ग्राम सेवा सहकारी समितियों में मल्टी सर्विस एवं कस्टमर हायर सेन्टर की सुविधा प्रारम्भ  दी सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक की बैठक  

ग्राम सेवा सहकारी समितियों में मल्टी सर्विस एवं कस्टमर हायर सेन्टर की सुविधा प्रारम्भ  दी सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक की बैठक  


चूरू। दी सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक की 63 वीं वार्षिक साधारण सभा की ओंकार वाटिका में हुई बैठक में जिले की ग्राम सेवा सहकारी समितियों, क्रय विक्रय सहकारी समितियों, उपभोक्ता हॉलसेल भण्डार, दुग्ध उत्पादन सहकारी समितियों एवं अन्य समितियों के कुल 177 प्रतिनिधि अध्यक्षों ने विचार विमर्श किया।
बैठक में अध्यक्षता कर रहे क्रय विक्रय सहकारी समिति राजगढ़ के अध्यक्ष  गणपतराम ख्यालिया ने कहा कि बैंक मे वर्ष 2022-23 में 73.52 लाख रुपए का संचित लाभ अर्जित किया हैं। जिससे बैंक सदस्यों को 2 वर्षों से लगातार लाभांश वितरण कर रहा हैं। चालू वित वर्ष में बैंक द्वारा अल्पकालीन फसली योजना के तहत जिले के 85029 किसानों एवं नागरिकों की 418.56 करोड़ रुपयों एवं 9120 नए किसानों भी 5.97 करोड़ रु का ऋण उपलब्ध करवाया गया है। उन्होंने कहा कि बैंक पूर्णतया सीबीएस सिस्टम पर संचालित है एवं ग्राहकों को सभी आधुनिक बैकिंग सुविधा दी जा रही है। बैंक द्वारा नाबार्ड एवं राज्य सरकार के सहयोग से ग्राम सेवा सहकारी समितियों में मल्टी सर्विस सेन्टर तथा कस्टमर हायर सेन्टर की सुविधा प्रारम्भ कर दी गई है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बजट घोषणा एव नाबार्ड योजनान्तर्गत 09 समितियों में 100 मैट्रिक टन के नये गोदाम का निर्माण करवाया गया इसी योजना के अन्तर्गत कुल 06 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में गोदाम एवं समिति भवन के मरम्मत का कार्य करवाया गया। बैंक द्वारा व्यक्तिगत दुर्घटना योजनान्तर्गत किसानों को 14.70 करोड़ रु. के क्लेम से लाभान्वित करवाया गया। सभी ग्राम सेवा सहकारी समितियों को भी पूर्ण रूप से कम्प्यूटरीकृत किया जा रहा है।
बैंक के प्रबन्ध निदेशक मदनलाल ने गत आमसभा का कार्यवाही विवरण पढ़कर सुनाया एवं 63 वीं आमसभा के निर्धारित एजेण्डों के अनुसार बैंक के वर्ष 2022-23 को अंकेक्षित लेखों, ऑडिट रिपोर्ट की अनुपालना, बजट की स्वीकृति, स्वीकृत से अधिक हुए व्ययों की पुष्टि, वर्ष 2023-24 स्वीकृत बजट का अनुमोदन, विकास कार्य योजना की प्रगति व अधिकतम साख-सीमा के निर्धारण की स्वीकृति संबंधी प्रस्ताव सदन के पटल पर रखे। विचार विमर्श के पश्चात सर्वसम्मति से सभी प्रस्ताव पारित किये गए। बैठक में ग्राम सेवा सहकारी समितियों द्वारा व्यवसाय वृद्धि के लिए फसली ऋण के अतिरिक्त अन्य विभिन्न प्रकार 170 कार्यों के बारे में जानकारी देते हुए इस ओर विशेष ध्यान देने की महत्ता के बारे में बताया ताकि समिति को अंसतुलन की स्थिति से उतार कर लाभप्रदता की स्थिति में लाने का प्रयास किया जा सके। बैठक में अध्यक्षों ने बैंक एवं समितियों के विकास संबंधी सुझाव नये सदस्यों के क्रम में देने, व्यवस्थापकों की स्क्रीनिंग की कार्यवाही करने के प्रस्ताव दिए गए। इस अवसर पर बैंक के संचालक मण्डल के सदस्य सोहन लाल लोहमरोड,  हेमसिंह शेखावत,  जयप्रकाश शर्मा,  धर्मचन्द्र गोदारा, उपरजिस्ट्रार चूरू सहकारी समित, संदीप शर्मा, जिला सहकार संघ के अध्यक्ष भीखमचंद पुजारी, अध्यक्ष हॉलसेल भण्डार, मोहनलाल गढ़वाल, दुग्ध उत्पादक संघ सरदारशहर लालचन्द मूंड, केवीएसएस रतनगढ़ अध्यक्ष अर्जुनराम, केवीएसएस सरदारशहर अध्यक्ष  लालचंद धीरंग, केवीएसएस अध्यक्ष भगवान दारा, भूमि विकास बैंक के सचिव डॉ. सुनील मांडिया, बैंक अधिकारियों में मुख्य प्रबन्धक सर्वेश वर्मा, वरिष्ठ प्रबंधक हजारीराम, सुरेन्द्रसिंह भाटी, सुनिता राजपाल,  कमल कुमार पाण्डेय, कम्प्यूटर प्रोग्रामर राजपाल सिंह व विपिन मुजाल आदि  उपस्थित रहे।