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राजस्थान के लिए 2 राहत की खबरें:प्रदेश में लगातार तीसरे दिन कम हुई नए संक्रमितों की संख्या; दूसरी लहर में पहली बार पॉजिटिव से ज्यादा रिकवर हुए मरीज

राजस्थान में कोरोना संक्रमण को कंट्रोल करने के लिए सरकार ने जो पाबंदियां लगाई हैं, उसका कुछ असर अब धीरे-धीरे देखने को मिल रहा है। आज राजस्थान के लिए दो राहत की खबरें हैं। पहली कि आज लगातार तीसरे दिन संक्रमित केस कम हुए हैं। 24 घंटे के अंदर राज्य में कोरोना के 6,815 नये संक्रमित मिले हैं। जबकि दूसरी अच्छी खबर है कि दूसरी लहर में पहली बार 17,022 मरीज रिकवर हुए हैं। ये आंकड़ा नए मिले संक्रमितों से ज्यादा है।

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, आज चार जिले जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और अलवर में एक हजार से ज्यादा मरीज रिकवर हुए हैं। जयपुर में आज 3,301 नए संक्रमित मिले हैं, जबकि रिकवर मरीजों की संख्या 3101 रही। राज्य के अन्य शहरों को देखे तो उदयपुर और जोधपुर दो ऐसे शहर हैं, जहां संक्रमितों की संख्या एक हजार से ज्यादा है। इसके अलावा सीकर, कोटा, हनुमानगढ़, गंगानगर, चूरू, बीकानेर और अलवर ऐसे शहर हैं, जहां संक्रमितों की संख्या 500 से ऊपर है। राज्य में आज पॉजिटिविटी रेट में लगभग 1 फीसदी का इजाफा हुआ है। कल प्रदेश में कुल पॉजिटिविटी रेट 17.07% थी, जो आज बढ़कर 18.14 पर पहुंच गई।

ग्राउंड रिपोर्ट : जिंदगी पर भारी लापरवाही:9 महीनों से बंद डिब्बों में दम तोड़ रहे हैं 20 नए वेंटिलेटर, कोरोना मरीजों को भी राहत नहीं, आखिर कब मिलेगी ऑक्सीजन

कोरोना की दूसरी लहर में राजस्थान में 6.68 लाख पॉजिटिव केस सामने आ चुके है। आज एक्टिव मरीजों की संख्या 2 लाख के पार हो जाएगी। इस बीच पूरे प्रदेश में ऑक्सीजन युक्त बेड और वेंटिलेटर के लिए मारामारी चल रही है। बेड की कमी के चलते राजधानी जयपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में निजी और सरकारी अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करने से इंकार किया जा रहा है। ऐसे में सांस लेने में परेशानी से कई मरीजों के अस्पतालों के गेट पर ही दम तोड़ने की तस्वीरें सामने आ रही है।

इन सबके बीच 'राजस्थान सतर्क है' का नारा देने वाली राजस्थान सरकार और प्रदेश का चिकित्सा विभाग भी बड़ी लापरवाही बरत रहा है।  ग्राउंड रिपोर्ट में इसकी बानगी कोटपूतली के बीडीएम अस्पताल में देखने को मिली। यहां कोरोना पेशेंट के उपचार के लिए आए 5 तैयार और डिब्बों में बंद 15 नए वेंटिलेटर इंस्टॉल नहीं होने से दम तोड़ रहे हैं। इन वेंटिलेटर के चालू होने होने पर 10-10 बैड के दो आईसीयू वार्ड शुरु हो सकते हैं। इससे गंभीर कोरोना पेशेंट को ऑक्सीजन देकर जान बचाई जा सकती है।

आश्रम में लूटता रहा अस्मत और महिलाएं चुप रहीं:

फलाहारी बाबा, आसाराम के बाद एक और कथित तपस्वी बाबा योगेंद्र मेहता का नाम दुष्कर्म के मामले में सामने आया है। बाबा ने खुद को भगवान बताकर आश्रम में आने वाली महिलाओं के साथ दुष्कर्म किया। जयपुर के भांकरोटा थाने में बाबा के खिलाफ 4 महिलाओं ने दुष्कर्म के आरोप लगाए हैं। बाबा की सेविका पर भी सहयोग करने के आरोप हैं। भांकरोटा थानाधिकारी मुकेश चौधरी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जा रही है।

