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एक्सिस बैंक ने फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरों में किया बदलाव, यहां FD कराने पर मिलेगा अधिकतम 5.75% ब्याज

एक्सिस बैंक ने फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर मिलने वाले ब्याज में बदलाव किया है। अब 7 दिनों और 29 दिनों की FD पर 2.50% ब्याज मिलेगा। इसके अलावा अब आपको 5 से 10 साल की FD पर 5.75% ब्याज मिलेगा। नई ब्याज दरें 6 मई से लागू होंगी। इससे पहले इंडसइंड बैंक ने भी हाल ही में ने भी FD पर मिलने वाले ब्याज में बदलाव किया था।

अब कितना ब्याज मिलेगा

अवधि नई ब्याज दर (% में)
7 दिन से 29 दिन 2.50
30 दिन से 90 दिन 3.00
3 से 6 महीने 3.50
6 से 11 महीने 25 दिन 4.40
11 महीने 25 दिन से 1 साल 5 दिन 5.10
1 साल 5 दिन से 1 साल 11 दिन 5.15
1 साल 11 दिन से 15 महीने 5.10
15 महीने से 18 महीने 5.20
18 महीने से 2 साल 5.25
2 साल से 5 साल 5.40
5 साल से 10 साल 5.75

इंडसइंड बैंक ने FD पर मिलने वाले ब्याज में की कटौती
इंडसइंड बैंक अब 7 से 30 दिनों की मैच्योरिटी वाले डिपॉजिट पर 2.75% का ब्याज देगा। इंडसइंड बैंक में 31 से 45 दिनों की मैच्योरिटी वाले डिपॉजिट पर 3%, 46 से 60 दिनों की मैच्योरिटी पर 3.50% और 61 से 90 दिनों की मैच्योरिटी पर 3.75% ब्याज मिलेगा।

कितना मिलेगा ब्याज

अवधि ब्याज दर (% में)
7 से 30 दिनों तक 2.50
31 से 45 दिनों तक 3.00
46 से 60 दिनों तक 3.50
61 से 90 दिनों तक 3.75
91 से 120 दिनों तक 4.00
121 से 180 दिनों तक 4.50
181 से 210 दिनों तक 5.00
211 से 269 दिनों तक 5.25
270 से 354 दिनों तक 5.50
355 से 364 दिनों तक 6.00
1 साल से 61 महीनों तक 6.50
61 महीनों से ज्यादा 6.25

बीते 10 सालों में 9 से 6 से भी कम पर आई ब्याज दर
2011 में देश का सबसे बड़ा बैंक SBI फिक्स्ड डिपॉजिट पर अधिकतम 9.25% तक का ब्याज दे रहा था। जो अब 5.40 पर आ गया है। इसके अलावा देश के ज्यादातर बड़े बैंक FD पर अधिकतम 5 से 6% तक का ब्याज ऑफर कर रहे हैं।

FD से ज्यादा ब्याज पाने के लिए क्या करें?
इस सवाल के जवाब में पर्सनल फाइनेंस एक्सपर्ट और ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के फाउंडर और सीईओ पंकज मठपाल कहते हैं कि अगर आप कहीं ऐसी जगह निवेश करना चाहते हैं जहां आपको FD से ज्यादा पैसे मिले और आपका पैसा भी सेफ रहे हो आप पॉस्ट ऑफिस की स्कीम्स या पब्लिक सेक्टर बॉन्ड में निवेश कर सकते हैं।

सोने-चांदी की चमक बढ़ी:47 हजार के पार हुआ सोना, चांदी भी 70 हजार के करीब पहुंची; आगे वाले दिनों में और बढ़ सकती है कीमत

आज एक बार फिर सोना 47 हजार के पार निकल गया है। गुरुवार को सोना 343 रुपए महंगा होकर 47,110 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट के अनुसार आज चांदी 530 रुपए महंगी होकर 69,560 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है। वहीं MCX की बात करें तो सोना यहां दोपहर करीब 3:30 बजे 47,169 रुपए पर ट्रेड कर रहा है। आने वाले महीनों में सोना- चांदी और ऊपर तक जा सकते हैं।

