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चोमू में आबकारी थाने के हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल को 3100 रुपए और बाड़मेर में पटवारी को 4000 रुपए की रिश्वत लेते दबोचा

ByRameshwar Lal

Jun 17, 2021


जयपुर टाइम्स
जयपुर (कासं.)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने राजधानी जयपुर के निकट चोमू में स्थित आबकारी थाने में तैनात हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल को परिवादी से 3100 रुपए की रिश्वत लेते बुधवार को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है एसीबी से मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त हेड कांस्टेबल सुमेर सिंहऔर कांस्टेबल अंगद सिंह है जो चोमू में आबकारी थाने में पोस्टेड हैं दोनों अभियुक्तों ने परिवादी से मुकदमे में नाम हटाने की एवज में 10000 रुपए की रिश्वत मांगी थी रिश्वत की पहली किस के रूप में 6900 रुपए गिरफ्तार अभियुक्त पहले ही ले चुके थे और रिश्वत के बाकी के रुपए के लिए वे परिवादी पर दबाव बना रहे थे जिसकी शिकायत परिवादी ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कार्यालय में दर्ज करवाई एसीबी ने परिवादी की शिकायत का सत्यापन करवाया जिसमें शिकायत सही पाई गई इसके बाद एसीबी ने अंगद सिंह और सुमेर सिंह को रंगे हाथों पकडऩे के लिए एक रणनीति तैयार की और इसी रणनीति के तहत परिवादी ने जैसे ही अंगद सिंह को रिश्वत के 6900 रुपए दिए वैसे ही वहां पहले से घात लगाए बैठे एसीबी के अधिकारियों ने रिश्वत की रकम के साथ कांस्टेबल अंगद सिंह को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया और फिर हाथों-हाथ हेड कांस्टेबल सुमेर सिंह को भी इस प्रकरण में एसीबी ने गिरफ्तार कर लिया इसी तरह से प्रदेश के बाड़मेर जिले मेंबुधवार को एक और अन्य कार्रवाई को अंजाम देते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने घूसखोर पटवारी दिनेश कुमार को परिवादी से 4000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त दिनेश कुमार ने म्यूटेशन भरवाने की एवज में परिवादी से रिश्वत की मांग की थी जिसकी शिकायत परिवादी ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में दर्ज करवाई एसीबी ने परिवादी की शिकायत का सत्यापन करवाया जिसमें शिकायत सही पाई गई इसके बाद एसीबी ने आरोपी पटवारी दिनेश कुमार को रंगे हाथों पकडऩे के लिए एक रणनीति तैयार की और इसी रणनीति के तहत बुधवार को परिवादी ने जैसे ही आरोपी पटवारी दिनेश कुमार को रिश्वत के 4000 रुपए दिए वैसे ही वहां पहले से घात लगाए बैठे एसीबी के अधिकारियों ने रिश्वत की रकम के साथ आरोपी पटवारी दिनेश कुमार को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया इसी तरह से विगत दिनों अजमेर जिले के ब्यावर नगर परिषद में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने एक व्यापारिक कांप्लेक्स के निर्माण की एवज में दो लोगों को गिरफ्तार किया था एसीबी की इस कार्रवाई के बाद ब्यावर नगर परिषद के पार्षद कुलदीप बोहरा और सुरेंद्र सोनी दोनों फरार हो गए थे जिसके बाद एसीबी इन दोनों पार्षदों की सरगर्मी से तलाश कर रही थी इस बीच कुलदीप बोहरा ने बुधवार को खुद ही एसीबी कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया बाद में कोर्ट ने 1 दिन की रिमांड के लिए कुलदीप बोहरा को एसीबी को सौंप दिया है अब ऐसी भी एक अन्य फरार पार्षद सुरेंद्र सोनी की सरगर्मी से तलाश कर रही है हालांकि आत्मसमर्पण करने वाले पार्षद कुलदीप बोहरा ने खुद को निर्दोष बताया है और कहा है कि एसीबी ने जिन लोगों को रिश्वत की रकम के साथ पकड़ा है उन्हें दुनिया जानती है कि वह किसके लिए काम करते हैं उन्होंने कहा कि उनकी परिवादी से कभी कोई मुलाकात और बातचीत ही नहीं है उसे बेवजह फसाया जा रहा है