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चूरू जिले के स्कूलों में गूंजा “कानून से डरो नहीं” का नारा, हजारों विद्यार्थी हुए जागरूक

द्वारा Jaipur Times
चूरू जिले के स्कूलों में गूंजा “कानून से डरो नहीं” का नारा, हजारों विद्यार्थी हुए जागरूक

‘कोर्ट वाली दीदी’ शिकायत पेटी बनी विद्यार्थियों के लिए सुरक्षा का नया माध्यम

चूरू। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (RSLSA) के महाभियान “एम्पावरिंग राजस्थान यूथ: ए लीगल लिटरेसी इनिशिएटिव-2026” के तहत मंगलवार को चूरू जिले में ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडेज’ कार्यक्रम का व्यापक आयोजन किया गया। जिले के विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों में न्यायिक अधिकारियों, पैनल अधिवक्ताओं और पैरा लीगल वालंटियर्स ने पहुंचकर विद्यार्थियों को कानूनी अधिकारों, कर्तव्यों और बुनियादी कानूनों की जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को कानून से डरने के बजाय उसे अपने अधिकारों की रक्षा का माध्यम मानने के लिए प्रेरित किया गया। जिले भर में आयोजित विधिक साक्षरता शिविरों में हजारों विद्यार्थियों ने भाग लिया और कानूनी जागरूकता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को समझा।

चूरू शहर के बेलमाउंट हाई स्कूल सहित जिले के विभिन्न ब्लॉकों के विद्यालयों में विशेष शिविर लगाए गए। बेलमाउंट हाई स्कूल में पीएलवी राजेश कुमार चौधरी सहित विधिक सेवा प्राधिकरण की टीमों ने विद्यार्थियों को डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया। बच्चों को “थिंक बिफोर यू क्लिक” का संदेश देते हुए सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, साइबर धोखाधड़ी से बचाव, बाल अधिकार एवं सुरक्षा, पॉक्सो एक्ट, शिक्षा का अधिकार और मुफ्त विधिक सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

शिविरों में विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि 18 वर्ष से कम आयु में वाहन चलाना कानूनन गलत है। उन्हें यातायात नियमों का पालन करने और सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनने की सीख दी गई।

इस अभियान का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण स्कूलों में स्थापित की जा रही ‘कोर्ट वाली दीदी’ शिकायत पेटी रही। विधिक सेवा प्राधिकरण की टीमों ने विद्यार्थियों को बताया कि यदि स्कूल या बाहर किसी भी प्रकार की रैगिंग, छेड़छाड़, बुलिंग या दुर्व्यवहार होता है, तो वे बिना डर और अपनी पहचान गुप्त रखते हुए शिकायत पेटी में अपनी शिकायत डाल सकते हैं। इस शिकायत पेटी की निगरानी सीधे विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा की जाएगी, जिससे पीड़ित बच्चों को गोपनीय और त्वरित कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चूरू के सचिव ने अपने संदेश में कहा कि यह अभियान केवल कानूनी जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि युवा पीढ़ी को सुरक्षित और सशक्त माहौल उपलब्ध कराने की दिशा में एक सामाजिक आंदोलन है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की पहुंच स्कूलों तक बनाना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है, ताकि बच्चे कानून को डर की तरह नहीं, बल्कि अपने सुरक्षा कवच के रूप में देखें। सही उम्र में कानूनी मार्गदर्शन मिलने से एक मजबूत और जिम्मेदार समाज की नींव तैयार होती है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों के साथ संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किए गए, जिसमें बच्चों ने कानून, साइबर सुरक्षा, यातायात नियमों और बाल अधिकारों से जुड़े सवाल पूछे। समापन पर विद्यार्थियों और शिक्षकों ने साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने, यातायात नियमों का पालन करने और जिम्मेदार नागरिक बनने की शपथ ली।

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