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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री पर बरसे गहलोत, लोगों को भी दी नसीहत कहा-किसी को क्या अधिकार है कि वैक्सीन ना लगाएं, वैक्सीन ना लगाकर आप कोरोना नहीं फैला सकते

ByRameshwar Lal

Jun 21, 2021


जयपुर टाइम्स
जयपुर (कासं.)। प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को वैक्सीन सहभागिता को लेकर आयोजित की गई ओपन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में वैक्सीन खराबे को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मीडिया में प्रेस बयान जारी करने से पहले कम से कम राजस्थान सरकार से संवाद कर लेते, डॉ रघु शर्मा से उनकी रोज बातचीत होती है और वे रघु शर्मा के अच्छे मित्र भी हैं कम से कम उनसे ही वैक्सीन खराबे के बारे में बातचीत कर लेते लेकिन उन्होंने बिना राजस्थान सरकार से संवाद किए 11.50 वैक्सीन खराब करने का राजस्थान सरकार पर आरोप लगा दिया यह आरोप ठीक नहीं है गहलोत ने गुस्से में कहा कि गलत आरोप कैसे सहन किया जा सकता है, गहलोत ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से कहा कि बिना सच्चाई का पता लगाएं उन्हें इस तरह से राजस्थान की सरकार को बदनाम नहीं करना चाहिए था गहलोत ने प्रदेश के एक प्रतिष्ठित अखबार में वैक्सीन की बर्बादी के संबंध में छपी खबर पर भी गहरा एतराज जताया और कहा कि भले ही खुद की एक्सक्लूसिव खबर बता कर अखबार ने सरकार की छवि को खराब करने के लिए खबर छापी हो लेकिन सच्चाई से परे इस खबर से अपनी जान को जोखिम में डालकर कोविड-19 की लड़ाई लड़ रहे कोरोना योद्धाओं और नर्सेज कर्मचारियों का मनोबल तोडऩे का प्रयास किया है जो ठीक नहीं है गहलोत ने कहा कि भारत सरकार, डब्ल्यूएचओ और चिकित्सा क्षेत्र के पारंगत लोगों के निर्देश पर खराब हुई वैक्सीन को नर्सेज कर्मचारियों ने जमीन में गाड़ा था ताकि कोरोना का संक्रमण का फैलाव नहीं हो सके लेकिन अखबार इसे खुद की एक्सक्लूसिव खबर बनाकर छाप दी जो ठीक नहीं है क्योंकि इस तरह की खबरों से उन कोरोना योद्धाओं का मनोबल टूटता है जो अपनी जान को जोखिम में डालकर विगत डेढ़ साल से लोगों की सेवा ही कर रहे हैं, गहलोत ने मीडिया पर्सन से भी कहा कि वे कोरोना कि इस संकट की घड़ी में सार्थक और तथ्यात्मक खबरें छापे इस तरह की खबरें नहीं छापे जिससे लोगों का मनोबल टूटे, सच्चाई से परे खबरें छाप कर सरकार को बदनाम करना ठीक नहीं है, गहलोत ने वर्चुअल भाषण में कहा कि अगर कोई आपकी आलोचना करता है और आलोचना में सच्चाई है तो उसे स्वीकार करना चाहिए अपनी कमी को दूर करना चाहिए जिससे आपके आगे का काम और आसान हो जाता है उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों को फ्री में वैक्सीन लगाने की बात कही थी उनके अलावा कई और मुख्यमंत्रियों ने भी फ्री वैक्सीन उपलब्ध करवाने की पुरजोर मांग की थी, उनकी इसी सलाह को आलोचना का रूप मान लिया गया जो ठीक नहीं है इसी तरह से केंद्र सरकार की ओर से वैक्सीन नहीं मिलने की वजह से प्रदेश में वैक्सीनेशन का काम बुरी तरह से बाधित हो रहा था राजस्थान में ही नहीं देश के अन्य राज्यों में भी वैक्सिंग नहीं होने की वजह से वैक्सीनेशन का काम प्रभावित हो रहा था उड़ीसा में तो वैक्सिंग क कमी के चलते 700 वैक्सीनेशन सेंटर बंद करने पड़ गए थे इसलिए राजस्थान सरकार ने