60 हजार तक जा सकता है सोना
केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया कहते हैं कि देश में कोरोना लगातार बढ़ रहा है। इससे भी लोगों में कोरोना के प्रति फिर से डर का माहौल है। इसके अलावा देश में महंगाई भी बढ़ने लगी है। इससे भी सोने के दाम आने वाले दिनों में बढ़ेंगे। अगर ऐसा ही माहौल रहा तो आने वाले 5 से 6 महीनों यानी दिवाली तक सोना 60 हजार रुपए पर पहुंच सकता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना 1,793 डॉलर प्रति औंस के ऊपर आया
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने के दाम तेजी से बढ़ने लगे हैं। सोने की कीमत 1,793 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर है। आने वाले समय में इसके 1,850 डॉलर तक पहुंच सकता है। यह एक समय 1,720 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे आ गया था।

6 करोड़ EPFO खाताधारकों के लिए बड़ी खबर:

कोरोना महामारी के बीच श्रम मंत्रालय ने EPFO खाता धारकों के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने डेथ इंश्योरेंस बेनिफिट की रकम को बढ़ाने का फैसला किया है। इसके तहत अब मौत के मामले में बीमा का दावा किया गया है तो उसमें 7 लाख रुपए की रकम मिलेगी। पहले यह 6 लाख रुपए थी।

6 करोड़ ग्राहकों को फायदा

इसका फायदा EPFO के कम से कम 6 करोड़ सब्सक्राइबर्स को मिलेगा। इसी तरह अब किसी खाताधारक की मौत पर कम से कम बीमा राशि को बढ़ाकर 2.5 लाख रुपए कर दिया गया है। यह पहले 2 लाख रुपए थी। यानी कम से कम और अधिकतम दावे की रकम को बढ़ा दिया गया है। सेंट्रल बोर्ड ट्रस्ट ने सितंबर 2020 की बैठक में एंप्लॉयीज डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस योजना के तहत अधिकतम बीमा राशि बढ़ाने का निर्णय लिया था। श्रम मंत्रालय ने अब जाकर इसे मंजूरी दी है। उसका यह आदेश एंप्लॉयी डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस (EDLI) से संबंधित है।

मृतक के परिवार को मिलेगा बीमा का फायदा

अगर किसी सब्सक्राइबर की मौत हो जाती है, तो उसके परिवार को इस इंश्योरेंस का लाभ मिलता है। वैसे तो EDLI के लाभार्थियों की संख्या ईपीएफ सब्सक्राइबर्स के बराबर नहीं है। EDLI के तहत करीब 20 लाख ही ग्राहक हैं। हर EDLI सब्सक्राइबर EPF सब्सक्राइबर होता है लेकिन हर ईपीएफ सब्सक्राइबर ईडीएलआई सब्सक्राइबर नहीं होता है। इसलिए दोनों ही संख्या में काफी फर्क है।

6.65% पर पहुंचा होम लोन का ब्याज:ICICI बैंक, SBI और HDFC 6.70% ब्याज पर दे रहे होम लोन, मार्च के अंत तक यह फायदा मिलेगा

घर खरीदारों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर में ICICI बैंक ने होम लोन पर ब्याज दरों में कटौती की है। यह 6.8% से घटकर 6.7% हो गई है। बैंक के मुताबिक यह 10 साल में सबसे कम ब्याज दर है। इसके साथ ही देश के तीन बड़े कर्ज देने वाले बैंक और NBFC की होम लोन की ब्याज दरें अब 6.70 पर्सेंट पर आ गई हैं। यह फायदा 5 मार्च से 31 मार्च तक लिया जा सकता है।

