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टोक्यो ओलिंपिक में भारत का दम:विकास कृष्णन पुरुष बॉक्सिंग में देश की सबसे बड़ी उम्मीद, लगातार 3 एशियन गेम्स में मेडल जीतने वाले इकलौते भारतीय मुक्केबाज

ByRameshwar Lal

Jun 24, 2021

बीजिंग ओलिंपिक में भारतीय बॉक्सर विजेंद्र सिंह ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। वह पुरुष बॉक्सिंग में भारत का पहला और आखिरी मेडल साबित हुआ है। हालाांकि, टोक्यो ओलिंपिक में भारत का 13 साल का इंतजार खत्म हो सकता है। तीसरी बार इस मेगा स्पोर्ट्स इवेंट के लिए क्वालिफाई करने वाले 75 किलोग्राम कैटेगरी के विकास कृष्णन अपने दमदार पंच की बदौलत मेडल के दावेदार हो सकते हैं।

75 किलोग्राम कैटेगरी में हिस्सा लेने वाले विकास इकलौते भारतीय बॉक्सर हैं, जिन्होंने लगातार तीन एशियाई गेम्स में मेडल जीते हैं। 2020 एशिया ओशियाना क्वॉलिफायर में विकास ने जापान के बॉक्सर को हराकर ओलिंपिक के लिए क्वॉलिफाई किया।विकास का जन्म हरियाणा के हिसार जिले के सिंघवा खास में हुआ। उनका पूरा परिवार मौजूदा समय में भिवानी में रहता है। विकास के पिता कृष्ण यादव बिजली निगम के कर्मचारी हैं। वे चाहते थे कि विकास शुरू से स्ट्रॉन्ग बने। इसलिए उन्होंने विकास को बॉक्सिंग एकेडमी में भेजना शुरू किया। विकास कहते हैं- पापा चाहते थे कि मैं स्ट्राॅन्ग बनूं। इसलिए 2001-02 में बॉक्सिंग की ट्रेनिंग के लिए भेजने लगे। जब मैं सोचने के लायक हुआ, तब मेरा यह ड्रीम हो चुका था कि मैं देश को रिप्रेजेंट करूं। मैंने हरियाणा स्टेट कैडेट वर्ग में गोल्ड जीता। लेकिन दुर्भाग्यवश तब मेरा चयन नेशनल के लिए नहीं हो पाया।

2018 में लगी थी आंख पर चोट
2018 एशियन गेम्स में क्वार्टर फाइनल के दौरान विकास को चोट लगने के कारण सेमीफाइनल खेलने से अयोग्य करार दिया गया और ब्रॉन्ज से ही संतोष करना पड़ा। चोट इतनी गंभीर थी कि डॉक्टरों ने विकास को आगे नहीं खेलने की सलाह दी। विकास कहते हैं- 2018 एशियन गेम्स के दौरान क्वार्टर फाइनल में चीन के बॉक्सर के साथ फाइट के दौरान मेरे आंख पर कट लग गई। टीम के डॉक्टर कर्ण ने आगे नहीं खेलने की सलाह दी। इसके बावजूद उन्होंने हौसला नहीं खोया और जोरदार वापसी की।

सुबह-शाम ओलिंपिक मेडल जीतने पर ध्यान
विकास कहते हैं-सुबह-शाम मेरे दिमाग में एक ही बात है। वह है ओलिंपिक मेडल जीतना। मेरे पास पहले से ज्यादा अनुभव है। डिफेंस और अटैक में मैंने अपनी कमियों को दूर किया। टॉप्स (टारगेट फोर ओलिंपिक पोडियम) में शामिल हूं और मुझे हर प्रकार की सुविधा मिली। उनके कोच जय पाटिल का कहना है कि विकास ओलिंपिक में मेडल के प्रबल दावेदार हैं। उनका पंच विपक्षी बॉक्सर चाहे जापान का हो, क्यूबा का या उज्बेकिस्तान का सभी को धराशायी करेगा।