वैक्सीन के संबंध में केंद्र सरकार को अपना फीडबैक दिया था लेकिन राजस्थान सरकार के इस फीडबैक को भी आलोचना का रूप दे दिया गया जो ठीक नहीं है गहलोत ने जोर देकर कहा कि राजस्थान सरकार के कामों में अगर केंद्र सरकार को कोई कमी नजर आती है तो केंद्र सरकार को बताना चाहिए हम कभी इसे आलोचना नहीं मानेंगे बल्कि केंद्र अगर कोई कमी बताता है तो उसमें सुधार करेंगे गहलोत ने कहा कि आज मानवता संकट में है इसलिए केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर काम करना चाहिए उन्होंने कहा कि हम राजनीति में सेवा के लिए आते हैं इस समय लोगों की सेवा करना ही हमारा मुख्य लक्ष्य होना चाहिए उन्होंने कहा कि इंसानियत ही इस समय धर्म है, चाहे कोई किसी भी धर्म संप्रदाय और जाति का व्यक्ति हो या फिर अलग विचार वाला व्यक्ति हो अगर वह संकट में है तो इंसानियत का धर्म यही कहता है कि उसकी हर संभव सेवा करनी चाहिए, आज संकट की इस घड़ी में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सबको सामूहिक प्रयास से कोरोना की लड़ाई लडऩी होगी गहलोत ने कहा कि यह मौका राजनीति करने का नहीं है राजनीति जिंदगी भर चलती रहेगी इसलिए आरोप-प्रत्यारोप के लफड़े में फंसने के बजाय लोगों की सेवा करनी चाहिए, गहलोत ने कहा कि कोरोना की पहली लहर में लोगों में भय था जिसकी वजह से प्रदेश और देश में मौत कम हुई लेकिन दूसरी लहर में कोरोना को लेकर लोगों में भय नहीं रहा जिसका नतीजा यह रहा कि दूसरी लहर विस्फोटक रूप में पहुंच गई और मौतें भी बहुत ज्यादा हुई उन्होंने कहा कि कोरोना नए-नए रूप में सामने आ रहा है, कोरोना बहरूपिया बन गया है, अब तक कोरोना के 66 स्वरूपों का खुलासा हो चुका है हाल ही में कोरोना का डेल्टा स्वरूप सामने आया है जो काफी खतरनाक है और अब भी कोई यह नहीं जानता कि कोरोना आगे कितने रूप बदलेगा इसलिए कोरोना से बचने के लिए वैक्सीनेशन और मास्क दोनों जरूरी है, उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार कोरोना के प्रबंधन की तरह वैक्सीनेशन के काम में भी देश में अव्वल है, गहलोत ने लोगों से आग्रह किया कि वे वैक्सीन लगाएं और वैक्सीन लगाने के बाद भी मुंह पर मास्क लगाएं, सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करें, नियमित रूप से हाथ साफ करते रहें और कोरोना की गाइडलाइन की पूरी तरह से पालना करे उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार ने गांव और शहरों में वैक्सीनेशन के लिए खास इंतजाम किए हैं, गांव में ऑनसाइट लोगों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा और वैक्सीनेशन से पहले लोगों को सूचित किया जाएगा तथा वैक्सीनेशन सेंटर पर पीने के पानी और धूप से बचने के लिए भी पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे इसी तरह से शहरों में भी वैक्सीनेशन के लिए खास प्रबंध किए गए हैं प्रदेश के चिकित्सा विभाग ने वैक्सीनेशन के लिए पूरी तैयारी की हुई है गहलोत ने कहा कि वैक्सीनेशन में हम महाराष्ट्र के बराबर आ गए हैं अगर डिमांड के मुताबिक राजस्थान को केंद्र से वैक्सीन मिलती रही तो हम बहुत जल्दी ही लक्ष्य को प्राप्त कर लेंगे, गहलोत ने ओपन संवाद में कहा कि अगर हम वोट लेने के लिए घर-घर जा सकते हैं तो फिर सभी राजनीतिक दलों का यह कर्तव्य है कि वे वैक्सीनेशन के लिए लोगों को जागृत करने के लिए घर घर जाएं उन्होंने