पीड़ित महिला ने बताया कि उसका विवाह 1998 में जयपुर के बिंदायका इंडस्ट्रियल एरिया में हुआ था। विवाहिता ने बताया कि ससुराल के कुल देवता तपस्वी बाबा हैं। बाबा का आश्रम मुकुंदपुरा में है। बाबा के आश्रम में उनके परिवार का 25 सालों से आना-जाना था। वहां पर धीरे-धीरे बाबा की गद्दी को योगेंद्र मेहता ने संभाल लिया और तपस्वी बाबा का आश्रम खोल लिया। योगेंद्र मेहता का आश्रम मुकुंदपुरा के अलावा रातल्या सीकर रोड और दिल्ली रोड पर है।

तीन-चार दिन रुक कर आश्रम में करती सेवा

योगेंद्र मेहता खुद को तपस्वी बाबा बताने लग गया। पीड़ित महिला का परिवार भी आश्रम में जाया करता था। उसके पति भी अक्सर बाबा के पास आश्रम में जाते थे और सत्संग सुना करते थे। बाबा ने उसके पति को कहा कि पूरे परिवार को आश्रम में लेकर आया करो। इसके बाद वह भी पति के साथ आश्रम में जाने लग गई। विवाहिता ने बताया कि आश्रम में वह पांच-छह महीने के अंतराल में जाती थी। तीन-चार दिन रुक कर आश्रम में सेवा करती थी। कुछ समय तो आश्रम में ठीक चलता रहा, लेकिन बाद में गड़बड़ होने लगी।

प्रसाद के रूप में भांग की गोली खिलाई

बाबा महिलाओं को आश्रम में बुलाते और कहते कि मैं ही भगवान हूं। तुम मेरी सेवा करो। सब कुछ गुरु को समर्पण कर दो। विवाहिता ने बताया कि आश्रम में रोजाना रात को आठ से दस महिलाएं रुकती थीं। विवाहिता का आरोप है कि उसे एक दिन रात को बाबा ने छत के ऊपर बने कमरे में बुलाया। कमरे में उसे एक गोली दी और कहा कि यह प्रसाद है। बाबा ने कहा कि ईश्वर का ध्यान करो और समर्पण का भाव रख सब कुछ दे दो। गोली खाते ही उसे कुछ नशा होने लग गया। तब बाबा ने दुष्कर्म किया। छह महीने के बाद आश्रम में गई तो बाबा ने बुलाकर दोबारा से दुष्कर्म किया। विरोध करने पर बर्बाद करने की धमकी दी।

बेटी को भेजने लगे तो हुआ खुलासा

तीन दिन पहले उसके पति 20 साल की बेटी को आश्रम में ले जाने लगे। विवाहिता ने बेटी को आश्रम में ले जाने से मना कर दिया। पति ने उससे आश्रम में नहीं ले जाने की बात पूछी। विवाहिता ने तपस्वी बाबा की पूरी करतूत बता दी। परिवार में बात करने पर पता लगा कि उसकी भाभी व जेठानी से भी बाबा ने डरा-धमका कर दुष्कर्म किया। उसके पति व भाई ने बाबा को फोन कर दुष्कर्म के बारे में पूछा तो बाबा ने उन्हें बर्बाद करने की धमकी दे दी।

कोविड के खिलाफ लड़ाई के लिए लॉन्च किए 24X7 टोल फ्री नंबर, कोरोना सहायतार्थ दिव्यांग ले सकेंगे जानकारी

कोविड के खिलाफ लड़ाई में अब स्वयंसेवी संगठन नारायण सेवा संस्थान भी जुड़ गया है। संस्थान ने एक टोल फ्री नंबर जारी किया है, जो 24X7 काम करेगा और इसका नंबर 1800-309-1111 है। कोविड के कारण उत्पन्न विषम परिस्थितियों के बीच अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन सिलेंडर की कमी और यहां तक कि रोकथाम के लिए बुनियादी आवश्यकताओं की कमी ने संकट को और बढ़ा दिया है। ऐसी सूरत में दिव्यांगजन को जानकारी उपलब्ध कराने के लिए यह टोल फ्री नंबर उपलब्ध कराया गया है।

संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि इस सेवा के साथ 15 विशेषज्ञों की एक टीम को जोड़ा गया है, जो कोविड से प्रभावित और क्वारेंटाइन में रहने वाले दिव्यांगजन के लिए पोषण, खाने की आदतों, प्राकृतिक उपचार और स्वच्छता के तरीकों पर जानकारी देंगे। साथ ही, यह टीम कोविड से संबंधित विस्तृत जानकारी और इससे बचने के उपाय के बारे में भी बताएगी।

अग्रवाल ने बताया कि हमारी 15 विशेषज्ञों की यह टीम एनएसएस मित्र से परामर्श करेंगे जो इन विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में मुफ्त परामर्श देंगे। एनएसएस मित्र टीम उन सभी दिव्यांग जनों को मुफ्त स्वास्थ्य परामर्श देने का काम कर रही है जो उन्हें कॉल कर रहे हैं। इसके लिए यह टीम उदयपुर, राजस्थान में दो शिफ्टों में काम कर रही है।

500 लोगों को प्रतिदिन भोजन
संस्थान की ओर से उदयपुर में प्रतिदिन लगभग 500 लोगों को मुफ्त भोजन वितरित किया जा रहा है। कर्फ्यू की स्थिति में एनएसएस का लक्ष्य खाद्य वितरण के माध्यम से राज्य के लोगों की सेवा करना है और इस महामारी को आगे और बढ़ने से रोकने की दिशा में तथा इससे बचने के लिए निशुल्क परामर्श देना है।

राजस्थान में 5 लाख की हेल्थ बीमा स्कीम लांच

राजस्थान में शनिवार 1 मई से यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज के तहत 5 लाख के स्वास्थ्य बीमा योजना की शुरुआत हो गई है। सीएम अशोक गहलोत ने 'मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना' की वर्चुअल लॉन्चिंग की। इस योजना के तहत गंभीर बीमारी पर 5 लाख तक का कैशलेस इलाज मिल सकेगा। सरकार ने इस योजना की रजिस्ट्रेशन अवधि को एक माह बढ़ाकर 31 मई तक कर दिया है। पहले 30 अप्रैल तक ही रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख थी।

इसमें खाद्य सुरक्षा के पात्र परिवारों, सामाजिक आर्थिक जनगणना के पात्र परिवारों, लघु और सीमांत किसानों और सरकारी विभागों में कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे संविदा कर्मचारियों को प्रीमियम नहीं देना होगा। इनका प्रीमियम सरकार भरेगी। इन कैटेगरी के अलावा कोई भी 850 रुपए का प्रीमियम देकर 5 लाख का हेल्थ बीमा करवा सकेगा। अब तक लगभग 22.85 लाख परिवार इस योजना से जुड़ चुके हैं। जो परिवार अब तक इस योजना से जुड़ चुके हैं उन्हे 1 मई से लाभ मिलेगा। जो परिवार 31 मई तक इसमें जुडे़ंगे उन्हे रजिस्ट्रेशन की तारीख से लाभ मिलेगा।

होंडा के चारों प्लांट 1 से 15 मई तक बंद

कोरोना महामारी की दूसरी लहर का बढ़ता असर अब ऑटोमोबाइल कंपनी होंडा पर भी पड़ा है। कंपनी ने अलवर स्थित प्लांट सहित देश में टू-व्हीलर के चार प्लांट में 1 से 15 मई तक प्रोडक्शन बंद करने का फैसला किया है। कम्पनी ने इसकी घोषणा कर दी है।

कंपनी के इस फैसले का असर अलवर के अलावा हरियाणा के मानेसर, कर्नाटक व गुजरात में बड़े प्लांट पर पड़ा है। इन सभी यूनिट्स में केवल जरूरी कार्य के लिए आवश्यक स्टाफ ही पहुंचेंगे। इस बंद के कारण अकेले अलवर के टपूकड़ा प्लांट में ही करीब 70 हजार बाइक का प्रोडक्शन इन 15 दिनों में प्रभावित होगा। यहां एक महीने में करीब डेढ़ लाख बाइक का प्रोडक्शन होता है।

अलवर में 6 हजार कर्मचारी घर पर रहेंगे

कंपनी ने 15 दिनों के लिए सभी कर्मचारियों को उनके काम बता दिए हैं। प्रोडक्शन से जुड़े कर्मचारी घर पर ही रहेंगे। अकेले अलवर में होंडा के टू-व्हीलर प्लांट में करीब 6 हजार से अधिक लोग काम करते हैं। फिलहाल इन सभी को अपना-अपना काम बताया जा रहा है कि वे इन 15 दिन में क्या काम करेंगे।