75 लाख रुपए से ज्यादा पर लोन पर ग्राहकों को 6.75% का ब्याज देना होगा
बैंक के मुताबिक यह दर ग्राहक 75 लाख रुपए तक के लोन के लिए है। इससे ज्यादा के लोन के लिए ग्राहकों को 6.75% का ब्याज देना होगा। ICICI के अलावा अन्य बैंकों के ग्राहक भी होम लोन के लिए डिजिटल माध्यम से अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए बैंक की वेबसाइट और मोबाइल बैंकिंग ऐप iMobile Pay पर अप्लाई करना होगा।

HDFC, SBI और कोटक बैंक ने भी घटाए ब्याज दर
इससे पहले HDFC, SBI और कोटक महिंद्रा बैंक ने भी होम लोन की ब्याज दरें घटाई थीं। SBI ने 70 बेसिस पॉइंट की कटौती की थी, जिससे दर घटकर 6.7% हो गई। कोटक महिंद्रा बैंक ने भी सीमित समय के लिए ब्याज दर में 0.10% की कटौती की है, जो 6.65% हो गई है।

देश की सबसे बड़ी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी HDFC ने भी ब्याज दर 6.8% से घटाकर 6.75% कर दी है। हालांकि, यह लिमिटेड टाइम के लिए नहीं है। पंजाब नेशनल बैंक हाउसिंग फाइनेंस भी 7.35% ब्याज दर पर होम लोन दे रहा है।

स्टैंप ड्यूटी के चार्ज में कटौती
महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में स्टैंप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन चार्ज में भारी कटौती की गई है। मुंबई में स्टैंप ड्यूटी अब 3% है, जो पहले 6% थी। ज्यादातर जो कटौती हैं वह 31 मार्च तक ही लागू रहेंगी। इसलिए ग्राहक घर खरीद रहे हैं। इसके साथ ही अन्य सुविधाएं भी मिल रही हैं। कुछ बैंकों और NBFC ने प्रोसेसिंग फीस को भी माफ कर दिया है।

घरों की कीमतें कम हुई हैं
चुनिंदा रिपोर्ट्स के मुताबिक घरों की मांग में इस साल भी तेजी रह सकती है। मुंबई, NCR और बेंगलुरु जैसे इलाकों में पिछले छह महीनों में घरों की ज्यादा बिक्री हुई है। ज्यादातर ग्राहक 50 लाख रुपए के बजट वाले घरों को तलाश रहे हैं। इस तरह से छोटे घरों की बिक्री ज्यादा हो रही है। इसके अलावा घरों की कीमतें घटने से भी बिक्री बढ़ी है। हालांकि, कमर्शियल प्रॉपर्टी की मांग अभी भी कमजोर है।

रिटेल और MSME पर बड़ा दांव

  • बैंक के मोबाइल बैंकिंग ऐप इंस्टाबिज पर यह सभी सुविधाएं मिलेंगी
  • किसी भी सुविधा के लिए बैंक की ब्रांच में जाने की जरूरत नहीं होगी

देश में निजी क्षेत्र के दूसरे सबसे बड़े बैंक ICICI बैंक ने डिजिटल बैंकिंग का एक पूरा सेट लांच किया है। यह खासकर उनके लिए है जो रिटेल मर्चेंट हैं। इसमें बैंकिंग के अलावा वैल्यू एडेड सेवाएं भी होंगी। इसके तहत ग्रोसर्स, सुपर मार्केट्स, लॉर्ज रिटेल स्टोर चेन, ऑन लाइन बिजनेस और लॉर्ज ई-कॉमर्स फर्म सेवाएं ले सकती हैं।

पेमेंट और सेटलमेंट मार्केट के बड़े हिस्से पर नजर

ICICI बैंक की नजर अब 31 लाख करोड़ रुपए के पेमेंट और सेटलमेंट मार्केट के एक बड़े हिस्से पर है। इसमें थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं के पेमेंट सिस्टम का कैश मैनेजमेंट और क्रेडिट सुविधायें शामिल हैं। कुल मिलाकर साल 2,022 तक 2 करोड़ से अधिक छोटे और बड़े, ऑफ़लाइन और ऑनलाइन बिजनेस इसमें शामिल होने वाले हैं।

