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बहिन के पति, सास व ननद के खिलाफ प्रताड़ना व फांसी के लिए मजबूर करने व जान से मारने का मुकदमा दर्ज। 40 दिन बाद मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डॉक्टर पर लगाया मिलीभगत का आरोप

ByMahesh Bhobharia

Jul 18, 2021

बीदासर । खेमचन्द स्वामी निवासी दुलिया बास सुजानगढ़ ने साण्डवा थाना में अपनी बहिन नर्मदा के पति, सास व ननद के खिलाफ प्रताड़ित कर फांसी खाने के लिए मजबूर करने व जान से मारने का मुकदमा दर्ज करवाया है।
पुलिस थाना में दर्ज प्रथम सूचना रिपोर्ट के अनुसार खेमचन्द स्वामी पुत्र ईश्वरदास स्वामी ने साण्डवा थाना मे थाना हाजिर होकर मुकदमा दर्ज करवाया है कि मेरी छोटी बहिन नर्मदा की शादी करीब 35 वर्ष पूर्व राजेश कुमार स्वामी पुत्र लक्ष्मीनारायण स्वामी निवासी साण्डवा के साथ हुई थी। मेरा बहनोई राजेश कुमार आदतन शराबी, आवारा व बदचलन स्वभाव का व्यक्ति है। शादी के बाद से ही मेरी बहिन नर्मदा को दहेज के लिए मेरा बहनोई राजेश कुमार, सास गौरी देवी व ननद सरोज देवी द्वारा लगातार मारपीट व प्रताड़ित करते रहे हैं। मैने मेरी बहिन का घर बसाने के लिए मेरे बहनोई राजेश की हर अनुचित मांग पूरी की है। मैने बई बार मेरे बहनोई को लाखों रुपये नगदी दिए ताकि मेरी बहिन को वह खुश रख सके। मेरे बहनोई की रुपयों की अनुचित मांग लगातार बढती गई। मेरा बहनोई राजेश, मेरी बहिन की सास गौरी देवी व ननद सरोज देवी दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित करते गये। मेरी बहिन नर्मदा के चार लड़कियां होने की वजह से राजेश, गौरी देवी, सरोज देवी लगातार मानसिक रूप से व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते रहे व मेरी बहिन को घर से निकालने की कोशिश करते रहे। दिनांक 4 मई 2021 को मेरी बहिन ने मुझे फोन किया कि राजेश, गौरी देवी व सरोज मुझे कभी भी जान से मार सकते हैं। दिनांक 07 मई 2021 को मेरे बहनोई राजेश कुमार ने मुझे सूचना दी कि नर्मदा ने फांसी खा ली है। मैं व मेरा भाई खडकदास, तिलोकदास, भोलदास, किशोरदास, अशोक, आलोक व भगवती देवी वगैरह हमारे परिवारजन लगभग दोपहर 2 बजे साण्डवा आये तो मेरी बहिन नर्मदा की लाश संदिग्ध अवस्था में घर के आंगन में रखी थी। मुझे राजेश ने बताया कि नर्मदा ने फांसी खा ली है व कहा कि मेरे पुत्र अजय ने नर्मदा की लाश को फंदे से उतारा है। मेरा बहनोई राजेश कुमार व उसके परिवारजनों ने पुलिस व हमें सूचना दिए बगैर ही मृत्यु के वास्तविक कारणों को छुपाने के लिए मेरी बहिन को फंदे से उतार लिया। जब हमने नर्मदा के शव को देखा तो शरीर पर जगह-जगह नीले चीके व चोट के निशान थे। हमने नर्मदा का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम मी मांग की, तब नर्मदा के शव को हॉस्पिटल साण्डवा लेकर गये। पोस्टमार्टम रिपोर्ट को डॉ. लोकेश श्रीवास्तव ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए राजेश स्वामी व सरोज देवी से मिलीभगत कर विसरा सेम्पल नहीं लिए और डॉ. लोकेश ने जानबूझकर 40 दिनों तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लटकाये रखा। मेरी बहिन नर्मदा को राजेश, गौरी देवी व सरोज देवी ने प्रताडि़त करके मरने के लिए मजबूर किया है या जान से मारा है। पुलिस ने प्रार्थी की रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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