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शिक्षा निदेशालय के बिना टी.सी.प्रवेश दिए जाने के आदेश पर प्राईवेट स्कूल संचालकों में भारी आक्रोश, संचालकों ने उपखंड कार्यालय पर किया विरोध प्रदर्शन

ByRameshwar Lal

Jul 13, 2021


जयपुर टाइम्स
सरदारशहर(निसं.)। तहसील क्षेत्र के 110 निजी शिक्षण संस्थान संघ ब्लॉक की आमसभा अध्यक्ष जयचंद सारण व उपाध्यक्ष किशोरसिंह राठौड़ के मुख्य आतिथ्य में आयोजित की गई। बैठक में निजी शिक्षण संस्थान संघ सचिव मनोज शर्मा ने शिक्षा निदेशालय के बिना टी. सी. प्रवेश दिए जाने के आदेश पर निंदा प्रस्ताव पारित कर जबरदस्त आक्रोश व्यक्त किया और आदेश को वापस लेने के लिए मुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री के नाम उपखण्ड अधिकारी रीना छिंपा को ज्ञापन सौंपा। निजी स्कूल संचालकों ने एसडीएम कार्यालय पर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपना विरोध प्रकट किया। शर्मा ने बताया कि प्रदेश के किसी भी स्कूल में अब प्रवेश के लिए स्थानांतरण प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं होगी। इसके साथ ही अन्य कागजात के बगैर भी छात्रों को प्रवेश दे दिया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी इस आदेश का निजी स्कूल संचालकों ने पुरेजोर से विरोध कर इसे वापस लेने की मांग की। दरअसल निजी स्कूल संचालकों में इस बात का भय है कि बिना किसी कागजात के स्कूल में प्रवेश दिए जाने से उनके विद्यार्थी बिना फीस जमा कराए ही अब अन्य स्कूलों में चले जाएंगे। जिससे उनकी बकाया फीस डूब जाएगी। आपको बता दें माध्यमिक शिक्षा विभाग ने अपने आदेश में कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों को बिना किसी दस्तावेजों के अस्थाई प्रवेश देने के आदेश दिए हैं। इस आदेश में शिक्षा के अधिकार कानून का हवाला देते हुए बच्चों को अनौपचारिक शिक्षा से जोडऩे की बात कही गई है। आदेश को लेकर निजी विद्यालय संचालकों ने निंदा प्रस्ताव पारित कर प्रदेश के मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री एवं निदेशालय को ज्ञापन देकर बिना टी.सी. सरकारी विद्यालयों में प्रवेश दिए जाने के आदेश को वापस लेने की मांग की और चेतावनी देते हुए कहा यदि इसे वापस नहीं लिया गया बड़ा आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में भरत गौड़, हरीश शर्मा, श्यामलाल शर्मा, महावीर प्रजापत, परमेश्वर सारण, विनोद जांगिड़, सुनील प्रजापत, वेदप्रकाश शर्मा, माणकचंद शर्मा, रमेश शर्मा, विनोद जांगिड़, बजरंग सारण, रतिराम पूनियाँ, मोहन लाल शर्मा, मान खाँ, भोजराज पारीक, रामलाल सारण, नसीम खान, शुभकरण पारीक, अशोक धौलपुरिया, ओमप्रकाश इसराण, सुनील मिश्र, भानुप्रकाश दानोदिया सहित सैकड़ों निजी शिक्षण संस्थान संचालक मौजूद रहे।