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डेल्टा प्लस का खतरा बढ़ा

ByRameshwar Lal

Jun 25, 2021

कोरोनावायरस के नए वैरिएंट डेल्टा प्लस को लेकर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। मध्य प्रदेश में ही इस वैरिएंट के 7 केस सामने आ चुके हैं। इनमें से 2 मरीजों की मौत हो चुकी है। डॉक्टर्स का कहना है कि जिन मरीजों की जान गई, उन्हें वैक्सीन नहीं लगी थी। वहीं जिन तीन मरीजों को वैक्सीन की एक या दो डोज लग चुकी हैं वे ठीक हो गए हैं या होम आइसोलेशन में हैं।

बाकी दो मरीजों को भी वैक्सीन नहीं लगी है, लेकिन उन्होंने डेल्टा वैरिएंट को मात दे दी। इनमें एक 22 साल की महिला और 2 साल का बच्चा है। डेल्टा प्लस वैरिएंट से संक्रमित मरीजों में 3 भोपाल, दो उज्जैन और एक-एक रायसेन और अशोकनगर जिलों से हैं।

डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर अब विपक्ष ने सरकार को घेरना भी शुरू कर दिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी सोशल मीडिया के जरिए मोदी सरकार से ये 3 सवाल पूछे हैं-

1. इसकी जांच और रोकथाम के लिए बड़े स्तर पर टेस्टिंग क्यों नहीं हो रही?
2. वैक्सीन इस पर कितनी प्रभावशाली है, पूरी जानकारी कब मिलेगी?
3. तीसरी लहर में इसे नियंत्रित करने का क्या प्लान है?

डेल्टा-प्लस वैरिएंट क्या है?
भारत में मिले कोरोनावायरस के डबल म्यूटेंट स्ट्रेन B.1.617.2 को ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने डेल्टा नाम दिया है। B.1.617.2 में एक और म्यूटेशन K417N हुआ है, जो इससे पहले कोरोनावायरस के बीटा और गामा वैरिएंट्स में भी मिला था। नए म्यूटेशन के बाद बने वैरिएंट को डेल्टा+ वैरिएंट या AY.1 या B.1.617.2.1 कहा जा रहा है।

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