अशोक गहलोत भी कोरोना पॉजिटिव

राजस्थान में कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी संक्रमण की चपेट में आ गए हैं। गहलोत ने गुरुवार को खुद सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने लिखा, 'कोविड टेस्ट करवाने पर आज मेरी रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। मुझे किसी तरह के लक्षण नहीं हैं और मैं ठीक महसूस कर रहा हूं। कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मैं आइसोलेशन में रहकर ही कार्य जारी रखूंगा।' इससे एक दिन पहले यानी बुधवार को ही मुख्यमंत्री की पत्नी सुनीता गहलोत की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी।

वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके हैं गहलोत
गहलोत कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके हैं। उन्होंने फरवरी में पहला और मार्च के आखिर में दूसरा डोज लिया था। एक्सपर्ट के मुताबिक वैक्सीन की दोनों डोज के बाद कोरोना होने के बावजूद खतरा कम हो जाता है।

वैक्सीन के रेट पर राजस्थान हाईकोर्ट सख्त:अलग-अलग दामों पर उपलब्ध करवाने के मामले में केंद्र, राज्य और दोनों वैक्सीन निर्माता कंपनियों से मांगा जवाब

देश में कोरोना महामारी के बीच वैक्सीन की अलग-अलग रेटों को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर कोर्ट ने केंद्र, राज्य सरकार और दोनों वैक्सीन निर्माता कंपनियों से जवाब मांगा है

याचिका की पैरवी कर रहे सीनियर एडवोकेट अभय भंडारी ने कोर्ट में बताया कि देश में बनी वैक्सीन के तीन अलग-अलग रेट लेना गलत है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने बजट में वैक्सीनेशन के लिए 35 हजार करोड़ का प्रावधान रखा है। इसके अलावा, पीएम केयर फंड में भी लोगों ने भारी मात्रा में डोनेट किया है। यह राशि इस महामारी में वैक्सीनेशन व अन्य मेडिकल सामग्री की खरीद के लिए काम में ली जा सकती है।

इसके बावजूद वैक्सीन निर्माता केंद्र सरकार की अनुमति से भारी लाभ कमाने के उद्देश्य से तीन अलग-अलग रेट में वैक्सीन बाजार में दे रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में 45 साल से ऊपर के आयु वर्ग के लिए केंद्र सरकार मुफ्त में दे रही हैं। ऐसे में सरकार को 18 से 45 साल के आयु वर्ग के लिए भी निशुल्क वैक्सीन मुहैया करवानी चाहिए।

मौत के आंकड़े छुपा रही सरकार; दोपहर 3:30 बजे तक 18 कोरोना शवों का संस्कार, चिताओं के ठंडी होने तक एंबुलेंस में शवों को करना पड़ रहा इंतजार

कोरोना महामारी की दूसरी लहर जान पर भारी पड़ रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में संक्रमण से रोजाना 70 से 80 मरीजों की मौत हो रही है। जबकि राजधानी जयपुर में मौत का आंकड़ा 8 से 10 के बीच होने का दावा किया जा रहा है

मोक्षधाम के बाहर से ही एक साथ काफी चिताओं की लपटें उठती नजर आईं। मोक्षधाम में प्रवेश करने पर पता चला कि दोपहर करीब 2 बजे मोक्षधाम के एक हिस्से में आठ चिताएं एक साथ जल रही थीं। वहीं कुछ दूरी पर पीपीई किट पहने बैठे परिजन बिलख रहे थे। वे एकटक गुमसुम से अपनों को विदाई दे रहे थे।

इन्हीं में कुछ ऐसे भी शव थे जो कि लावारिस थे। जिनकी न कोई पहचान थी और न कोई अपना उनको अंतिम विदाई देने पहुंचा था। ऐसे में श्री नाथ गौशाला ट्रस्ट की तरफ से मोक्षधाम में मौजूद कर्मचारी ही इन चिताओं की अग्नि देने में जुटे हुए थे। वहां मौजूद पंडित श्याम ने बताया कि इतनी मौतें तो पिछले साल भी नहीं देखी थी। 

ऑक्सीजन की कमी से जयपुर, बीकानेर, कोटा में 10 मरीजों ने दम तोड़ा; 7 दिन में एक लाख से ज्यादा केस

