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गागरिया गाँव में अतिक्रमण हटाने के दौरान प्रशासन को करना पड़ा जनता के आक्रोश का सामना

ByRameshwar Lal

Aug 23, 2022

प्रशासन की हठधर्मिता के चलते अतिक्रमण की कार्यवाही से पहले ग्रामीणों को नहीं मिली अपना सामान हटाने की मोहलत,

जनता को अनावश्यक रूप से उठाना पडा करोड़ों रुपये का नुकसान

  • पूर्व राज्य मंत्री ने सीएम को पत्र लिखकर जांच कमेटी गठित कर न्याय दिलाने की मांग

बाड़मेर !पूर्व राज्य मंत्री अशरफ अली ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बीते दिनों सरहदी गागरिया गांव में प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ जांच कमेटी गठित कर जांच करने और पीड़ित परिवारों को न्याय देने की मांग की है। अली ने पत्र के माध्यम मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को लिखा है कि गागरिया गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही के दौरान गरीब लोग हाथ जोडकर विनती करते रहे कि दुकानों के अंदर का सामान निकालने के लिए 2 घंटे का समय दे। आवाम हाथ फैला कर समय के लिए विनती करती रही लेकिन प्रशासन ने उनकी एक नहीं सुनी । बड़े पुलिस लाजमे और दर्जन भर जेसीबी मशीनों के जरिए गरीब लोगो के दुकानों और घरों पर बुलडोजर चलाकर उन्हे जमींदोज कर दिया गया। अली ने पत्र में बताया भारत माला के तहत रोड का निर्माण कार्य के लिए गागरिया स्टेशन पर लोगों की बेशकीमती जमीन थी। जिसका दलालों से सांठगांठ कर कीमत का सही आंकलन नहीं किया गया। निवासियों ने इसका विरोध किया अचानक पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचकर करोड़ों रुपए के भवन उसके अंदर कीमती सामान को नुकसान कर दिया गया। वहा की लाचार आवाम चीखती चिल्लाती रही रही लेकिन उनकी कोई सुनने वाला नहीं था।उनकी जिंदगी भर की कमाई, उनके आंखों के आगे उनके आशियाने जमीदोज कर दिए गए। अली ने बताया कि अगर प्रशासन को अतिक्रमण हटाना था तो 1 दिन पहले अल्टीमेटम देते।लोग अपना अंदर से सामान हटा पाते लेकिन प्रशासन ने अपनी हठधर्मिता से किसी की नहीं मानी। चंद दलालों से मिलकर गरीब लोगों के आशियाने उजाड़ दिये।पूर्व राज्यमंत्री अशरफ अली ने मांग की है की सरकार इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कमेटी से जांच कराएं नहीं तो गरीब किसान वर्ग सड़कों पर सरकार के खिलाफ उतरेगा।