एक्सरे के लिए मरीज परेशान प्लेट नहीं होने का मिलता है रटा रटाया जवाब

एक्सरे के लिए मरीज परेशान प्लेट नहीं होने का मिलता है रटा रटाया जवाब

 खैरथल 
 
कस्बे के सेटेलाइट अस्पताल में पिछले काफी समय से मरीजों को एक्सरे के लिए ठोकर खाने को मजबूर होना पड़ रहा है सेटेलाइट अस्पताल की इस अव्यवस्था के आलम के चलते मरीजों को अस्पताल के बाहर निजी लैब या अन्य किसी निजी चिकित्सालय में जाकर महंगे दरों पर एक्सरे कराने को मजबूर होना पड़ रहा है। इधर, मरीजों का कहना है कि चिकित्सक पर्ची पर एक्सरे लिख देते हैं लेकिन एक्सरे रूम में पहुंचते ही रटा रटाया जवाब मिलता है प्लेट नहीं है बाहर से करवालो। यदि कोई प्रभाव वाला मरीज पहुंचता है तो उसका एक्सरे तो कर दिया जाता है लेकिन चिकित्सक स्वयं सीट से उठ कर एक्सरे कक्ष में आकर कम्प्यूटर पर देखता है फिर दवाई या सलाह लिखी जाती है। कहने को खैरथल में बड़ा सेटेलाइट अस्पताल है अस्पताल में रोजाना करीब पांच सौ लोग ओपीडी में पर्ची कटवाते हैं लोगों का कहना है कस्बे के लोगों को उस समय बड़ी राहत महसूस होने लगी जब विधायक की अभिशंसा पर राज्य सरकार ने सीएचसी से सेटेलाइट अस्पताल में क्रमोन्नत कराया था लेकिन लोगों के अरमान धरे रह गए। अस्पताल में दुर्घटना व अन्य केसों में तुरंत अलवर के लिए मरीज को रेफर किया जाता है। सेटेलाइट अस्पताल में स्टाफ में आपसी समन्वय नहीं होने की वजह से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।