारामगढ़ और फागी उपखंड के 351 गांव अरबन एरिया शामिल हाेंगे। 2025 तक ही अरबन एरिया का 945.34 स्क्वायर किमी एरिया में 457.46 स्क्वायर किमी एरिया रेजिडेंशियल और 72.22 स्क्वायर किमी एरिया कॉमर्शियल हाेेगा।

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