कोरोना में डिजिटल की बहुत जरूरत

बैंक ने कहा कि यह सभी आज के ग्राहक के लिहाज से बहुत जरूरी सेवाएं हैं। इसलिए रिटेल मर्चेंट अपने ग्राहकों के लिए इस तरह की सेवाएं दे सकते हैं। बैंक की यह पहल बैंक के बिजनेस विथ केयर सिद्धांतों के तहत शुरू की गई है। रिटेल मर्चेंट यह सभी सुविधाएं कांटैक्टलेस तरीके से ले सकते हैं। कांटैक्टलेस मतलब बिना ग्राहकों से संपर्क किए डिजिटल तरीके से सारी चीजें होंगी। इसके लिए बैंक कि किसी भी शाखा में जाने की जरूरत नहीं होगी।

सस्ता हुआ सोना:9 हजार रुपए से भी ज्यादा सस्ता हुआ सोना, अभी न खरीदने पर बाद में पड़ सकता है पछताना

आज एक बार फिर सोने के दाम में कमी आई है। आज सोना 48 रुपए सस्ता होकर 47,353 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। इससे पहले 26 अप्रैल को भी सोने के दाम में 405 रुपए की कमी आई थी। 23 अप्रैल को सराफा बाजार में सोना 47,806 रुपए पर था, जो आज 47,401 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। यानी इस हफ्ते सोना 453 रुपए सस्ता हुआ है। वहीं MCX की बात करें तो सोना यहां दोपहर करीब 3:00 बजे 47,444 रुपए पर ट्रेड कर रहा है। सोना अपने आल टाइम हाई 56,200 रुपए से 9 हजार से भी ज्यादा सस्ता हो गया है।

महंगी हुई चांदी
चांदी की बात करें तो ये आज 182 मंहगा होकर 68,565 रुपए प्रति किलो ग्राम पर पहुंच गई है। आपको बता दें कि इस महीने ही चांदी एक समय 70 हजार पर पहुंच गया था।

भारतीयों की घरेलू बचत बढ़ी:कोरोना काल में लोगों ने की 34 लाख करोड़ रुपए की बचत, ये पाकिस्तान की GDP से 61% ज्यादा

पिछले साल कोरोना महामारी के दौर में लोग घर में रहने को मजबूर हुए। इसका एक फायदा यह हुआ कि घरेलू बचत बढ़ गई। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विस की रिपोर्ट के मुताबिक घरेलू बचत GDP के 22.5% के बराबर हो गई। देश में कोरोना महामारी शुरू होने से पहले 2019 में यह बचत GDP की 19.8% थी।

भारत की GDP का 22.5% मतलब 34 लाख करोड़ रुपए
भारत की GDP 2.6 लाख करोड़ डॉलर (करीब 150 लाख करोड़ रुपए) की है। ऐसे में 2020 में भारत के लोगों ने जो पैसे सेविंग के रूप में बचाए हैं जो करीब 34 लाख करोड़ रुपए हैं। ये रकम पाकिस्तान की कुल GDP से भी ज्यादा है। 2020 में पाकिस्तान की कुल 28.40 हजार करोड़ डॉलर (21 लाख करोड़ रुपए) थी, यानी ये भारतीयों की बचत से भी कम है।

भविष्य को लेकर अनिश्चितता के कारण लोगों में बढ़ी बचत की आदत
सीनियर इकोनॉमिस्ट बृंदा जागीरदार के अनुसार महामारी ने लोगों को भविष्‍य की चिंता सताने लगी और इनकम को लेकर भी अनिश्चितता बन गई। इन सभी बातों से लोगों ने बचत को तवज्‍जो दी और इसमें इजाफा देखने को मिला। महामारी के दौरान बचत बढ़ाने के लिए घरों के प्रयासों के दो कारण हो सकते हैं।

