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मानसून के दौरान करावें अधिकाधिक वृक्षारोपण – जिला कलेक्टर

ByRameshwar Lal

Jun 8, 2021

सीकर 8 जून। जिले की समस्त पंचायत समितियों में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की योजनाओं की समीक्षा के लिए जिला कलेक्टर अविचल चतुर्वेदी की अध्यक्षता में वी.सी. के माध्यम से समीक्षा की गई। मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुरेश कुमार वी.सी में समस्त विकास अधिकारियों को निर्देश दिये कि इस वर्ष के मानसून के दौरान महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत ग्राम पंचायतों में अधिकाधिक पौधारोपण करवाया जावे। उन्होंने इस वर्ष प्रति पंचायत कम से कम 200 पौधे राजकीय परिसरों में लगाने के लिए निर्देशित करते हुए कहा कि पौधों की समय पर देखरेख भी सुनिश्चित की जावे। प्रत्येक विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों को अपने-अपने विभाग द्वारा पौधे लगाने का लक्ष्य आवंटित किया गया। आगामी वर्षों के पौधारोपण के लिए प्रति पंचायत समिति में उपयुक्त स्थान का चयन कर 2 से 3 नर्सरियों की स्थापना की जावे, जिससे ग्राम पंचायतों में स्थानीय स्तर पर ही आसानी से पौधे उपलब्ध हो सकें तथा ग्रामीण जनों को भी अधिक से अधिक पौधारोपण के लिए प्रेरित किया जावे। उन्होंने विद्यालयों व आंगनबाड़ी केन्द्रों पर न्यूट्री गार्डन विकसित करने के निर्देश दिये। इस दौरान अधिशाषी अभियन्ता हरिराम ने महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत अधिक से अधिक श्रमिकों के नियोजन, प्रत्येक पंचायत में कार्य प्रारम्भ कर रोजगार उपलब्ध करवाने, महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत पूर्व वर्षों के अपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करवाने तथा श्रमिकों को कोविड संक्रमण से बचाने के लिए आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिये। वी.सी में भीमा राम चौधरी उप वन संरक्षक सीकर ने नर्सरी तैयारी, साइट सिलेक्शन ,अग्रिम मृदा कार्य वृक्षारोपण कार्य तथा उसका संधारण के संबंध में जिला स्तरीय व ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को सम्पूर्ण जानकारी दी तथा वन विभाग द्वारा वितरित किए जा रहे हैं 4 लाख 96 हजार पौधे किस-किस नर्सरी पर उपलब्ध है के बारे में जानकारी दी ।उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री बजट घोषणा में घर-घर औषधि योजना लागू की गई है उसके अंर्तगत वन विभाग द्वारा औषधीय पौधों की पौधशालाएं विकसित कर तुलसी, गिलोय ,अश्वगंधा व काल मेघ के पौधे तैयार कर आमजन को उपलब्ध कराए जाएंगे। इस वर्ष जिले में आधे परिवारों को 8-8 पौधे अर्थात दो तुलसी, दो गिलोय ,दो अश्वगंधा, दो कालमेघ के पौधे इस बार कुल 8 पौधे निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने घर-घर औषधि योजना के उद्देश्य, योजना का क्रियान्वयन, योजना की अवधि ,पौधे तैयारी ,पौध वितरण व प्रचार-प्रसार अभियान के संबंध में अवगत कराया तथा यह भी बताया कि प्रथम वर्ष में जिले के आधे परिवारों को तथा द्वितीय वर्ष में बचे हुए आधे परिवारों को 8-8 पौधे तीसरे वर्ष में पूरे जिले के समस्त परिवारों को 8-8 पौधे तथा चौथे व पांचवें वर्ष में प्रथम व द्वितीय वर्ष की भांति आधे आधे परिवारों को 8-8 पौधे उपलब्ध कराकर योजना अवधि के 5 साल में प्रत्येक परिवार को कुल 24 पौधे निशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे जिससे इनके औषधीय गुणों का फायदा जिले की समस्त आबादी को मिलेगा। डीएफओ ने सभी उपस्थित अधिकारियों से कहा कि इस योजना का अधिक से अधिक प्रचार प्रसार व लोगों को पौधे प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करने तथा इनके औषधीय गुणों का फायदा उठाने के लिए प्रेरित करने का प्रयास करें जिससे पूरे देश में अपने प्रकार की अनूठी योजना घर-घर औषधि योजना का फायदा समस्त व्यक्तियों को मिल सके। उन्होंने बताया कि इस वर्ष जिले के लगभग 2 लाख 21 हजार 502 परिवारों को वितरित करने के लिए जिले की 10 पौधशाला पर 19 लाख 50 हजार पौधे तैयार किए जा रहे हैं जिनकी तैयारी प्रारंभ कर दी गई है। इच्छुक परिवारों को अपना जनाधार कार्ड अथवा राशन कार्ड दिखाने पर यह पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। वी.सी. में अधीक्षण अभियन्ता सार्वजनिक निर्माण विभाग,अधीक्षण अभियन्ता जलग्रहण प्रहलाद सिंह जाखड़, अधिशाषी अभियन्ता जल संसाधन, अधिशाषी अभियन्ता नरेगा विनोद दाधीच, सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी पूरण मल, उप निदेशक आईसीडीएस सुमन पारीक, उपनिदेशक उद्यान विभाग, एमआईएस मैनेजर राजेश पारीक, कनिष्ठ सहायक प्रदीप कुमार भामू सहित अधिकारी व कार्मिक उपस्थित रहे। ———————-

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