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सौंदर्य-सुरक्षा:मुल्तानी मिट्‌टी सभी प्रकार की त्वचा के लिए किस तरह फ़ायदेमंद होती है और इस समय के हालातों को देखते हुए घर को कैसे सैनिटाइज़ करें जानिए

ByRameshwar Lal

Jul 2, 2021

त्वचा की दोस्त है मुल्तानी मिट्टी

बारिश ने दस्तक दे दी है। इस समय त्वचा को अधिक देखभाल की ज़रूरत होती है।
इस मौसम में त्वचा में चिपचिपाहट रहना, चेहरे पर मुंहासे होना, टैनिंग आदि की समस्या होना सामान्य है क्योंकि गर्मियों और सर्दियों में आपको यह पता रहता है कि या तो चेहरा एकदम सूखा रहेगा या फिर एकदम तैलीय रहेगा लेकिन मानसून में दोनों के बीच की स्थिति होती है।
मुल्तानी मिट्टी सभी तरह की त्वचा की समस्याओं से निजात दिलाकर त्वचा में कसावट लाती है और उसे चमकदार बनाती है। त्वचा की प्रकृति के हिसाब से मुलतानी मिट्‌टी कैसे मदद कर सकती है, देखिए…
रूखी त्वचा के लिए…
2 चम्मच मुल्तानी मिट्टी में 1 चम्मच शहद और एलोवेरा जैल मिलाकर चिकना पेस्ट बनाएं और फिर चेहरे और गर्दन पर लगाकर 20 मिनट के लिए सूखने के लिए छोड़ दें। सूखने के बाद पानी से धो लें और मॉइश्चराइज़र लगाएं।
झुलसी त्वचा के लिए…
1 चम्मच मुल्तानी मिट्टी में 1 चम्मच टमाटर का रस, नींबू का रस, दूध और शहद मिलाएं। इसे चेहरे और प्रभावित हिस्से पर लगाकर और 15 मिनट के लिए रहने दें। फिर ठंडे पानी से चेहरा धो लें। यह काले धब्बों को भी हटाता है।
तैलीय त्वचा के लिए…
2 चम्मच मुल्तानी मिट्‌टी में गुलाबजल डालें, इसे थोड़ा-थोड़ा डालकर मिलाएं। इस पेस्ट को चेहरे पर अच्छी तरह लगाएं। जब यह सूख जाए, तो इसे गुनगुने पानी से धो लें और मॉइश्चराइज़र लगाएं।
बेदाग त्वचा के लिए…
1/2 कप पपीते के गूदे को मैश कर लें और उसमें 1 बड़ा चम्मच मुल्तानी मिट्टी और शहद मिलाएं। इस पेस्ट को चेहरे और गर्दन पर लगाएं। लगभग 15 मिनट के लिए लगा रहने दें और फिर गुनगुने पानी से धो लें। इससे असमान रंगत को एक समान करेगा।
– त्वचा में निखार के लिए
2 चम्मच मुल्तानी मिट्टी, 1/2 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर और दही को मिलाकर पेस्ट बनाएं। इसे चेहरे और गर्दन पर समान रूप से लगाएं और 20 मिनट के लिए छोड़ दें। जब सूख जाए तो पानी से धो लें और फिर मॉइश्चराइज़र लगाएं।
– पिग्मेंटेशन के लिए
1 चम्मच मुल्तानी मिट्टी में 2 चम्मच पपीते के गूदा, 1 चम्मच ओटमील पाउडर, 1/4 चम्मच हल्दी पाउडर, 1/4 चम्मच चंदन पाउडर और गुलाब जल से बने पेस्ट को चेहरे पर लगाएं। सूख जाए तो पानी से धो लें।
– प्राकृतिक चमक के लिए
2 चम्मच मुल्तानी मिट्टी, 1 चम्मच टमाटर का रस और एक चुटकी चंदन का पाउडर लेकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट में एक चुटकी हल्दी पाउडर मिलाएं और चेहरे पर लगाएं। 10 से 15 मिनट के लिए लगा रहने दें। फिर इसे गुनगुने पानी से धो लें।

ध्यान रखेंं…
…किसी भी पैक को लगाने से पहले पैच टेस्ट ज़रूर करें। इससे पता चलेगा कि पैक त्वचा के लिए सही है या नहीं। इन सभी पैक्स को हफ्ते में एक बार लगा सकते हैं।