कहा कि चाहे कांग्रेस हो या फिर भाजपा या फिर अन्य राजनीतिक दल वे अपने कार्यकर्ताओं को भूत स्तर पर तैनात कर वैक्सीनेशन के लिए घर घर जाकर लोगों को प्रेरित करें उन्होंने कहा कि अब भी कई इलाकों में वैक्सीन को लेकर लोगों में भ्रांतियां हैं आदिवासी इलाकों में वैक्सीन को लेकर भ्रांतियां बनी हुई है, ऐसे लोगों में विभिन्न धर्म और जाति के धर्मगुरु आगे आए और वे लोगों को वैक्सीनेशन के लिए समझाएं क्योंकि आज भी प्रत्येक समाज और वर्ग में धर्म गुरुओं का आदर सम्मान किया जाता है इसलिए जिन इलाकों में वैक्सीनेशन को लेकर लोगों में भ्रांतियां हैं उन इलाकों में धर्मगुरु वैक्सीन के लिए लोगों में जागृति पैदा करें, गहलोत ने वर्चुअल भाषण में प्रदेश के सभी विधायकों से आग्रह किया कि विधायक कोटे से 3 करोड रुपए जो पहले वैक्सीनेशन के काम के लिए सरकार ने फ्रिज किए थे वे तीन करोड रुपए सरकार वापस विधायकों को लौट आ रही है लेकिन कोरोना को लेकर जो हालात आज प्रदेश में बने हुए हैं उन्हें देखते हुए विधायकों को अपने निर्वाचन क्षेत्र में सरकार की ओर से लौटाए जा रहे तीन करोड़ रुपयों में से कम से कम चालू साल में चिकित्सा के क्षेत्र में ही खर्च करें सीएचसी और पीएचसी में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए विधायक कोटे का विधायक समुचित रूप से प्रयोग करें गहलोत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मौजूद विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर सीपी जोशी से कहा कि उन्होंने पक्ष और विपक्ष के विधायकों की डिमांड और डॉक्टर सीपी जोशी के आग्रह पर विधायक कोटे की राशि बढ़ाने का ऐलान किया था इसलिए अब वे चाहते हैं कि डॉक्टर जोशी विधायकों को बढ़ाई गई विधायक कोटे की राशि को चिकित्सा के क्षेत्र में ही खर्च करने के लिए प्रेरित करें मुख्यमंत्री ने वर्चुअल भाषण में कहा कि कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए राजस्थान सरकार ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है तीसरी लहर बच्चों के लिए घातक बताई जा रही है इसलिए बच्चों के जीवन को भी बचाने के लिए सभी तरह के प्रबंध प्रदेश भर के छोटे बड़े अस्पतालों में किए जा रहे हैं उन्होंने कहा कि कोरोना की पहली लहर और कोरोना की दूसरी लहर में प्रदेश में सभी लोगों ने एकजुटता दिखाई चाहे वह राजनेता हो या फिर धर्मगुरु या फिर भामाशाह हो या फिर व्यापारिक औद्योगिक संगठन या फिर डॉक्टर हो या नर्सेज हो या फिर पुलिस और प्रशासन से जुड़े सभी छोटे बड़े अधिकारी हो सभी ने अपनी ओर से पूरा सहयोग किया प्रदेश में किसी को भी भूखा नहीं सोने दिया गया जरूरतमंद लोगों को खाद्य सामग्री दवाइयां इत्यादि चीजों की सप्लाई की गई , सभी ने समर्पण भाव से जरूरतमंद लोगों की सेवा की जिससे राजस्थान सरकार का भी मनोबल बड़ा और हमने कोरोना की लड़ाई पूरी ताकत से लड़ी इसका नतीजा यह रहा कि कोरोना के प्रबंधन में हम देश भर में अव्वल रहे गहलोत ने कहा कि जिस समर्थन भावना से हम सभी ने अब तक कोरोना की लड़ाई लड़ी है वह लड़ाई हम आगे भी ऐसे ही जारी रखेंगे क्योंकि अभी तक कोरोना का खतरा प्रदेश और देश में बरकरार है इसलिए थोड़ी सी भी लापरवाही फिर से प्रदेश में कोरोना के विस्फोटक हालात पैदा कर सकती है इसलिए कोरोना की तीसरी वेब से आने से पहले वैक्सीनेशन के काम में सभी लोग बढ़ चढ़कर हिस्सा लें।