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आयुष मंत्री की मीटिंग में आयुष प्रकोष्ठ ने रखी 11 सूत्रीय मांग

ByRameshwar Lal

Aug 26, 2022

भीलवाड़ा। आयुष विभाग राजस्थान सरकार ने आयुष मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग की अध्यक्षता में विभागीय मीटिंग का आयोजन कर विभाग के चिकित्सा अधिकारी संघ, नर्स कंपाउंडर संघ, एवं परिचारक संघ की समस्याओं के समाधान के लिए गुरुवार को शासन सचिवालय स्थित समिति कक्ष में मीटिंग आयोजित की गई । मीटिंग में आयुष प्रकोष्ठ राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. जलदीप पथिक ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर मांग पत्र प्रस्तुत किया । डॉ. जलदीप पथिक ने बताया कि आयुर्वेद विभाग में मदन मोहन मालवीय राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय उदयपुर एवं सर्वपल्ली डाॅ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन आयुर्वेद विश्वविद्यालय जोधपुर में शैक्षणिक पदों पर जैसे लेक्चरर, प्रवक्ता, सहायक प्रोफेसर, प्रोफेसर एवं पीएचडी पाठ्यक्रमों में अनुसूचित जाति जनजाति का आरक्षण का प्रावधान नहीं रखा गया है साथ ही विभाग में पदोन्नति होने के पश्चात भी रोस्टर रजिस्टर के 100 बिंदुओं की पालना नहीं की जा रही है और ना ही प्रशासनिक पदों पर अनुसूचित जाति जनजाति के अधिकारियों को पदस्थापित किया जा रहा है इन दो मांगों को लेकर मंत्री महोदय डॉ सुभाष गर्ग काफी सकारात्मक सोच रखते हैं उन्होंने आयुष विभाग की शासन सचिव, उप शासन सचिव,एवं निदेशक आयुर्वेद विभाग को निर्देश दिए कि नई भर्ती एवं पदोन्नतियों में अनुसूचित जाति जनजाति का आरक्षण का प्रावधान है इसे संवैधानिक रूप से लागू करना चाहिए भविष्य में आने वाली किसी भी प्रकार की विभागीय भर्ती में आरक्षण का प्रावधान पूर्णतया सुनिश्चित किया जाए यदि आरक्षण की से अक्षरश: पालना नहीं की जाती है तो इससे अनुसूचित जाति जनजाति पिछङी जाति के सदस्यों का हक मारा जाता है आयुष मंत्री डॉ गर्ग ने कहा कि महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालयों में जानबूझकर एक-एक पद विभाग के नाम पर विज्ञप्ति जारी कर देते हैं जो भी असंवैधानिक है इसे राज्य सरकार नियमों के आधार पर कॉलेज अथवा विश्वविद्यालय को इकाई मानकर ही भर्ती प्रक्रिया तय की जाए यदि अलग-अलग विभाग को इकाई मानकर एक-एक पद निकाले जाएंगे तो अनुसूचित जाति जनजाति के अभ्यर्थियों को भारी नुकसान होगा और इन्हें नौकरी के अवसर नहीं मिल पाएंगे जो नियम राज्य सरकार ने तय किए हैं उसी के अनुरूप भर्ती प्रक्रिया तय की जाएगी। आयुष प्रकोष्ठ के कार्यकारी प्रदेश महासचिव डॉ. दिनेश बैरवा ने बताया कि मांग पत्र में उपनिदेशक अथवा वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी ग्रेड प्रथम की डीपीसी की प्रक्रिया 31 अगस्त तक संपन्न कराने , विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों के वार्षिक कार्य मूल्यांकन की ऑनलाइन पूर्ति कराने में 31 अगस्त तक समस्या का समाधान कराने ,आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों की पदोन्नति में ग्रेड पे एवं पे मैट्रिक्स की विसंगति दूर कराने ,नॉन प्रैक्टिस अलाउंस लागू कराने, नियुक्ति पश्चात प्रोबेशन पीरियड 2 वर्ष की जगह 1वर्ष का कराने, सेवारत चिकित्सा अधिकारियों के पीजी अध्ययन के पश्चात उनका अध्ययन अवकाश स्वीकृत कराने, ग्रामीण आयुर्वेद चिकित्सकों का कैडर मर्ज करवाने ,वर्ष 2013 में आरपीएससी से चयनित चिकित्सकों को वरिष्ठता सूची में शामिल कराने ,आयुष विभाग में नर्सिंग स्टाफ एवं परिचारकों के रिक्त पदों पर शिध्र भर्ती कराने आदि 11 मांगों को लेकर मांग पत्र प्रस्तुत किया जिस पर मंत्री डॉ. गर्ग ने सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने, अलग से कमेटी निर्धारण कर सभी मांगों को समय पर निमटाने का आश्वासन दिया तथा सभी समस्याओं के शीध्र प्रस्ताव तैयार करने के लिए विभागिय अधिकारीयों को दिशा निर्देश भी दिए । मीटिंग में आयुष प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ.जलदीप पथिक ने इस मिटिंग को ऐतिहासिक एवं अभूतपूर्व बताकर आयुष मंत्री का आभार भी प्रकट किया। इस अवसर पर आयुष मंत्री डॉ सुभाष गर्ग के अलावा आयुष विभाग की शासन सचिव विनीता श्रीवास्तव, उप शासन सचिव आयुर्वेद रामानंद शर्मा , निदेशक आयुर्वेद विभाग डॉ. आनंद शर्मा आयुष महासंघ के कार्यकारी प्रदेश महासचिव डॉ. दिनेश बैरवा, निदेशक यूनानी विभाग, निदेशक होम्योपैथी विभाग एवं अन्य चिकित्सक संगठनों के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि मौजूद थे ।