• Fri. Aug 12th, 2022

किसानों को बागवानी योजना से जुडऩे के लिए प्रेरित किया जाए:

ByRameshwar Lal

Jul 20, 2021

जिला कलेक्टर चतुर्वेदी जिला कृषि विकास समिति, जिला आत्मशाषी परिषद की बैठक आयोजित


जयपुर टाइम्स
सीकर(निसं.)। जिला कलेक्टर अविचल चतुर्वेदी ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेती के साथ फलदार पौधे लगाए जाएं तो किसानों की आय में वृद्धि हो सकती है। कृषि अधिकारी और कृषि वैज्ञानिक जिले में बागवानी के लिए किसानों को प्रेरित करें। चतुर्वेदी सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कृषि विकास समिति, आत्मशाषी परिषद की बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि फलदार खेती अपनाकर किसान अपनी आजीविका चलाकर दूसरों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन सकते है, सा संदेश किसानों तक दिया जाए। जिला कलेक्टर अविचल चतुर्वेदी ने कहा कि आत्मा परियोजना द्वारा जिले के किसानों में नवीन तकनीकी से कृषि करने के लिए चेतना जागृत करने के लिये कार्य करें। किसानों की आवश्यकता के अनुसार वार्षिक कार्य योजना तैयार करें तथा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर किसानों को लाभान्वित करवाने के लिये सक्रिय रह कर कार्य करें। जिला कलेक्टर ने कहा कि कोविड गाइड लाईन के अनुसार किसान मेले आयोजित किये जाये तथा जो भी कार्यक्रम हो उसमें मास्क, सैनेटाईजर की पालना करवाई जायें एवं मेले के दौरान किसानों का वैक्सीनेशन कैम्प भी आयोजित किया जायें। किसान मेले में किसानों के उपयोग के लिए कृषि संबंधित जानकारी देने के लिए बुकलेट मुद्रण करवाकर वितरण करवायें। कोई भी किसान जो अच्छा काम कर रहे है उसके लिए सफलता की कहानी तैयार की जाये जिससे अन्य किसानों को इसकी जानकारी मिल सके। बैठक में जिला कलेक्टर ने बाल विकास परियोजना अधिकारी राजेन्द्र घोसल्या के अनुपस्थित रहने को गंभीरता से लेते हुए मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद को चार्जशीट जारी करने के निर्देश दिये।
जिला स्तरीय कृषि समिति की बैठक में समीक्षा करते हुए खाद, बीज, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे में चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि बुवाई का समय है जिसमें किसानों को खाद , बीज की कमी नहीं होनी चाहिए इसके लिए अभी से माकूल व्यवस्था करने के निर्देश दिये। वर्मीकम्पोस्ट खाद के बारे में किसानों को व्यक्तिगत लाभ के लिए कृषि विभाग के अधिकारी को निर्देश दिये।
जिला कलेक्टर ने कहा कि किसानों की मांग व रूचि के अनुसार उनका प्रशिक्षण करवायें। किसानों को नई तकनिकी, नवाचार और नई कृषि विपणन के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए ताकि अधिक से अधिक किसान लाभान्वित हो सके। उन्होंने कहा कि हॉर्टिकल्चर बहुत अच्छी और एडवांस तकनिकी है जिसे किसानों को इस तकनिक से कृषि कार्य करने और नवाचार करने पर अवार्ड मिलते है एवं बाकी किसानों को भी तकनिक के बारे में प्रोत्साहित करें। किसानों को अच्छी गुणवत्ता की ट्रेनिंग दी जाये और मछली पालन के लिए भी प्रशिक्षण देने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि सभी विभाग साथ में मिलकर काम करें ओर किसानों को जानकारी देवें। किसानों को कृषि की उन्नत तकनिकी की जानकारी देने के लिए एक राज्य से दूसरे राज्य में प्रशिक्षण के लिए ले जाया जाये ताकि उनकों जानकारी प्राप्त हो सके। उन्होंने किसानों के बैंकों में खाते खुलवाने के निर्देश दिये ताकि वे बैंकिंग कार्य से जुड़ सके तथा किसानों को वित्तीय लाभ मिल सके।
जिला कलेक्टर ने कहा कि जिले में उद्यानिकी विकास की विपुल संभावनाएं है, जिसमें विभाग फल, सब्जी, मसाला, औषधिय व फूलों की खेती को बढ़ावा देने, फसल क्षेत्र उत्पादन बढ़ाने एवं गुणवत्ता सुधार के लिए भारत सरकार व राज्य सरकार द्वारा विभिन्न अनुदानित योजनाएं संचालित है। जिले में जलवायु परिस्थितियों व मृदा दशाओं के आधार पर फलदार पौधों में अनार, आंवला, बेर , मौसमी , खजूर, नींबू, पपीता, आम की खेती को बढ़ावा दिया जाए। सब्जी के प्रदर्शन व प्रोटेक्टेड कल्टीवेशन के तहत पॉली हाउस (ग्रीन हाउस), शेडनेट हाउस को प्रोत्साहित किया जाए।
बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से किसानों को फसल बीमा के भुगतान, प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना, बायोफर्टीलाईजर की उपलब्धता और इससे वितरण मूगं, मोठ, चना, बीज वितरण की प्रगति, मुख्यमंत्री कृषि साथी योजना सहित फसलों का किसानों के खेतों पर हुए प्रदर्शन की समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
बैठक में सहायक निदेशक उद्यान बनवारी लाल धायल ने बताया कि वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 में सौलर पम्प संयंत्र स्थापना के लिए 605 कृषकों के सौलर पम्प संयंत्र स्थापित करवा दिये गये हैं, शेष कृषकों के सौलर पम्प संयंत्र स्थापना का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020-21 में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनान्तर्गत (सूक्ष्म सिंचाई) लगभग 50.00 लाख रूपये का अनुदान भुगतान कर कृषकों को लाभान्वित कर दिया गया है।

बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद सुरेश कुमार, जिला जल एवं स्वच्छता मिशन के सचिव एवं अधीक्षण अभियंता जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग शिवदयाल मीणा अधिशासी अभियंता खंड सीकर रमेश कुमार राठी, अधिशाषी अभियंता खंड नीमकाथाना माया लाल सैनी, अधिशासी अभियंता खंड लक्ष्मणगढ़ जितेंद्र कुमार सेखसरिया, एडीईओ राकेश तेतरवाल, डॉ.,अजय चौधरी मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी, दिनेश कुमार शर्मा भूजल वैज्ञानिक भूजल विभाग, प्रह्लाद सिंह जाखड़ अधीक्षण अभियंता वाटर शेड , श्रीनिवास नेहरा अधिशासी अभियंता जिला परिषद, उप वन संरक्षक भीवांराम चौधरी, संजय कुमार खींचड़, आईईसी समन्वयक दीपेंद्र सिंह शेखावत सहित संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहें।

error: Content is protected !!