• Tue. Aug 9th, 2022

होम गार्डनिंग:होम गार्डन में नमी बनाए रखने का कारगर उपाय है मल्चिंग, इसके लिए सूखे पत्ते, छाल, सूखी घास, गोबर की खाद जैसे कार्बनिक पदार्थों का उपयोग करें

ByRameshwar Lal

Jun 14, 2021

इस बार बारिश ने जल्दी ही दस्तक दे दी है। इसलिए आपके बगीचे में नमी की कोई कमी तो नहीं होनी चाहिए, लेकिन ऐसा कई बार होता है कि मानसून के दौरान भी कई दिनों तक बादल गायब हो जाते हैं और तेज धूप गिरने लगती है। यह स्थिति नमी के प्रति संवेदनशील कई पौधों के स्वास्थ्य के लिए अच्छी नहीं मानी जाती है। अक्सर नए लगाए पौधों के लिए तो मानसून के मौसम की धूप भी खतरनाक सिद्ध हो सकती है। ऐसे में अपने होम गार्डन में लगाए पौधों को अभी नमी की जरूरत हो या न हो, उनके लिए नमी बनाए रखने का प्रावधान यानी मल्चिंग करना जरूरी है। इसके कई अन्य फायदे भी हैं।

मल्चिंग

पानी के संरक्षण और हरियाली को बरकरार रखने के लिए मिट्टी की मल्चिंग एक प्रभावी उपाय है। मल्चिंग का अर्थ है क्यारियों व गमलों की मिट्टी को कार्बनिक या अकार्बनिक पदार्थों से ढंकना ताकि पानी का अधिक वाष्पीकरण न हो और मिट्टी में नमी बनी रह सके। मल्चिंग के लिए सूखे पत्ते, छाल, सूखी घास या गोबर की खाद जैसे कार्बनिक पदार्थ या गत्ते के टुकड़े का उपयोग किया जा सकता है।पानी के संरक्षण और हरियाली को बरकरार रखने के लिए मिट्टी की मल्चिंग एक प्रभावी उपाय है। मल्चिंग का अर्थ है क्यारियों व गमलों की मिट्टी को कार्बनिक या अकार्बनिक पदार्थों से ढंकना ताकि पानी का अधिक वाष्पीकरण न हो और मिट्टी में नमी बनी रह सके। मल्चिंग के लिए सूखे पत्ते, छाल, सूखी घास या गोबर की खाद जैसे कार्बनिक पदार्थ या गत्ते के टुकड़े का उपयोग किया जा सकता है।

क्या हैं मल्चिंग के लाभ?

बारिश के मौसम में नमी बनाए रखने की जरूरत तो कम हो जाती है, लेकिन मल्चिंग का उपयोग केवल नमी बनाए रखने तक सीमित नहीं है। यह पूरे बगीचे को स्वस्थ रखता है। मल्चिंग मिट्टी में पोषण जोड़ने के अलावा बेहतर वातन और मिट्टी की कंडीशनिंग में भी योगदान करती है। बारिश के दिनों में खरपतवार बहुत ज्यादा हो जाती है तो मल्चिंग का सबसे बड़ा लाभ यह भी है कि वे बगीचे में खरपतवार को भी नियंत्रित करती है। मल्चिंग से मिट्टी को पोषण भी मिलता रहता है। इसलिए चाहे गर्मी का मौसम हो या बारिश का, मिट्टी की मल्चिंग जरूरी है।

error: Content is protected !!