राजस्थान में ऑक्सीजन और बेड की कमी के चलते हालात बेकाबू हो रहे हैं। ऑक्सीजन की कमी के चलते जयपुर, बीकानेर, कोटा में 10 मरीजों ने दम तोड़ दिया। जयपुर के एक निजी अस्पताल में मंगलवार रात ऑक्सीजन सिलेंडर खत्म होने से 4 मरीजों की मौत हो गई। कोटा और बीकानेर में भी ऑक्सीजन के कमी के कारण 6 मरीजों की जान गई।

राज्य में एक सप्ताह के अंदर 1.07 लाख से ज्यादा केस सामने आए हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 599 लोगों की मौत हुई है। केसों की संख्या तेजी से बढ़ने की वजह से अस्पतालों में बेड की कमी भी बढ़ती जा रही है।

पहली बार 24 घंटे में गई 121 मरीजों की जान
राजस्थान में कोरोना के पिछले 24 घंटे के अंदर 16 हजार 89 केस मिले हैं। पहली बार 121 मरीजों की एक दिन में मौत हुई है। 27 दिनों में कोरोना के 2.13 लाख नए केस मिल चुके हैं। राजधानी जयपुर में रिकॉर्ड 3 हजार 289 संक्रमित मिले और 21 मरीजों की मौत हुई है।

जयपुर में अस्पताल और श्मशान दोनों में वेटिंग
जयपुर के आदर्श नगर श्मशान घाट की स्थिति ये है कि कोरोना संक्रमितों का अंतिम संस्कार करने के लिए जगह नहीं बची। शव लेकर पहुंची एंबुलेंस को इंतजार करना पड़ रहा है। जयपुर में कोरोना के बढ़ते केसों के कारण सभी अस्पतालों में बेड्स फुल हो गए। प्रदेश के सबसे बड़े कोविड केयर अस्पताल RUHS में मंगलवार को बेड्स उपलब्ध नहीं होने के बाद लोगों रोकने के लिए गेट बंद करना पड़ गया।

लापरवाही ने ली 4 की जान: जयपुर में मंगलवार देर रात किटी कोनिक्स खंडाका अस्पताल में 4 मरीजों ने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि अस्पताल में ऑक्सीजन का बैकअप भी था, लेकिन अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं बदल पाए। घटना के बाद जिम्मेदार अस्पताल छोड़कर भाग गए।

इस बीच, एक राहत पहुंचाने वाली खबर भी है। जयपुर में 500 से ज्यादा बेड्स का कोविड केयर सेंटर शुरू हो गया है। यहां ऐसे मरीजों का इलाज होगा, जिनमें लक्षण कम या हल्के हैं और जिन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत कम है।

मंत्री जी आपने गलत किया राजस्थान के साथ

राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के साथ गलत किया। चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने पंजाब को रेमडेसिविर नहीं दिए होते तो आज 10 हजार इंजेक्शन राजस्थान के पास होते। इसके लिए मरीजों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ता। रेमडेसिविर की कालाबाजारी भी नहीं होती। अब मंत्री अपने गलत फैसले पर सफाई दे रहे हैं। मंगलवार देरशाम को दिल्ली में पत्रकारों के सवाल के जवाब में शर्मा ने कहा- हमने जब पंजाब को रेमडेसिविर इंजेक्शन दिए तब हमारे पास केस बहुत कम थे। पंजाब में केस बहुत ज्यादा आ रहे थे। इंजेक्शन की एक्सपायरी डेट 3 महीने के आस पास रहती है। हमारे पास जो इंजेक्शन थे, उनकी एक्सपायरी डेट 30 अप्रैल थी। उस वक्त पंजाब के मुख्यमंत्री ने हमसे रेमडेसिविर देने का अनुरोध किया, इसलिए हमने उनको यह इंजेक्शन दे दिए।

मंत्री ने कहा कि पंजाब को देने से राजस्थान में रेमडेसिविर की कमी नहीं आई है। पंजाब को रेमडेसिविर इंजेक्शन देकर हमने ठीक किया। हमारे पास जो इंजेक्शन थे, उनकी एक्सपायरी डेट 30 अप्रैल थी, राजस्थान में केस अचानक बढ़ गए वरना यहां पड़े-पड़े ही एक्सपायर हो जाते। सवाल ये खड़ा होता है कि 30 अप्रैल तक तो हज़ारों लोगों को इंजेक्शन लग जाते।'