पहला, लोग सामान्‍य स्थितियों में जितना खर्च करते हैं, उतना महामारी के दौरान नहीं कर रहे हैं। लोग मूवी देखने, घूमने या बाहर खाने नहीं जा पा रहे हैं। इससे बचत बढ़ी है। कोविड से पहले के मुकाबले उनके उपभोग की वस्‍तुएं सीमित रही हैं। दूसरा, लोगों ने अपने भविष्य की इनकम के बारे में अनिश्चितता के कारण लोगों ने ज्यादा बचत करना शुरू कर दिया है।

अल्ट्रा शॉर्ट टर्म या बैंलेस्ड एडवांटेज फंड में निवेश करना रहेगा सही
पर्सनल फाइनेंस एक्सपर्ट और ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के संस्थापक व सीईओ पंकज मठपाल आप अल्ट्रा शॉर्ट टर्म म्यूचुअल फंड्स या लिक्विड फंड्स में SIP के जरिए निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा आप बैंलेस्ड एडवांटेज फंड में भी निवेश कर सकते हैं। इससे आपको FD या RD से ज्यादा रिटर्न भी मिलता रहेगा और जरूरत पड़ने पर आप पैसा भी निकाल सकेंगे। सही फंड को चुनने के लिए आप एक्सपर्ट की मदद ले सकते हैं।

लॉक-इन पीरियड वाली स्कीमों में न करें निवेश
कोरोना महामारी में किसी को भी कभी भी पैसों की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में अपने पैसों को कहीं भी ऐसी जगह निवेश न करें जहां लॉक-इन पीरियड हो। आपको पैसे ऐसी जगह निवेश करने चाहिए जहां से आप कभी भी पैसे निकाल सकें।

बंद पड़े PPF अकाउंट को सिर्फ 550 रु. में फिर से करा सकते हैं चालू, इसके बंद होने के हैं कई नुकसान

कई बार देखा जाता है कि हम पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) अकाउंट तो खुलवा लेते हैं लेकिन इसमें लगातार निवेश नहीं कर पाते। इस कारण हमारा पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) अकाउंट इनएक्टिव (बंद) हो जाता है। आपके अकाउंट के इनएक्टिव होने से इसमें पड़ा आपका पैसा फस सकता है। यदि आपने PPF में निवेश किया है और आपका अकाउंट किसी कारणवश बंद हो गया है। तो आप अपने अकाउंट को दोबारा आसानी से चालू करा सकते हैं। हम आपको बता रहे हैं कि कैसे आप अपना बंद पड़ा PPF अकाउंट फिर शुरू कर सकते हैं।

इस तरह अपने PPF को कर सकते हैं फिर से शुरू
यदि आपका PPF अकाउंट इनएक्टिव हो जाए तो इसे फिर शुरू करवाने के लिए आपको उस बैंक या पोस्ट आफिस में लिखित आवेदन देना पड़ेगा जहां ये खुला है। इसके बाद आपको बैंक या पोस्ट ऑफिस को अपने अकाउंट को शुरू कराने कराने के लिए एक एप्लीकेशन देनी होगी। इसके लिए आपको 500 रुपए के न्यूनतम सालाना योगदान के साथ 50 रुपए की पेनल्टी भी देनी होगी।

RBI के डिप्टी गवर्नर का अनुमान

देश में कोरोना की दूसरी लहर जारी है। यदि यह बेकाबू होती है तो आवाजाही पर लंबे समय प्रतिबंध लागू रहेंगे। इससे सप्लाई चेन प्रभावित होगी। ऐसा होने पर महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के अप्रैल बुलेटिन के एक आर्टिकल में यह बात कही गई है। यह आर्टिकल RBI के डिप्टी गवर्नर माइकल देबब्रत पात्रा की अगुवाई वाली टीम ने तैयार किया है। हालांकि, इसमें कहा गया है कि यह लेखकों के अपने विचार हैं। यह जरूरी नहीं है कि इनको RBI के विचार माना जाए।

