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खदान श्रमिको की समस्याओं पर कल होगी अहम बैठक

ByKhushbu Jain

Jul 5, 2021

कोटा 05 जुलाई। हिन्द मजदूर सभा से संलग्न राजस्थान माईन्स वर्कर्स यूनियन द्वारा रामगंजमंडी के एएसआई कम्पनी प्रबंधक को कई बार समस्याओं से अवगत कराने के बाद भी यूनियन को कोई सकारात्मक जवाब नहीं देने के फलस्वरूप स्थाई व अस्थाई श्रमिकों ज्वलंत समस्याओं पर पूर्व में हुई वार्ता पर कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं हो पाई। श्रीमान सहायक श्रम आयुक्त केन्द्रिय महोदय द्वारा कोरोना काल के कारण बैठक की तारीख सुनिश्चित करते हुये दिनांक 06 जुलाई 2021 फिक्स की है।यूनियन के महामंत्री मुकेश गालव ने बताया कि इस अहम बैठक में एएसआई कम्पनी की गलती की वजह से एनजीटी की एनओसी नहीं मिलने पर 56 दिन कार्य का पूरा वेतन दिया जाये, कोरोना महामारी के कारण लाॅकडाउन का पेमेन्ट नहीं दिया गया है शीघ्र ही पूरा वेतन दिया जाये, जो माईन्स 6 मीटर से ज्यादा गहरी हो उसमें काम करने वाले श्रमिकों को माईन्स एक्ट के अनुसार बिलो ग्राउंड का भुगतान कम्पनी द्वारा नहीं दिया जा रहा है। शीघ्र ही भुगतान किया जाये, एएसआई कम्पनी लि. में कार्यरत स्थाई व अस्थाई श्रमिकों को वेतन स्लिप नहीं दी जा रही है, अस्थाई श्रमिकों हर वर्ष 5 प्रतिशत की वेतन वृद्धि होती थी पिछले 2 वर्षों से वेतन वृद्धि नहीं दी जा रही है। ना ही महंगाई भत्ते का भुगतान किया जा रहा है, एएआई कम्पनी द्वारा श्रमिकों को सेफ्टी उपकरण नहीं दिये जा रहे है जिससे आये दिन श्रमिक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे है। जब किसी अधिकारी का निरीक्षण होता है तब श्रमिकों को सेफ्टी उपकरण दे दिये जाते है अधिकारी के जाने के बाद पुनः वापस ले लिये जाते है, खदान में स्थाई श्रमिकों हर वर्ष 5 प्रतिशत की वेतनवृद्धि दी जाती थी जो पिछले कई वर्षों से नहीं दी जा रही है, स्थाई श्रमिकों को केन्द्र सरकार द्वारा देय महंगाई भत्ते का भुगतान नहीं किया जा रहा है, एएसआई कम्पनी की मेकेनाईजेशन वक्र्स विभाग के कर्मचारियों पिछले 20 वर्षों से 60 रूप्ये इंक्रीमेंट के मिलते थे तब कर्मचारियों की पेमेन्ट 200 – 500 रू. थी। आज भी मंहगाई बढ़ जाने पर भी 60 रू. मिलते है। समस्त कर्मचारियों के इंक्रीमेंट बढ़ाने की कृपा करें, एसआई कम्पनी ने नया कानून बनाया है कि किसी को छुट्टी चाहिये तो 7 दिन पहले छुट्टी फार्म भरे। कर्मचारियों को इमरजेंसी में अति आवश्यक कार्य से छुट्टी पर जाना पड़ता है तो उसकी पेमेन्ट काट ली जाती है। 7 दिन पहले छुट्टी लेने की बाध्यता हटाई जाये, समय पूर्व सेवानिवृत कर दिये जाने के संबंध मे – प्रकरण श्रीमती संतरा बाई, राजेन्द्र गूर्जर, शाकिर अहमद, महेश कुमार को पुनः नौकरी पर लिया जाये जैसी ज्वलंत समस्याओं पर चर्चा की जायेगी। उसके बावजूद कोई कार्यवाही नहीं हेाती है तो यूनियन कोे ठोस आन्दोलनात्मक कदम उठाना पड़ेगा।

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