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महल चौक को भौमिया दरवाजा के नाम से भी जाना जाता है-सोनी

ByKhushbu Jain

Jul 6, 2021

फेसबुक पेज महामाया अलवर पर हुआ बजरंग बाण का लाइव प्रसारणअलवर। महल चौक में स्थित श्री श्री 1008 श्री भोमिया वाले हनुमान जी महाराज मंदिर में नगर सत्संग संयोजक विश्व हिंदू परिषद के जगदीश सोनी ने बताया कि शहर महल से पहले भौमिया दरवाजा जिसे महल चौक का दरवाजा से भी जाना जाता है। शहर महल मार्ग में हजारी का मोहल्ले से होते हुए जो प्रथम ब?ा विशाल दरवाजा है उसे भोमिया दरवाजा कहा जाता है। भौमिया वाले हनुमान जी के मंदिर में दक्षिण मुखी हनुमान जी की खड़े रूप में मूर्ति विराजमान हैं। इसमें हनुमान जी ने अपने दोनो हाथों में पर्वत उठाया हुआ है। इस पर्वत पर 4 पुरुष मूर्ति व 2 स्त्री रूप मे प्रतिमा हैं। हनुमानजी के चरणों में एक स्त्री रूप में लेटी हुई मूर्ति भी है। इसके साथ ही उनका कहना था कि आज भोमिया वाले हनुमान जी महाराज मंदिर में श्री बजरंग बाण का गायन व स्तुतिवंदन हुआ। सोनी ने बताया कि श्री बजरंग बाण के गायन में सुन्दरकाण्ड का दोहा ‘सगुन उपासक पर हित निरत दृड व्रत नेम । ते नर प्रान समान मम जिनके द्विज पद प्रेम।। अर्थात मूर्ति पूजा करने वाले उपासक का नियम व्रत व पूजा करने का समय तय होना अनिवार्य है, ऐसा भगवान श्रीराम ने अपने मुख से कहा है एक निश्चित समय पर ही पूजा करें। उन्होंने कहा कलयुग में जितनी साधना हनुमान जी की करोगे उतना ही आनन्द व सुख की प्राप्ति होगी।उन्होंने बताया कि तुलसीदास जी ने श्रीरामचरित मानस में लिखा है कि ‘प्रनवउँ पवन कुमार, खल बन पावक ज्ञान घन। जासु हृदय आगार, बसहि राम सर चाप धर।। अर्थात मैं उन पवन पुत्र श्री हनुमान जी की प्रार्थना करता हूं जिनके हृदय में धनुष बाण धारण कर श्रीसीताराम जी का वास है, जो राक्षस रूपी वन (जंगल) को जलाने (नाश करने), में समर्थ है।