मार्च में 5.5% पर पहुंची खुदरा महंगाई दर

देश में महंगाई दर कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के जरिए मापी जाती है। इसे खुदरा महंगाई दर भी कहा जाता है। मार्च में यह महंगाई दर 5.5% पर पहुंच गई थी, जो फरवरी में 5% थी। फूड और तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के कारण मार्च में महंगाई दर में उछाल आया था। RBI ने महंगाई दर को 2-6% के बैंड में बनाए रखने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने भी अगले पांच साल यानी 31 मार्च 2026 तक महंगाई दर को इसी बैंड के मध्य बनाए रखने का लक्ष्य रखा है।

वित्तीय स्थिरता आगे बढ़ने का रास्ता

आर्टिकल में कहा गया है कि महामारी के बाद मजबूत और स्थायी विकास के लिए महामारी से संबंधित प्रोटोकॉल अपनाने, वैक्सीनेशन में तेजी लाने, अस्पतालों की संख्या और क्षमता में वृद्धि पर फोकस करना होगा। आर्टिकल के मुताबिक, मैक्रोइकोनॉमिक और वित्तीय स्थिरता ही आगे बढ़ने का रास्ता है।

टेक महिंद्रा को 1081 करोड़ रुपए का प्रॉफिट:पिछले साल के मुकाबले 34.5% बढ़ा मुनाफा, निवेशकों को 30 रुपए प्रति शेयर का डिविडेंड

महिंद्रा ग्रुप की सब्सिडियरी टेक महिंद्रा ने सोमवार को वित्त वर्ष 2020-21 की चौथी तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए। कंपनी को जनवरी-मार्च 2021 तिमाही में 1081.4 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ है। एक साल पहले की समान अवधि के 803.9 करोड़ रुपए के मुकाबले मुनाफे में 34.51% का उछाल रहा है। हालांकि, तिमाही आधार पर मुनाफे में 17.4% की कमी रही है। अक्टूबर-दिसंबर 2020 तिमाही में कंपनी को 1309.8 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था।

मार्च तिमाही में 9,729 करोड़ रुपए का रेवेन्यू मिला

स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के मुताबिक, मार्च 2021 तिमाही में टेक महिंद्रा का कुल रेवेन्यू 9,729.9 करोड़ रुपए रहा है। वार्षिक आधार पर रेवेन्यू में 2.5% और तिमाही आधार पर 0.85% का उछाल रहा है। एक साल पहले समान अवधि में कंपनी का रेवेन्यू 9,490.2 करोड़ रुपए रहा था। वहीं, दिसंबर 2020 तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 9,647.1 करोड़ रुपए रहा था। डॉलर के लिहाज से कंपनी के रेवेन्यू में वार्षिक आधार पर 2.7% और तिमाही आधार पर 1.6% की ग्रोथ रही है।

एयर फेयर पर प्रतिबंध जारी:31 मई तक विमानन कंपनियां नहीं बढ़ा सकेंगी किराया, मंत्रालय ने जारी किया आदेश

विमानन कंपनियां 31 मई तक किराया में बढ़ोत्तरी नहीं कर पाएंगी। पहले की ही तरह उन पर किराए को लेकर प्रतिबंध लगा रहेगा। यह जानकारी सिविल एविएशन मंत्रालय ने सोमवार को जारी एक आदेश में दिया है।

पिछले साल से लगा है प्रतिबंध

गौरतलब है कि कोरोना की वजह से पिछले साल से ही फ्लाइट किराए की सीमा पर प्रतिबंध लगा है। इससे पहले फरवरी में भी इसी तरह का आदेश जारी किया गया था। किराए के अलावा फ्लाइट को 80% क्षमता के साथ ही चलाना होगा। विमानन कंपनियों ने रविवार को ही मंत्रालय से यह अपील की थी कि क्षमता को घटाकर 60% कर दिया जाए क्योंकि अप्रैल में बुकिंग में काफी कमी आई है।