सबको पता था दूसरी लहर में मामले बढ़ेंगे, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री जानकर भी अनजान

कोरोना की दूसरी लहर पर देश दुनिया ही नहीं, मुख्यमंत्री के कोरोना कोर ग्रुप में शामिल एक्सपर्ट भी चेता रहे थे। गहलोत हर बैठक में चेता रहे थे। उन बैठकों में स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा भी बराबर हिस्सेदारी करते थे। इन सबके बावजूद अब रघु शर्मा तर्क दे रहे हैं कि राजस्थान में मामले अचानक बढ़ गए।

कोरोना महामारी में परिवहन आयुक्त के आदेश:

राजस्थान में कोविड-19 महामारी के दौरान एंबुलेंस व शव वाहन संचालक आमजन से अब मनमाना किराये नहीं वसूल सकेंगे। अब पूरे प्रदेश में एक समान किराया लिया जाएगा। इसके लिए परिवहन आयुक्त महेंद्र सोनी ने सोमवार को आदेश जारी किया हैं। इसके तहत अब प्रथम 10 किलोमीटर तक का 500 रूपये किराया होगा, जिसमें वाहन का आना-जाना शामिल हैं। इसके अलावा कोविड मरीज व शव को लाने-ले-जाने के लिए सुरक्षा की दृष्टि से पीपीई किट व सेनेटाइजेशन के लिए 350 रूपये प्रति चक्कर अतिरिक्त देने होंगे।

परिवहन आयुक्त महेंद्र सोनी ने बताया कि आमजन को सुलभ एवं सस्ती एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध हैं। कोविड-19 से निपटने के प्रबंधन और विकट परिस्थितियों में आमजन को एंबुलेंस के मनमाने किराये से होने वाली परेशानी के समाधान के लिए निर्णय लिया गया है।

10 किलोमीटर के बाद किराये का निर्धारित

परिवहन आयुक्त महेंद्र सोनी ने बताया कि प्रथम 10 किलोमीटर के बाद वाहनों की श्रेणी के अनुसार किराया तय किया गया हैं। इसमें 10 किलोमीटर के बाद मारूति वेन, मार्शल, मैक्स आदि वाहनों का किराया प्रति किमी 12.50, टवेरा, इनोवा, बोलेरो, कूर्जर, रायनो आदि वाहनों का किराया 14.50 प्रति किलोमीटर एवं अन्य बड़े एम्बुलेंस, शव वाहनों का किराया 17.50 प्रति किलोमीटर निर्धारित किया हैं। वाहन में एसी की सुविधा होने पर 1 रूपया प्रति किमी अतिरिक्त शुल्क लिया जा सकेगा।

इस तरह से लगेगा किराया

आदेशों के अनुसार एंबुलेंस व शव वाहनों को प्रथम 10 किमी के अतिरिक्त अधिक चलने वाली दूरी को 2 गुणा (आने व जाने) करने के बाद कुल किमी की गणना की जाएगी। उदाहरण के लिए कोई वाहन (मारूति एंबुलेंस द्वारा) 50 किमी की यात्रा करता है, तो कुल 50 किमी-10 किमी अर्थात 40 किमी गुणा 2 = कुल 80 किमी दूरी मानी जाएगी। देय किराया प्रथम 10 किलोमीटर का 500 न्यूनतम तथा अगले 40 किमी का 80 किमी की दूरी मानते हुए दर 12.50 से अर्थात 1000 रुपए देय होगा। कुल किराया 1000 जोड़ 500 = 1500 रूपए होगा।

रात में भी दिन के समान ही होगा किराया

उन्होंने बताया कि यह दर गणना 91 रूपये प्रति लीटर डीजल मानकर की हैं। इसके बाद होने वाली प्रति लीटर डीजल की वृद्धि दर में 20 पैसे प्रति रुपए की दर से निर्धारित किराए में वृद्धि की जा सकेगी। वहीं, वाहन को रात्रि का अतिरिक्त किराया नहीं देना होगा। वाहन संचालक वाहन की धुलाई के लिए भी अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूल सकेंगे। वाहन में आवश्यक चिकित्सकीय यंत्र, उपकरणों एवं सुविधाओं के संबंध में चिकित्सालय प्रशासन द्वारा लिए गए निर्णय की पालना करना एंबुलेंस वाहन के स्वामियों के लिए बाध्यकारी होगा।