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उपखण्ड अधिकारियों ने किया जिले की सभी गौशालाओं एवं पशु चिकित्सा केन्द्रों का निरीक्षण

ByRameshwar Lal

Aug 20, 2022

अलवर। जिला कलक्टर के निर्देशन पर लम्पी स्किन डिजीज की प्रभावी रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु जिले के समस्त उपखण्ड अधिकारियों ने सभी गौशालाओं एवं पशु चिकित्सा केन्द्रों का निरीक्षण किया। उनके साथ पशुपालन विभाग की टीम भी मौजूद रही।
उन्होंने गौशाला प्रबंधन को निर्देश दिये कि लम्पी स्किन डिजीज से संक्रमित पशु को अन्य पशुओं से पृथक रखे, उनके उपचार की व्यवस्था करें, सोडियम हाइपोक्लोराइड का छिडकाव करें, मृत पशुओं का चूना एवं नमक डालकर वैज्ञानिक विधि के अनुसार दफनाए। उन्होंने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि पशुपालकों एवं आमजन को लम्पी स्किन डिजीज रोग के प्रति जागरूक करे।
पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. रमेश चंद मीणा ने बताया कि जिले में अब तक 7 लाख 80 हजार 399 पशुओं का सर्वे किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इस रोग के प्रभावी प्रबंधन, नियंत्रण एवं रोकथाम हेतु राज्य सरकार के निर्देशानुसार पशु बाडों में साफ सफाई, चूने को बिछाना, सोडियम हाइपोक्लोराइड का छिड़काव, जू, चिचड, मच्छर, मक्खी आदि से बचाव हेतु पशुपालकों एवं आमजन को जागरूक किया जा रहा है। साथ ही पशुओं को संतुलित आहार देने, हाथों, कपडों आदि को सैनेटाइज करने, क्यारेंटीन करने, मृत पशु को गांव, गौशाला एवं जल स्त्रोत से दूर डेढ़ मीटर गड्ढे में चुना एवं नमक के साथ वैज्ञानिक विधि से दफनाने के बारे में जानकारी प्रदान की गई। पशुको संक्रमण से बचाव हेतु करें उपाय
उन्होंने बताया कि आयुर्वेद विभाग की मार्गदर्शिका के अनुसार पशुपालकों को सलाह दी जाती है कि स्वस्थ पशु में संक्रमण से बचाव के लिए तुलसी पत्र एक मुट्ठी, दालचीनी 5 ग्राम सौंठ पाउडर एवं मुलेठी में से किसी एक को 20 ग्राम की मात्रा में गुड के लड्डू बना कर इसके सुबह-शाम पशु को 5 ग्राम, कालीमिर्च 10 नग एवं गुड आवश्यकतानुसार एक खुराक अथवा आंवला, अश्वगंधा, गिलॉय खिलाए जाने से रोग के संक्रमण से बचा जा सकता है। पशु के संकमित होने पर करें इनका उपयोग करे
उन्होंने बताया कि पशु में संक्रमण होने की स्थिति में प्रथम तीन दिन पान पत्ते 10 नग, काली मिर्च 10 नग, ढेले वाला नमक 10 नग एवं गुड आवश्यकतानुसार एक खुराक अच्छी तरह पीस कर गुड का लड्डू के साथ संक्रमित पशु को हर तीन घंटे में एक एक लड्डू खिलाना चाहिए। उन्होंने बताया कि पशु के संक्रमित होने पर चार से चौदह दिन में नीम के पत्ते एक मुट्ठी. तुलसी के पत्ते एक मुट्ठी, लहसुन की कली 10 नग, लोंग 10 नग, काली मिर्च पाउडर 10 नग, नान के पत्ते 5 नग, छोटे प्याज 2 नग, धनिया के पत्ते 15 ग्राम, जीरा 15 ग्राम, हल्दी पाउडर 10 ग्राम एवं गुड आवश्यकतानुसार एक खुराक की मात्रा है। इन सामग्री को पीस कर गुड के लड्डू बनाकर पशु को सुबह-शाम एवं रात को एक-एक लड्डू खिलाए।
उन्होंने बताया कि इस रोग से बीमार पशु का दूध गर्म करके उपयोग में लिया जा सकता है। इस बीमारी का वायरस डीएनए वायरस है कोविड-19 की तरह आरएनए वायरस नहीं है तथा यह बीमारी मनुष्यों में नहीं फैलती है।