जनवरी से हो रही थी रिकवरी

जनवरी से थोड़ी रिकवरी हो रही थी, पर इस महीने में विमानन कंपनियों को झटका लग सकता है। फरवरी के पहले जो कम से कम किराया तय किया गया था उसमें फरवरी में 10% से 30% की बढ़ोतरी की गई थी। नए प्राइस बैंड के मुताबिक, दिल्ली-मुंबई रूट पर इकोनॉमी क्लास में एक ओर का किराया 3,900-13,000 रुपए के रेंज में तय किया गया था। पहले यह 3,500-10,000 रुपए के रेंज में था।

लॉकडाउन के बाद डोमेस्टिक ऑपरेशन 25 मई से खुला

कोरोना शुरू होने के बाद शेड्यूल्ड डोमेस्टिक ऑपरेशन 25 मार्च 2020 से रोक दिया गया था। 25 मई से इसे कुछ शर्तों और प्री-कोविड लेवल के मुकाबले एक-तिहाई क्षमता के साथ धीरे-धीरे खोलना शुरू किया गया। हवाई किराए पर न्यूनतम और अधिकतम सीमा लगाई गई थी, ताकि विमानन कंपनियां बहुत ज्यादा किराया न लें और सिर्फ जरूरी कार्यों के लिए ही हवाई यात्रा हो। 3 दिसंबर 2020 को फ्लाइट कैपेसिटी को बढ़ाकर प्री-कोविड स्तर के 80% तक कर दिया गया था। इससे पहले यह 70% था।

विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने फरवरी में कहा था कि न्यूनतम और अधिकतम किराया एक असाधारण कदम था, जो असाधारण परिस्थिति में उठाया गया था। ऐसा इसलिए किया गया था ताकि सीमित उपलब्धता के कारण हवाई किराए में बेतहाशा बढ़ोतरी न हो जाए। उन्होंने कहा था कि प्राइस बैंड को परमानेंट रखने का हमारा कोई इरादा नहीं है।

सेंसेक्स 400 पॉइंट गिरकर 47,700 के नीचे आया; निफ्टी में भी 120 अंकों की गिरावट, फार्मा और रियल्टी शेयरों ने बनाया दबाव


जयपुर टाइम्स
मुंबई(एजेंसी)। शेयर बाजार में शुक्रवार को दूसरे हाफ के बाद भारी गिरावट है। सेंसेक्स 406 पॉइंट की गिरावट के साथ 47,674 पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह निफ्टी भी 117 पॉइंट नीचे 14,288 पर ट्रेड कर रहा है। सेंसेक्स में शामिल 30 में से 24 शेयरों में गिरावट है। महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर सबसे ज्यादा 3त्न गिरकर 776 रुपए के भाव पर आ गया है। सुबह बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। सेंसेक्स 216.86 अंक नीचे 47,863 पर और निफ्टी 79.8 पॉइंट नीचे 14,326 पर खुला। हालांकि दोपहर में बाजार में खरीदारी लौटी और सेंसेक्स दिन के सबसे ऊंचे स्तर 48,265 तक भी पहुंचा। बाजार में फार्मा, रियल्टी और स्नरूष्टत्र सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली है। हृस्श्व पर तीनों इंडेक्स 1-1.5त्न तक फिसल गए हैं। 3,054 शेयरों में कारोबार हो रहा है, जिसमें से 1,483 शेयर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। वहीं, 1,389 शेयरों में गिरावट है। लिस्टेड कंपनियों का टोटल मार्केट कैप 201.85 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जो कल 202.61 लाख करोड़ रुपए था। 22 अप्रैल को बाजार गिरावट के साथ खुले थे, लेकिन आखिर में बढ़त के साथ बंद होने में कामयाब रहे। सेंसेक्स 374.87 पॉइंट ऊपर 48,080.67 पर बंद हुआ था।

 वहीं, निफ्टी 109.75 अंक ऊपर 14,406.15 पर बंद हुआ था।