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टोक्यो ओलिंपिक: डिस्क थ्रो में मेडल से चूकीं कमलप्रीत, फाइनल में छठे स्थान; पिछले प्रदर्शन को भी नहीं दोहरा सकीं

ByRameshwar Lal

Aug 3, 2021


टोक्यो। टोक्यो ओलिंपिक के 11वें दिन डिस्क थ्रो में भारत की कमलप्रीत कौर मेडल नहीं जीत सकीं। फाइनल में 6 राउंड के बाद उनका बेस्ट स्कोर 63.70 का रहा और वह छठे स्थान पर रहीं। कमलप्रीत ने 5 में से 2 राउंड में फाउल थ्रो किए। पहले राउंड में उन्होंने 61.62 मीटर और तीसरे राउंड में 63.70 मीटर दूर चक्का फेंका। वे क्वालिफाइंग राउंड के अपने प्रदर्शन को नहीं दोहरा सकीं। क्वालिफाइंग में उन्होंने 64 मीटर की दूरी तक चक्का फेंका था।
पांचवें राउंड में कमलप्रीत ने 61.37 मीटर दूर चक्का फेंका। हालांकि महिला हॉकी में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया और क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को 1-0 से हराया। टीम ने पहली बार ओलिंपिक के सेमीफाइनल में जगह बनाई है।
लगातार बारिश के कारण डिस्क थ्रो के फाइनल मुकाबले को करीब 1 घंटे के लिए रोका गया।
लगातार बारिश के कारण डिस्कस थ्रो के फाइनल मुकाबले को करीब 1 घंटे के लिए रोका गया।
घुड़सवारी के फाइनल में भी भारत को हार मिली। फवाद मिर्जा फाइनल मुकाबले में 23वें स्थान पर रहे। फवाद ने जंपिंग इवेंट ने क्वालिफाइंग राउंड में 25वें स्थान पर रहते हुए फाइनल के लिए क्वालिफाई किया था।
हॉकी में इंडिया ने इतिहास रचा
इससे पहले, भारतीय महिला हॉकी टीम ने इतिहास रच दिया। टीम पहली बार ओलिंपिक के सेमीफाइनल में पहुंच गई है। भारत ने क्वार्टर फाइनल में 3 बार की ओलिंपिक चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को 1-0 से हरा दिया। भारत की गुरजीत कौर ने 22वें मिनट में गोल दागकर टीम को 1-0 की लीड दिलाई। यही गोल निर्णायक साबित हुआ। उन्होंने डायरेक्ट फ्लिक से गोल किया था। ऑस्ट्रेलिया ने पहली बार ड्रैग फ्लिक से गोल गंवाया।

शूटिंग में भारत की उम्मीद खत्म हो गई है। 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन में ऐश्वर्य प्रताप सिंह और संजीव राजपूत फाइनल के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाए। ऐश्वर्य प्रताप सिंह ट्रायल में 21वें स्थान और राजपूत 32वें स्थान पर रहे।

गोल के बाद जश्न मनाती भारतीय टीम।
गोल के बाद जश्न मनाती भारतीय टीम।
रानी रामपाल और वंदना कटारिया ने मिलकर पहले 2 क्वार्टर में काउंटर अटैक किए।
रानी रामपाल और वंदना कटारिया ने मिलकर पहले 2 क्वार्टर में काउंटर अटैक किए।
कमलप्रीत इतिहास बनाने से चूकीं
कमलप्रीत ट्रैक एंड फील्ड इवेंट के इतिहास के फाइनल में पहुंचने वाली 7वीं खिलाड़ी रहीं। उनसे पहले सिर्फ 6 एथलीट ही ट्रैक एंड फील्ड की फाइनल में पहुंचे थे। इसमें से 3 महिलाएं रही हैं। यह एथलीट हैं- कृष्णा पूनिया, पीटी ऊषा और अंजू बॉबी जॉर्ज। कमलप्रीत से पहले डिस्कस थ्रो में कृष्णा पूनिया 2012 ओलिंपिक के फाइनल में पहुंची थीं। कमल का मेडल का सपान टूट गया। वे छठे स्थान पर रहीं।

विमेंस डिस्कस थ्रो फाइनल में अमेरिका की ऑलमैन वैलेरी 68.98 मीटर थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता। जर्मनी की क्रिस्टीन पुडेंज 66.86 मीटर चक्का फेंककर दूसरे स्थान पर रहीं। वहीं क्यूबा की याएमे पेरेज ने 65.72 मीटर के साथ ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। इस इवेंट में पहले 3 अटैम्प्ट के बाद बॉटम-4 एथलीट को बाहर कर दिया जाता है। इसके बाद बाकी बचे 8 एथलीट 3 और अटैम्प्ट करते हैं। हर एथलीट के 6 अटैम्प्ट में जो बेस्ट होगा, उसी को काउंट किया जाता। इसी के आधार पर मेडल तय किए गए।

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