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अपडेट दे कर्म और गौ सेवा कर धर्म निभा रहे हैं “देशी पत्रकार मनोज”

ByRameshwar Lal

Sep 22, 2022

तारानगर

चुरू क्षेत्र में लोकल भाषा में अपने देसी अंदाज में विशेष पहचान रखने वाले “देसी पत्रकार मनोज” इन दिनों क्षेत्र की खबरों को आमजन तक पहुंचा कर अपने कर्तव्य को निभा रहे हैं.इसके साथ ही वर्तमान समय में पशुओं में फैलीं लंपी बीमारी में गायों की सेवा कर धर्म व मानवता की मिसाल पेश कर रहे हैं। मनोज शर्मा ने बताया कि वर्तमान समय में पशुधन पर आई इस विकट परिस्थिति में वे कुछ समय गौ सेवा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिले कि खबरों को आम जनता तक पहुंचाने का जिम्मा तो उन पर रहता ही है इसके साथ यदि देर रात या दिन मे समय निकाल कर नजदीकी गौशाला में जाकर बीमार व असहाय गोवंश कि सेवा कर रहे हैं ।उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में युवा,बुजुर्ग या जो कोई भी इन पशुओं की सेवा कर रहा है वह सबसे बड़ा इंसानियत का धर्म निभा रहा है। क्योंकि वर्तमान समय में गायों की सबसे ज्यादा दुर्दशा हो रही है। शर्मा बताते हैं जब खबरे कवर करते हैं तो इसी बीच उनको कई बार लंपी बीमारी से संक्रमित गायों की खबरें कवर करने का मौका मिला। इसी दौरान गो सेवा कर रहे लोगों से उनका मिलना हुआ तो इन लोगों ने बातचीत में शर्मा को बताया कि घरों में जिन गायों को लोग सीधी नजरों से देखने भी नहीं दिया करते थे उन गायो को लंपी बीमारी होने के बाद कुछ लोग बाहर निकाल देते हैं इससे बड़े दुख की ओर कोई बात नहीं हो सकती हालांकि ऐसा कुछ ही लोग कर रहे हैं। वहीं उन्होंने एक किस्से का जिक्र करते हुए बताया कि एक दिन एक बड़े लेवल के अधिकारियों से उनकी सामान्य बातचीत हो रही थी तो उस समय अधिकारियों से पशुओं में फैली इस बीमारी की रोकथाम के लिए पूछा तो अधिकारी ने कहा कि अभी इसकी कोई दावा तो नहीं हैं फिर उन्होने देसी नुस्खा के बारे में बताया। इस बात पर शर्मा बताते हैं कि हमारे बुजुर्गों का ज्ञान और वर्तमान विज्ञान को यदि गहराई में जाकर देखा जाए तो उनको कुछ बाते एक जैसी ही नजर आती हैं। देशी पत्रकार के रूप में क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने वाले मनोज शर्मा ने बताया कि वर्तमान में फैली इस बीमारी से बहुत अधिक संख्या में पशुओं की मौत हुई है। सरकारी आंकड़े चाहें कुछ भी हो । जब किसी भी गांव या शहर के बाहर बीहड़ में निकलते हैं तो वहां पर आ रहीं दुर्गंध से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कितनी अधिक संख्या में पशुधन की मृत्यु हुई है। वहीं अपने दर्शकों व शुभचिंतकों का उन्होंने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि आप लोगों के आशीर्वाद से उनकी क्षेत्र में अलग पहचान बन पाई है इसके लिए मैं सभी का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं बहुत कम समय में दर्शकों के बीच अलग पहचान इन दर्शकों की वजह से बन पाई । उन्होंने युवाओं से अपील करते हुऐ कहा कि पशुओं में आए इस मुसीबत के समय में आगे आकर ज्ञान -विज्ञान व धर्म को एक साथ लेकर इंसानियत के नाते इस विकट परिस्थिति का सामना करें।