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कोरोना की तीसरी लहर के लिए कितनी तैयार ह सरकर न आईसीयू-पीआईसीयू बने न मॉनीटर और वेंटिलेटर आए, ऑक्सीजन प्लांट भी नहीं लगे

ByRameshwar Lal

Jul 2, 2021

कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए घातक हाेने की आशंका विशेषज्ञों ने जताई है। इस चेतावनी के बाद देशभर में तैयारियां शुरू हो गई हैं। हमारे पड़ोसी जिले ग्वालियर में तो वेंटिलेटर, पीआईसीयू, आईसीयू का सेटअप तैयार हो चुका है लेकिन हमारे मुरैना में स्वास्थ्य विभाग सिर्फ प्रस्ताव बनाकर भूल गया।
चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉक्टर कब आएंगे, बच्चों का आईसीयू, पीआईसीयू वार्ड कब बनेगा, पल्स ऑक्सीमीटर, वेंटिलेटर, पैरा मॉनीटर का इंतजाम कब होगा, इसकी मानो चिंता ही नहीं है। गंभीर बात यह है कि केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने एक महीने पहले 20 दिन के अंदर जिले की हर तहसील में ऑक्सीजन प्लांट चालू करने का दावा किया था लेकिन पोरसा को छोड़कर कहीं भी ऑक्सीजन प्लांट शुरू नहीं हो सका है। वहीं जिला अस्पताल में 7 चाइल्ड स्पेशलिस्ट हैं। इनमें से डॉ. एडी शर्मा खुद सीएमएचओ का कामकाज संभाल रहे हैं। सिविल सर्जन डॉ. अशोक गुप्ता बुधवार को रिटायर हो गए। सिर्फ 5 चाइल्ड स्पेशलिस्ट बचे हैं जबकि कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमित होने पर हमारे यहां 15 से 16 स्पेशलिस्ट डॉक्टर की जरूरत पड़ेगी। सीएमएचओ डॉ. एडी शर्मा ने इसका प्रस्ताव बनाकर भोपाल भेज दिया लेकिन यह प्रक्रिया कितनी आगे बढ़ी, इसके लिए दोबारा कोई पत्राचार नहीं किया।
20 नर्सिंग कॉलेज कागजों में दर्ज, इनके नर्सिंग होम चालू करने बैठक तक नहीं बुलाई
ग्वालियर-चंबल संभाग में नर्सिंग कॉलेजों को नर्सिंग होम्स संचालित होने की स्थिति में मान्यता दी गई थी लेकिन सभी कॉलेजों के नर्सिंग होम्स कागजों में दर्ज हैं। दैनिक भास्कर ने इस मुद्दे को उठाया तो पूरे संभाग में हड़कंप मच गया। ग्वालियर में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने नर्सिंग कॉलेज संचालकों को बुलाकर चेतावनी दी कि या तो नर्सिंग होम्स चालू कराएं या मान्यता निरस्त करने के लिए तैयार रहें। हमारे यहां भी 20 से अधिक नर्सिंग कॉलेज संचालित हैं लेकिन सीएमएचओ ने इन्हें बुलाकर चर्चा करना तो छोड़िए, इनका सर्वे तक नहीं कराया।
300 बेड की बिल्डिंग अधूरी, एक महीने में काम पूरा होना मुश्किल, यहीं लगना है सेटअप
जिला अस्पताल में तैयार हो रही 300 बेड की नई बिल्डिंग को कोरोना की तीसरी से लड़ने के लिए तैयार करने की बात केंद्रीय मंत्री तोमर की मौजूदगी में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने कही थी। अफसरों का दावा था कि 31 जुलाई तक बिल्डिंग पूरी हो जाएगी तो इसमें सेटअप लगाएंगे लेकिन अभी तक ऑपरेशन थियेटर, सेंट्रल ऑक्सीजन लाइन, फायर फाइटिंग सिस्टम, ड्रेनेज सिस्टम, सेनीटेशन, फ्लोरिंग, इलेक्ट्रीफिकेशन, प्लास्टर जैसे काम अधूरे पड़े हैं।
स्वीकृति के हिसाब से करेंगे तैयारियां
कोविड की तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयारियां चल रही हैं। जिला अस्पताल की नई बिल्डिंग में पीडियाट्रिक वार्ड बनाने के लिए चिकित्सा उपकरण मंगाने संबंधी प्रस्ताव प्रशासन के माध्यम से स्वास्थ्य आयुक्त को भेजा जा चुका है। जैसे ही स्वीकृति आएगी, उसी क्रम में तैयारियां की जाएंगी। पोरसा का ऑक्सीजन प्लांट चालू हो गया है, अन्य जगह सिविल वर्क चल रहे हैं। -डॉ. एडी शर्मा, सीएमएचओ मुरैना

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