घर को सैनिटाइज़ करना ज़रूरी है

इस समय घर में इस्तेमाल में आने वाली चीज़ों को कीटाणुरहित करना रोज़मर्रा की सफ़ाई का हिस्सा होना चाहिए। कैसे घर को सैनिटाइज़ करें, जानते हैं।
– गर्म पानी का इस्तेमाल करें
पोछा लगाने के लिए गर्म पानी का इस्तेमाल करें। इसके साथ ही फिनायल डालकर ही पोछा लगाएं।
– साबुन वाले पानी का भी इस्तेमाल
अधिक मात्रा में सैनिटाइज़र का प्रयोग करना संभव नहीं है तो खिड़कियों और दरवाज़ों को साबुन युक्त पानी से धो दें। कोरोना संक्रमित हुए सदस्य के कमरे की खिड़कियों का ख़ास ध्यान रखते हुए सैनेटाइज़ करें।
– इन्हें 15 दिनों में एक बार धो लें
बेडशीट, पर्दे, पिलो कवर, कुशन कवर आदि को 15 दिनों में बदलकर धो लें। इन्हें धोते समय डिटॉल या कीटाणुरहित सॉल्यूशन का इस्तेमाल करें। ऐसा एक बार नहीं बल्कि हर बार जब भी नहाएं या कपड़े धोएं तो पानी में डिटॉल डालें। कपड़े, तौलिये और अन्य कपड़ों को गर्म पानी में धोना बेहतर होगा।
– बीमार व्यक्ति के कपड़े अलग धाेएं
— कपड़े धोने के बाद अच्छी तरह से सुखाए जाना चाहिए। बीमार व्यक्तियों के कपड़े और अन्य चीज़ों को बाकी सदस्यों के कपड़ों के साथ न धोएं।
– पेपर नैपकिन का इस्तेमाल
स्पॉन्ज के बजाय डिस्पोज़ेबल पेपर नैपकिन से चीज़ों को साफ़ करें। स्पॉन्ज या तौलिये का उपयोग करने से कीटाणुओं के अन्य स्थानों पर फैलने की आशंका बढ़ जाती है।
– गैजेट्स पर सीधे स्प्रे न करें
लैपटॉप, मोबाइल जैसे गैजेट्स पर सीधे स्प्रे न करें बल्कि टिश्यू पेपर पर स्प्रे करके फिर साफ़ करें, ताकि गैजेट्स के अंदर पानी या एल्कोहल न जाए।
– इन वस्तुओं की सफ़ाई ज़रूरी
दरवाज़े की कुंडी, स्विच, नल, हैंडल, रेलिंग, बाथरूम, सिंक, डेस्क, टेबल, रिमोट की सफ़ाई करना महत्वपूर्ण होता है। इन सभी पर सैनिटाइज़र स्प्रे करें। लकड़ी की कुर्सियों पर अगर बाहर से आने वाले बैठे हों, तो उन्हें कुछ देर धूप में रख दें। कालीन या रनर का इस्तेमाल इन दिनों ना करें तो बेहतर। इनकी सफ़ाई और सुखाना दोनों मुश्किल होते हैं।
– जूते-चप्पल बाहर ही छोड़कर आएं
अगर सैनिटाइज़र पूरे घर में डाल सकें तो बेहतर है। यदि बाहर जाना पड़ता है तो सुबह का समय चुनें। बाहर से आने वाले व्यक्ति को जूते-चप्पल बाहर ही छोड़कर आने को कहें और तलवों पर सैनेटाइज़र स्प्रे करके घर की चप्पल पहनें व तुरंत नहाकर कपड़े बदल लें। बाहर के कपड़ों को कीटाणुनाशक क्लीनर के पानी में भिगोकर धो लें।
– इन्हें रोज़ाना साफ़ करें
अगर बाथरूम का उपयोग घर के हर सदस्य द्वारा किया जा रहा है तो बीमार व्यक्ति के बाथरूम और टॉयलेट उपयोग करने के बाद हर बार इन्हें डिसइनफेक्ट करना चाहिए। आजकल टॉयलेट सीट स्प्रे भी आते हैं जो आसानी से उपलब्ध होते हैं। इन्हें हर बार टायलेट सीट इस्तेमाल के बाद स्प्रे करें। बाथरूम के नल और डोर नॉब्स सर्दी और फ्लू के वायरस से संक्रमित हो जाते हैं।

ध्यान रखेंं…
सफ़ाई करते समय ग्लव्स ज़रूर पहनें, इससे एलर्जी और संक्रमण का ख़तरा नहीं रहेगा। इस्तेमाल के बाद ग्लव्स फेंक दें और हाथों को धोना न भूलें

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